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Mahendragarh-Narnaul News: पशुओं की जानकारी होगी ऑनलाइन, घर-घर जाएंगे कर्मी
Sun, 01 Sep 2024 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 01 Sep 2024 11:56 PM IST
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फोटो नंबर-01प्रशिक्षण लेते हुए पशु पालन विभाग के कर्मचारी।
नारनौल। देशभर में पशुओं की 21वीं गणना का कार्य एक सितंबर से शुरू हो गया है। इसके लिए पशुपालन विभाग के स्टाफ को ट्रेनिंग प्रदान की गई है, जो जिले के प्रत्येक घर में जाकर पशुओं की जानकारी जुटाएंगे। जब संपूर्ण जानकारी एकत्रित हो जाएगी, उसके बाद आवारा पशुओं यानि बेसहारा गोवंश व कुत्तों आदि की गणना का कार्य भी किया जाएगा। यह गणना मोबाइल एप के जरिए की जाएगी, जिसकी ट्रेनिंग पशुपालन विभाग अधिकारियों व कर्मचारियों को दे दी गई है।
पिछली बार पशुओं की गणना का कार्य वर्ष 2019 में किया गया था, जो पांच साल बाद फिर से किया जा रहा है। यह कार्य करीब चार महीने तक चलेगा। इसके लिए जिला नोडल अधिकारियों तथा स्टेट अधिकारियों को ट्रेनिंग देने के लिए 6 अगस्त को अमृतसर में नॉर्थ इंडिया के हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल आदि राज्यों का प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। इसके बाद जिला स्तर पर चले ट्रेनिंग कार्यक्रमों में वेटनरी सर्जन, वीएलडीए एवं सुपरवाइजर को प्रशिक्षित किया गया। नारनौल में डा. मधु सूदन को जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है और डीडी (एएच) डा. चंद्रभान सोनी भी इस पर विशेष निगरानी रखेंगे। जिले में तीन दिन चली ट्रेनिंग में 67 इनोवेटर यानि प्रगणक तथा 14 सुपरवाईजर यानि वेटनरी सर्जन मिलकर इस पशु गणना के कार्य को पूरा करेंगे।
गणना करना होता है लाभप्रद
गणना करना न केवल नीति निर्माताओं, बल्कि कृषि विशेषज्ञों, व्यापारियों, उद्यमियों, डेयरी उद्योग और आम जनता के लिए भी लाभप्रद साबित होगा। इस रिपोर्ट से कुछ ऐसे अहम निष्कर्ष उभर कर सामने आते हैं, जो पशुओं की विभिन्न नस्लों की कुल संख्या के साथ-साथ पिछली गणना से इसकी तुलना को भी प्रतिबिंबित करते हैं। साथ ही आमजन की पूर्ति जैसे दूध व मांस इत्यादि का अनुपात भी गणना से निकल पाता है, जो नीति बनाने में मददगार सिद्ध होता है।
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मोबाइल एप पर फीड होगा डाटा
पशु गणना करने के लिए विभाग के प्रशिक्षित कर्मचारी व अधिकारी लोगों के घर-घर जाएंगे व उनके यहां पाले जा रहे पशुओं की जानकारी जुटाएंगे। जो मोबाइल एप पर 16 प्रकार के अलग अलग कैटेगरी के पशु व पक्षियों की जानकारी जुटाकर डाटा फीड करेंगे और इसी डाटा के आधार पर गणना की जाएगी।
2019 की पशुओं की स्थिति
अब पशुओं की जो गणना की जा रही है, वह 21वीं गणना है। इससे पहले 20वीं गणना 2019 में की गई थी। इसके अनुसार जिले में 51113 गाय, 187207 भैंस, 22995 भेड़, 45967 बकरी व 1354 सुअर थे। यानि जिले में तब 3,08,636 पशुधन था।
एक सितंबर से पशुओं की गणना शुरू कर दी गई है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरी क्षेत्र में पालतू व बेसहारा पशुओं की गणना होगी। पशुओं की गणना मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी। पशुओं की जानकारी अब ऑनलाइन होगी। कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है व रविवार से घर-घर जाकर यह कार्य शुरू किया जा रहा है।
डा. चंद्रभान सोनी, उप निदेशक पशुपालन विभाग नारनौल।
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पिछली बार पशुओं की गणना का कार्य वर्ष 2019 में किया गया था, जो पांच साल बाद फिर से किया जा रहा है। यह कार्य करीब चार महीने तक चलेगा। इसके लिए जिला नोडल अधिकारियों तथा स्टेट अधिकारियों को ट्रेनिंग देने के लिए 6 अगस्त को अमृतसर में नॉर्थ इंडिया के हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल आदि राज्यों का प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। इसके बाद जिला स्तर पर चले ट्रेनिंग कार्यक्रमों में वेटनरी सर्जन, वीएलडीए एवं सुपरवाइजर को प्रशिक्षित किया गया। नारनौल में डा. मधु सूदन को जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है और डीडी (एएच) डा. चंद्रभान सोनी भी इस पर विशेष निगरानी रखेंगे। जिले में तीन दिन चली ट्रेनिंग में 67 इनोवेटर यानि प्रगणक तथा 14 सुपरवाईजर यानि वेटनरी सर्जन मिलकर इस पशु गणना के कार्य को पूरा करेंगे।
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गणना करना होता है लाभप्रद
गणना करना न केवल नीति निर्माताओं, बल्कि कृषि विशेषज्ञों, व्यापारियों, उद्यमियों, डेयरी उद्योग और आम जनता के लिए भी लाभप्रद साबित होगा। इस रिपोर्ट से कुछ ऐसे अहम निष्कर्ष उभर कर सामने आते हैं, जो पशुओं की विभिन्न नस्लों की कुल संख्या के साथ-साथ पिछली गणना से इसकी तुलना को भी प्रतिबिंबित करते हैं। साथ ही आमजन की पूर्ति जैसे दूध व मांस इत्यादि का अनुपात भी गणना से निकल पाता है, जो नीति बनाने में मददगार सिद्ध होता है।
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मोबाइल एप पर फीड होगा डाटा
पशु गणना करने के लिए विभाग के प्रशिक्षित कर्मचारी व अधिकारी लोगों के घर-घर जाएंगे व उनके यहां पाले जा रहे पशुओं की जानकारी जुटाएंगे। जो मोबाइल एप पर 16 प्रकार के अलग अलग कैटेगरी के पशु व पक्षियों की जानकारी जुटाकर डाटा फीड करेंगे और इसी डाटा के आधार पर गणना की जाएगी।
2019 की पशुओं की स्थिति
अब पशुओं की जो गणना की जा रही है, वह 21वीं गणना है। इससे पहले 20वीं गणना 2019 में की गई थी। इसके अनुसार जिले में 51113 गाय, 187207 भैंस, 22995 भेड़, 45967 बकरी व 1354 सुअर थे। यानि जिले में तब 3,08,636 पशुधन था।
एक सितंबर से पशुओं की गणना शुरू कर दी गई है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरी क्षेत्र में पालतू व बेसहारा पशुओं की गणना होगी। पशुओं की गणना मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी। पशुओं की जानकारी अब ऑनलाइन होगी। कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है व रविवार से घर-घर जाकर यह कार्य शुरू किया जा रहा है।
डा. चंद्रभान सोनी, उप निदेशक पशुपालन विभाग नारनौल।