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पांच मिनट के सफर में लग रहे 30 मिनट

Mon, 12 Sep 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 12 Sep 2016 12:24 AM IST
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नारनौल। बाईपास बनने के बाद भी बेरोकटोक ट्रकों और ओवरलोड वाहनों के आवागमन से शहर में लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। भारी वाहनों के कारण जहां जाम आम हो गया है वहीं हादसे भी बढ़ गए हैं। शहर के लोगों का कहना है कि बाईपास बनने के बाद भी भारी और ओवरलोड वाहनों का शहर में प्रवेश पर रोक लगनी चाहिए। सबसे ज्यादा परेशानी शाम होते ही शुरू हो जाती है। सात बजे बाद शहर के सिंघाना रोड, रेवाड़ी रोड और निजामपुर रोड पर ट्रकों और ओवरलोड वाहनों की वजह से निकलना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी सिंघाना रोड पर होती है। हीरो होंडा टी-प्वाइंट से महावीर चौक तक ट्रकों की लगी लंबी लाइन के कारण पांच मिनट की दूरी तय करने 30 मिनट तक लग रहे हैं।
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नारनौल और नांगल चौधरी क्षेत्र में पत्थरों और बजरी के खनन का काम होता है। वहीं राजस्थान के खेतड़ी, सिंघाना और नीमकाथाना क्षेत्र में भी खनन होता है। इस कारण इन क्षेत्रों से रोड़ी, बजरी और पत्थर लेकर रोजाना हजारों की संख्या में ट्रक नारनौल से होकर गुजरते हैं। इनकी दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, रोहतक जैसे बड़े शहरों में आपूर्ति करते हैं। शहर में ट्रकों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने के कारण हो रहे हादसों से निजात पाने के लिए कांग्रेस सरकार ने एक बाईपास बनवाया था। यह 2014 में बनकर तैयार हो गया। इसके बाद नांगल चौधरी, निजामपुर व सिंघाना से महेंद्रगढ़, दादरी व रोहतक की तरफ जाने वाले ट्रकों से तो शहर के लोगों को निजात मिल गई, मगर रेवाड़ी, दिल्ली और गुड़गांव की तरफ जाने वाले ट्रकों से निजात नहीं मिल पाई। इस कारण अभी भी दिन और रात को सैकड़ों ट्रक शहर के निजामपुर रोड से होते हुए सिंघाना रोड, महावीर चौक व रेवाड़ी रोड के रास्ते जाते हैं। इससे कई बार दिन में व रात को सात बजे बाद इन मुख्य मार्गों पर वाहनों का भारी जमावड़ा लगा जाता है। इससे इस मार्ग पर आने-जाने वाले लोगों व वाहन चालकों को बड़ी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि इन ट्रकों की एंट्री का समय अगर थोड़ा कम कर दिया जाए तो परेशानी कम होगी।
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- सुबह आठ से रात आठ बजे तक शहर में नो एंट्री
वैसे तो एसपी हामिद अख्तर ओवरलोड वाहनों के प्रति सख्त हैं। उन्होंने शहर में ओवरलोड वाहनों व ट्रकों की नो एंट्री के लिए सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक का समय दिया गया है, मगर फिर भी अनेक बार ट्रक चालक नो एंट्री के समय में ही प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे में शाम को सात बजे बाद ही सिंघाना रोड व रेवाड़ी रोड पर ट्रकों की लंबी-लंबी लाइन लगी रहती है। वहीं सुबह-सुबह आठ बजे से पूर्व भी ट्रकों व ओवरलोड वाहनों की लाइन लग जाती है। जिसके कारण होंडा चौक से महावीर चौक की ओर आने वाले व रेवाड़ी रोड पर जाने वाले लोगों का पांच मिनट का सफर 30 मिनट में तय होने लग गया है।
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-सुबह छह बजे से रात को नौ बजे तक हो नो एंट्री
शहर के ओमप्रकाश, दिवाकर, सतीश कुमार, जयप्रकाश, राकेश कुमार आदि ने मांग की है कि सुबह-सुबह स्कूल की गाडिय़ां ज्यादा चलती हैं। इसलिए एंट्री सुबह छह बजे ही बंद हो जानी चाहिए। वहीं रात को आठ बजे की बजाय इसे नौ बजे तक कर देना चाहिए, ताकि हादसों में कमी आये।
-ट्रैफिक लाइट का समय भी ज्यादा, फिर भी लगती है लाइन
एसपी हामिद अख्तर के निर्देश पर यहां के मुख्य चौराहे महावीर चौक पर लगी लाइट का समय भी सिंघाना रोड से आने वाले वाहनों के लिए अन्य मार्गों से ज्यादा है। इस ओर से आने वाले वाहनों को करीब 60 सेकेंड निकलने के लिए दिए जाते हैं, जबकि अन्य को 20 सेकेंड। फिर भी इस मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रहती है।
-टूटे रोडों से भी हो रही है परेशानी
सिंघाना रोड व रेवाड़ी रोड दोनों की हालत ही खस्ता है। जिसके कारण इस मार्ग पर आने-जाने वाले वाहनों की रफ्तार भी कम ही रहती है। इसके कारण भी यहां वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
''वैसे तो रात को आठ बजे से एंट्री है, मगर ट्रक चालक सात बजे बाद ही अपने ट्रकों को दौड़ा देते हैं। जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है।---अमित पांडे
''शाम को सात बजे बाद सिंघाना रोड व रेवाड़ी रोड पर चलना बहुत ही मुश्किल भरा हो जाता है। दोनों वाहनों पर ट्रकों की लंबी लाइन लगी रहती है।----राजकुमार सैनी
''रेवाड़ी रोड सिंगल होने के कारण यहां पर रात के समय बहुत परेशानी होती है। डंपरों की लाइन के कारण ओवरटेक करना भी बहुत मुश्किल होता है।----लक्ष्मी सैनी, पूर्व पार्षद
''ट्रकों, डंपरों व भारी वाहनों की नो एंट्री का टाइम सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक का होना चाहिए। सुबह-सुबह बच्चे स्कूल में जाते हैं। वहीं ओवरलोड वाहनों से हादसों का डर रहता है। -----दिनेश कुमार, पार्षद

''शहर में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक नो एंट्री है। इस दौरान कोई भी ट्रक या डंपर चालक शहर में नहीं आता। यदि इस दौरान कोई वाहन आता है तो उसका चालान काट दिया जाता है। इसके लिए उन्होंने कई प्वाइंटों पर ट्रैफिक पुलिस के कर्मी भी तैनात किए हुए हैं। रात को यदि कोई समस्या आ रही है तो उसे दूर कर दिया जाएगा।---सांवत राम, एसएचओ, ट्रैफिक पुलिस
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