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Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Last farewell given to Shaheed Mohan with state honours in Gagdwas village of Mahendragarh

महेंद्रगढ़: राजकीय सम्मान के साथ शहीद मोहन को दी गई अंतिम विदाई,  लाडले की झलक पाने को बेताब रहे ग्रामीण

Thu, 26 May 2022 11:48 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 26 May 2022 11:48 PM IST
सार

सीआरपीएफ की टुकड़ी ने शहीद को सलामी दी। लाडले की झलक पाने को ग्रामीण बेताब रहे। मोहन कार्यशाला में काम के दौरान मशीन की चपेट में आने से घायल हुए थे, उपचार के दौरान निधन हुआ।

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Last farewell given to Shaheed Mohan with state honours in Gagdwas village of Mahendragarh
गांव गागड़वास में शहीद मोहन को हाथ जोड़कर नमन कर अंतिम विदाई देता शहीद का बेटा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बिजापुर में सीआरपीएफ में कारपेंटर के रूप में तैनात हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव गागड़वास निवासी मोहन कार्यशाला में मशीन की चपेट में आकर घायल हो गए थे। उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। गुरुवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव आने पर मातम छा गया। अपने लाडले के अंतिम दर्शन को ग्रामीण उमड़ पड़े। अंतिम दर्शन के बाद राजकीय सम्मान के साथ मोहन का अंतिम संस्कार किया गया।

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गागड़वास निवासी मोहन (34) वर्ष 2010 में सीआरपीएफ की 170वीं बटालियन में बतौर कारपेंटर भर्ती हुए थे। वे छत्तीसगढ़ के बिजापुर में तैनात थे। मंगलवार को कार्यशाला में काम के दौरान मशीन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
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गुरुवार को देर शाम को शहीद मोहन का पार्थिव शरीर महेंद्रगढ़ लाया गया जहां शाम होने के बाद महेंद्रगढ़ -रेवाड़ी रोड पर एक निजी स्थल पर पार्थिव शरीर रखा गया। वीरवार को शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गागड़वास में ले जाया गया जहां पर उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के पार्थिव शरीर के साथ आए 139 बटालियन नई दिल्ली से निरीक्षक कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पहुंची सीआरपीएफ के जवानों की टुकड़ी ने मातमी धुन बजाकर सलामी दी। शहीद मोहन के दो बच्चे हैं।

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