फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Jail superintendent surrendered in court after 172 days

जेल पुलिस अधीक्षक ने इतने दिन बाद किया सरेंडर 19-08-14

Tue, 31 May 2022 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 31 May 2022 12:27 AM IST
विज्ञापन
Jail superintendent surrendered in court after 172 days
नारनौल। नारनौल जेल के बहुचर्चित रिश्वत कांड में पुलिस से बचकर भाग रहे आरोपी जेल अधीक्षक अनिल कुमार जांगड़ा ने 172 दिन बाद सोमवार को नारनौल की अदालत में समर्पण किया। इस दौरान विजिलेंस ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। पिछले महीने ही विजिलेंस ने कोर्ट के जरिये उसे जेलर को फरार घोषित किया था।
विज्ञापन

विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार एक लाख रुपये की रिश्वत मामले में फरार चल रहे रेवाड़ी जेल अधीक्षक अनिल कुमार के पास नारनौल जेल का भी चार्ज था। इसी दौरान उनका नाम रिश्वत से जुड़ा और लंबी छुट्टी के बाद फरार हो गया। 18 अप्रैल 2022 को भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट से उद्धोषित अपराधी घोषित कराया गया था। इसके साथ ही विजिलेंस की टीमें लगातार आरोपी जेलर की तलाश कर रही थी। पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश और सेशन कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद आखिरकार अनिल कुमार जांगड़ा ने कोर्ट में समर्पण किया। इस मामले में नामजद जेल उप पुलिस अधीक्षक कुलदीप हुड्डा 24 फरवरी की रात को गुरुग्राम में आत्म हत्या कर चुके हैं।
विज्ञापन

विजिलेंस टीम ने आरोपी जेल पुलिस अधीक्षक अनिल जांगड़ा के रेवाड़ी आवास पर 14 दिसंबर को सुबह के समय छापा मारा था लेकिन सूचना लीक होने की वजह से वह पहले ही घर छोड़कर फरार हो गया था। तब से वह अपने आपक बचाने के लिए जिला सत्र कोर्ट तथा हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर रहा था लेकिन कोर्ट से उसे राहत नहीं मिली। टीम ने उसके घर पर कई नोटिस भी भेजे तथा कोर्ट ने 18 अप्रैल भगोड़ा घोषित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
बाक्स:
यह था मामला:
हरियाणा की स्टेट विजिलेंस नूंह की टीम ने 09 दिसंबर 2021 नारनौल जेल के वार्डन राजन को एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। पकड़े जाने पर आरोपी ने दूसरे जेल वार्डन गजे सिंह का नाम बताया। मामले की जांच में तत्कालीन जेल अधीक्षक अनिल जांगड़ा एवं उप अधीक्षक कुलदीप हुड्डा का नाम भी सामने आया था। इसके बाद जेल पुलिस अधीक्षक अनिल जांगड़ा एवं जेल उप अधीक्षक कुलदीप हुड्डा छुट्टी लेकर फरार हो गए थे। गैंगेस्टर विक्रम उर्फ पपला का साथी संदीप सिंधिया निवासी गांव मौखूता जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। जेल वार्डन ने चक्की से बचने, मोबाइल व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के नाम पर बंदी संदीप से एक लाख रुपये की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed