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Mahendragarh-Narnaul News: टूटे डेस्क और फटी दरी परबैठ पढ़ाई कर रहे मासूम
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फोटो संख्या51अनाज मंडी स्थित प्राथमिक स्कूल में फटी दरी पर बैठे विद्यार्थी। संवाद
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महेंद्रगढ़। शहर के अनाज मंडी स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला को अव्यवस्था की मार लगातार खोखला कर रही है और शिक्षक खुले में कक्षाएं लगाने को लाचार हैं। भवन की दीवारों व छत से मलबा झड़ रहा है और शिक्षक डर के साये में नौनिहालों को पढ़ाई करवा रहे हैं।
पाठशाला का भवन काफी पुराना है और अब इसके मरम्मत या पुनर्निर्माण की दरकार है। भवन की दीवारों से चूना झड़ रहा है और छतों से मलबा भी गिर रहा है। इसके साथ ही दीवारों में भी मोटी दरारें आ चुकी हैं और इनके भी गिरने की आशंका बनी हुई है। छत के स्लैब के बीच से मलबा गिर चुका है और बारिश के समय भवन की छतें टपकती रहती हैं।
अब भी छतों में सीलन बनी हुई है। अब सर्दी का मौसम आ चुका है और शिक्षक बरामदे व प्रांगण में कक्षाएं लगा रहे हैं। उनका कहना है भवन की स्थिति जर्जर हो चुकी है और प्रतिदिन मलबा झड़ने से हादसे का भय रहता है। इसके कारण अब बच्चों की कक्षाएं बाहर लगानी पड़ रही हैं। शिक्षक स्वयं भवन में साफ सफाई कर रहे हैं और यहां पर स्वीपर की भी कोई व्यवस्था नहीं है। संवाद
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फटी दरियों व टूटे डेस्क पर बैठने को मजबूर विद्यार्थी
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए डेस्क व दरियों की भी उचित व्यवस्था नहीं है। अधिकतर टूट चुके हैं और दरियां भी फट चुकी हैं। कुछ डेस्क ठीक हैं और इन पर विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यालय में टूटे डेस्क का ढेर लगा हुआ है और बिना मरम्मत विद्यार्थी बैठ नहीं पा रहे हैं। सुविधाओं के अभाव में फटी दरियां बिछाकर जमीन पर बैठने को मजबूर हैं। बजट नहीं मिलने के कारण डेस्क पर जंग लग रहा है और मरम्मत नहीं हो पा रही है।
भवन में नहीं टॉयलेट व जल निकासी व्यवस्था
स्कूल भवन पुराना है लेकिन इसमें टॉयलेट व जल निकासी की व्यवस्था भी नहीं है। भवन का जमीन स्तर सड़क से नीचा है। इसके कारण इनका कनेक्शन भी सीवर या नाले में नहीं है। अगर बाहर पानी जाता है तो पड़ोसी स्कूल में आकर कहासुनी करते हैं। अब विद्यालय की ओर से पानी निकासी के लिए प्रांगण में गड्ढा खोदकर पानी सोखने की व्यवस्था की गई है।
एक भवन में तीन केंद्र हो रहे संचालित
अनाज मंडी के इस भवन में पाठशाला बनाई गई है और इसमें पहली से पांचवीं तक 40 विद्यार्थी पढ़ते हैं जबकि दो टीचर तैनात हैं। इस भवन में तीन केंद्र संचालित हो रहे हैं। स्कूल के अलावा एक आंगनबाड़ी और एक ड्रॉप आउट के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है। तीनों जगह पर ही नौनिहालों की उपस्थिति है।
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वर्जन
भवन की हाल ही में मरम्मत कराई गई थी। स्कूल में अब फिर से जांच कर मरम्मत करवा दी जाएगी और डेस्क की व्यवस्था विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार ठीक है लेकिन अगर कमी है तो इनकी व्यवस्था भी जल्द होगी। पानी निकासी का भी उचित प्रबंध करवा दिया जाएगा। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -अलका, खंड शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़
