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सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत
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नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के लिए खड़े परिजन।
- फोटो : Narnol
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रेवाड़ी रोड स्थित सीएल फॉर्म के पास शुक्रवार सुबह डंपर की चपेट में आने से बाइक सवार मां-बेटे की मौत हो गई। डंपर चालक उन्हें कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गया, जिससे दोनों बुरी तरह से कुचल गए। दोनों के शव सड़क में चिपक गए। इसके चलते उनकी पहचान करने और शवों को नागरिक अस्पताल पहुंचाने में पुलिस को काफी परेशानी हुई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हादसे के बाद डंपर चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के गांव रसूलपुर निवासी बिमला देवी (40) अपने बेटा अजय कुमार (20) के साथ काफी समय से गुरुग्राम के गांव जमालपुर में रह रही थीं। वीरवार को मां-बेटा मोटरसाइकिल पर सवार होकर परिजनों से मिलने के लिए गांव रसूलपुर आए थे। शुक्रवार सुबह दोनोें मोटरसाइकिल पर सवार होकर गुरुग्राम जा रहे थे। जब वे रेवाड़ी रोड पर सीएल फार्म हाउस के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। कुछ दूर तक घसीटनेे के बाद डंपर उन्हें कुचलता हुआ चला गया। इसमें मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी दर्दनाक थी कि दोनों के शव सड़क पर चिपक गए। अजय अविवाहित था तथा तीन बहनों का इकलौता भाई था। मृतक के पिता सतवीर बिलासपुर की एक कंपनी में गार्ड की नौकरी करते हैं। वहीं, अजय भी पढ़ाई के साथ-साथ कंपनी में जॉब करता था।
क्षेत्र में ओवरलोड वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। नांगल चौधरी व निजामपुर में खनन क्षेत्र होने के कारण यहां से प्रतिदिन सैकड़ों डंपर आवागमन करते हैं। ये डंपर अपने वाहनों में क्षमता से अधिक सामान भरकर चलते हैं। जिससे न केवल सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, बल्कि आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। हालांकि नारनौल शहर में सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ऐसे वाहनों की नो एंट्री है, पर ग्रामीण क्षेत्रों में दिन-रात ये चलते रहते हैं।
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जानकारी के अनुसार राजस्थान के गांव रसूलपुर निवासी बिमला देवी (40) अपने बेटा अजय कुमार (20) के साथ काफी समय से गुरुग्राम के गांव जमालपुर में रह रही थीं। वीरवार को मां-बेटा मोटरसाइकिल पर सवार होकर परिजनों से मिलने के लिए गांव रसूलपुर आए थे। शुक्रवार सुबह दोनोें मोटरसाइकिल पर सवार होकर गुरुग्राम जा रहे थे। जब वे रेवाड़ी रोड पर सीएल फार्म हाउस के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। कुछ दूर तक घसीटनेे के बाद डंपर उन्हें कुचलता हुआ चला गया। इसमें मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी दर्दनाक थी कि दोनों के शव सड़क पर चिपक गए। अजय अविवाहित था तथा तीन बहनों का इकलौता भाई था। मृतक के पिता सतवीर बिलासपुर की एक कंपनी में गार्ड की नौकरी करते हैं। वहीं, अजय भी पढ़ाई के साथ-साथ कंपनी में जॉब करता था।
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क्षेत्र में ओवरलोड वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। नांगल चौधरी व निजामपुर में खनन क्षेत्र होने के कारण यहां से प्रतिदिन सैकड़ों डंपर आवागमन करते हैं। ये डंपर अपने वाहनों में क्षमता से अधिक सामान भरकर चलते हैं। जिससे न केवल सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, बल्कि आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। हालांकि नारनौल शहर में सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ऐसे वाहनों की नो एंट्री है, पर ग्रामीण क्षेत्रों में दिन-रात ये चलते रहते हैं।
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