प्रदेश सरकार ने आदेश जारी कर सभी सरकारी व निजी स्कूलों को 12 जनवरी तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। लेकिन सोमवार को शहर के कई निजी स्कूल खुले रहे। इनमें अन्य दिनों की तरह पहली से 12वीं तक की कक्षाएं लगीं। दूसरी तरफ सरकारी कार्यालय और बैंक में भी कोरोना नियमों का पालन नहीं किया गया। लोग बिना मास्क के सरकारी कार्यालयों व बैंकों में आवाजाही करते रहे हैं। अगर ऐसे ही लापरवाही चलती रही तो कोरोना संक्रमण एक बार फिर से गांवों में फैलने में देर नहीं लगेगी। भले ही सरकार ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों की चैन तोड़ने के लिए सख्त गाइडलाइन लागू की हैं, लेकिन धरातल पर ये नियम बिल्कुल बेअसर दिखाई दे रहे हैं।
जिले में नाइट कर्फ्यू रात 11 से सुबह 5 बजे तक है, लेकिन सड़कों पर वाहन अब भी दौड़ते नजर आ रहे हैं, हालांकि बाजार बंद हो जाते हैं। सड़क किनारे जो होटल आदि है वो भी पुलिस बंद करवा रही है, पर सड़कों पर वाहन अब भी चलते नजर आ रहे है। नांगल चौधरी अस्थायी बस अड्डे पर हर समय सैकड़ों वाहन गुजर रहे हैं। यहां पर बाइक सवार मास्क तक नहीं लगा रहे हैं।