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पाठशाला का भवन काफी पुराना है और अब इसके मरम्मत या पुनर्निर्माण की दरकार है। भवन की दीवारों से चूना झड़ रहा है और छतों से मलबा भी गिर रहा है। इसके साथ ही दीवारों में भी मोटी दरारें आ चुकी हैं और इनके भी गिरने की आशंका बनी हुई है। छत के स्लैब के बीच से मलबा गिर चुका है और बारिश के समय भवन की छतें टपकती रहती हैं।
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अब भी छतों में सीलन बनी हुई है। अब सर्दी का मौसम आ चुका है और शिक्षक बरामदे व प्रांगण में कक्षाएं लगा रहे हैं। उनका कहना है भवन की स्थिति जर्जर हो चुकी है और प्रतिदिन मलबा झड़ने से हादसे का भय रहता है। इसके कारण अब बच्चों की कक्षाएं बाहर लगानी पड़ रही हैं। शिक्षक स्वयं भवन में साफ सफाई कर रहे हैं और यहां पर स्वीपर की भी कोई व्यवस्था नहीं है। संवाद
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फटी दरियों व टूटे डेस्क पर बैठने को मजबूर विद्यार्थी
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए डेस्क व दरियों की भी उचित व्यवस्था नहीं है। अधिकतर टूट चुके हैं और दरियां भी फट चुकी हैं। कुछ डेस्क ठीक हैं और इन पर विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यालय में टूटे डेस्क का ढेर लगा हुआ है और बिना मरम्मत विद्यार्थी बैठ नहीं पा रहे हैं। सुविधाओं के अभाव में फटी दरियां बिछाकर जमीन पर बैठने को मजबूर हैं। बजट नहीं मिलने के कारण डेस्क पर जंग लग रहा है और मरम्मत नहीं हो पा रही है।
भवन में नहीं टॉयलेट व जल निकासी व्यवस्था
स्कूल भवन पुराना है लेकिन इसमें टॉयलेट व जल निकासी की व्यवस्था भी नहीं है। भवन का जमीन स्तर सड़क से नीचा है। इसके कारण इनका कनेक्शन भी सीवर या नाले में नहीं है। अगर बाहर पानी जाता है तो पड़ोसी स्कूल में आकर कहासुनी करते हैं। अब विद्यालय की ओर से पानी निकासी के लिए प्रांगण में गड्ढा खोदकर पानी सोखने की व्यवस्था की गई है।
एक भवन में तीन केंद्र हो रहे संचालित
अनाज मंडी के इस भवन में पाठशाला बनाई गई है और इसमें पहली से पांचवीं तक 40 विद्यार्थी पढ़ते हैं जबकि दो टीचर तैनात हैं। इस भवन में तीन केंद्र संचालित हो रहे हैं। स्कूल के अलावा एक आंगनबाड़ी और एक ड्रॉप आउट के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है। तीनों जगह पर ही नौनिहालों की उपस्थिति है।
वर्जन
भवन की हाल ही में मरम्मत कराई गई थी। स्कूल में अब फिर से जांच कर मरम्मत करवा दी जाएगी और डेस्क की व्यवस्था विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार ठीक है लेकिन अगर कमी है तो इनकी व्यवस्था भी जल्द होगी। पानी निकासी का भी उचित प्रबंध करवा दिया जाएगा। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -अलका, खंड शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़

फोटो संख्या51अनाज मंडी स्थित प्राथमिक स्कूल में फटी दरी पर बैठे विद्यार्थी। संवाद

फोटो संख्या51अनाज मंडी स्थित प्राथमिक स्कूल में फटी दरी पर बैठे विद्यार्थी। संवाद

फोटो संख्या51अनाज मंडी स्थित प्राथमिक स्कूल में फटी दरी पर बैठे विद्यार्थी। संवाद