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ओलावृष्टि के साथ झमाझम बारिश

Sun, 01 Jun 2014 10:58 PM IST
नारनौल
नारनौल Updated Sun, 01 Jun 2014 10:58 PM IST
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जनपद में शनिवार रात को झमाझम बारिश हुई। नारनौल शहर में 114 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई जो मई माह में कई वर्षों का रिकॉर्ड है। बरसात के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। वहीं ज्येष्ठ माह में ही श्रावण मास जैसी बारिश होने से किसानाें के चेहरे खिल उठे। बरसात के बाद अब किसान खरीफ फसल की बुआई शुरू करेंगे।
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शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे से ओलावृष्टि के साथ तेज बरसात शुरू हुई। बरसात का पहला दौर करीब डेढ़ घंटे चला। तेज हवाओं के साथ हुई इस बरसात ने शहर के मुख्य बाजाराें को तरबतर कर दिया। इस कारण शाम के समय लोगाें को परेशानी भी हुई। रात नौ बजे के बाद फिर से बरसात का दौर शुरू हुआ। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। रात भर बरसात होने के कारण न्यूनतम तापमान में 11 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को जहां न्यूनतम तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया था, वह रविवार को 19 डिग्री पर आ गया। इससे लोगाें को झुलसा देने वाली गर्मी से राहत मिली।
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बाजार, सड़कें और मोहल्ले हुए जलमग्न
बारिश के कारण शहर के बाजार, सड़कें तथा गली मोहल्ले सब जलमग्न हो गए। डीसी आवास भी पानी से भर गया। बारिश की वजह से पार्क गली, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, महावीर चौक से मुख्य बाजार की ओर, ऑफिसर कालोनी, मोहल्ला जमालपुर, सैन चौक, नई सराय में राधा कृष्ण मंदिर मार्ग, रविदास मंदिर मार्ग, गर्ल आईटीआई के पास, पुरानी कचहरी के पास, मोहल्ला चांदुवाड़ा में शनि मंदिर के पास, जैन धर्मशाला के पास, मोहल्ला नलापुर, मोहल्ला खड़खड़ी समेत अनेक गली मोहल्ले में पानी भर गया। शाम को हुई बरसात के कारण लोगाें को आवागमन में भी भारी परेशानी हुई। कई बाइक व स्कूटी ज्यादा पानी के कारण बीच रास्ते में ही बंद होकर खड़ी हो गईं।
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बरसा सोना, शुरू करेंगे बुआई
ज्येष्ठ मास में श्रावण मास जैसी बरसात होना किसानाें के लिए सोना बरसने से कम नहीं है। कई बार किसान अपनी खरीफ की फसलों की बुआई के लिए श्रावण मास तक बरसात का इंतजार करते हैं लेकिन बरसात नहीं होती। होती भी है तो हल्की। हालांकि इस बार भगवान ने किसानाें के लिए ज्येष्ठ मास में ही सोना बरसा दिया। किसान अब खरीफ की फसल जौ, बाजार, ग्वार व कपास की फसल की बुआई में जुट जाएंगे। बतादें कि जिले में सबसे ज्यादा बाजार व ग्वार की बुआई होती है। इतना पानी बरसने के बाद यह फसल आसानी से उग आएगी।

नई अनाज मंडी में भरा पानी
शहर की नई अनाज मंडी में बरसात के कारण लबालब पानी भर गया। इससे लोगाें को भारी परेशानी हुई। वहीं मंडी में भरे पानी के कारण व्यापारियाें को भी नुकसान हुआ है। बोरियों में रखा अनाज बरसात की भेंट चढ़ गया।

अंडर पास ब्रिज बन गया नदी
बरसात के कारण फाटक नंबर 47 के पास बना अंडर पास ब्रिज नदी बन गया। इससे ब्रिज के दोनाें तरफ रहने वाले लोगाें को परेशानी हुई। यहां के निवासी राव राजाराम व रोहताश ने बताया कि यहां से ताजपुर बेचीराग गांव, टहला व ढाणी आदि को रास्ता जाता है लेकिन ब्रिज में पानी भर जाने के कारण यह रास्ता बंद हो गया है। उन्हाेंने बताया कि इस बारे में वे कई बार रेलवे अधिकारियाें से मिल चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि इस ब्रिज को बंद कर पुराना फाटक खोल दिया जाना चाहिए।



मौसम हुआ सुहाना, पारा गिरा
बरसात के कारण रविवार को मौसम सुहाना हो गया। गत तीन-चार दिन से क्षेत्र में जबरदस्त गर्मी पड़ रही थी। इस कारण पारा 45 डिग्री पार कर गया था। वही न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री तक पहुंच गया था, जो अब गिरकर 19 डिग्री पहुंच गया।
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