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अर्थ शब्दों में नहीं, लोगों के अनुभव से आता है: प्रो. जोहल
Mon, 29 May 2023 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 29 May 2023 12:23 AM IST
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प्रो. नवजीत सिंह को स्मृति चिह्न भेंट करते पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के शिक्षक।
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा जनसंचार के क्षेत्र में अनुसंधान पर केंद्रित व्याख्यान आयोजन किया गया। व्याख्यान में पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला के प्रो. नवजीत सिंह विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को विषय के व्यावहारिक पक्षों को जानने में मददगार होते हैं और विभाग का यह प्रयास सराहनीय है। प्रो. नवजीत सिंह ने दैनिक जीवन में संचार के महत्त्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब हम लगातार संवाद करते हैं, तो दूसरों के साथ 100 प्रतिशत प्रभावी संचार प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने संदेशों के अर्थ की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि अर्थ स्वयं शब्दों में निहित नहीं है बल्कि लोग उन शब्दों से अर्थ कैसे प्राप्त करते हैं। प्रभावी संचार की सबसे सही पहचान यही है कि संदेश को प्राप्त करने वाला संदेश को कैसे समझता है।
प्रो. नवजीत सिंह ने विद्यार्थियों को स्वयं पर चिंतन करने की सलाह देते हुए कहा कि स्वयं को जानना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने महान संचार वैज्ञानिक मार्शल मैक्लुहान के उद्धरण, माध्यम ही संदेश है का उल्लेख करते हुए, एक माध्यम के रूप में मोबाइल फोन की भूमिका पर जोर दिया जो फायदेमंद और हानिकारक दोनों हो सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे शोध के लिए विषयों का चयन करने की सिफारिश की जो उनके दिल करीब हों व जिनमें उनके व्यक्तिगत अनुभव हों। प्रो. नवजीत सिंह जोहल ने प्रभावी पठन तकनीकों का उल्लेख किया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने प्रो. नवजीत सिंह का उनके ज्ञानवर्धक व्याख्यान के लिए सराहना की। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक, विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
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प्रो. नवजीत सिंह ने विद्यार्थियों को स्वयं पर चिंतन करने की सलाह देते हुए कहा कि स्वयं को जानना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने महान संचार वैज्ञानिक मार्शल मैक्लुहान के उद्धरण, माध्यम ही संदेश है का उल्लेख करते हुए, एक माध्यम के रूप में मोबाइल फोन की भूमिका पर जोर दिया जो फायदेमंद और हानिकारक दोनों हो सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे शोध के लिए विषयों का चयन करने की सिफारिश की जो उनके दिल करीब हों व जिनमें उनके व्यक्तिगत अनुभव हों। प्रो. नवजीत सिंह जोहल ने प्रभावी पठन तकनीकों का उल्लेख किया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने प्रो. नवजीत सिंह का उनके ज्ञानवर्धक व्याख्यान के लिए सराहना की। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक, विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
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