फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   'Important in the context of India on the date fixed for the capture of Kabul'

‘काबुल पर कब्जे के लिए निर्धारित तिथि को भारत के संदर्भ में महत्वपूर्ण’

Sat, 14 May 2022 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2022 12:06 AM IST
विज्ञापन
'Important in the context of India on the date fixed for the capture of Kabul'
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में अफगानिस्तान की बदली परिस्थितियों के परिणाम स्वरूप भारत व एशियाई देशों पर हो रहे इसके प्रभावों पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरूआत शुक्रवार को हुई। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् (आईसीएसएसआर) द्वारा प्रायोजित तथा लद्दाख एवं जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के सहयोग से हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने तालिबानी के काबुल पर कब्जे के लिए निर्धारित 15 अगस्त की तिथि को भारत के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अवश्य ही यह पूर्व निर्धारित योजना के तहत किया गया है।
विज्ञापन

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि यह विषय बेहद समसामयिक है। उन्होंने कहा कि हमें इस आयोजन के माध्यम से अफगानिस्तान के बदले हालात के कारणों और उससे देश - दुनिया पर पड़ने वाले प्रभावों को जानने और समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अवश्य ही इस आयोजन के माध्यम से इस विषय से संबंधित विभिन्न आयामों को जानने समझने का अवसर मिलेगा और आयोजन के पश्चात एक विस्तृत रिपोर्ट आईसीएसएसआर के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
विज्ञापन

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में इंडिया फाउंडेशन के निदेशक कैप्टन आलोक बंसल ने संगोष्ठी के विषय को विस्तार से प्रस्तुत किया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता कैप्टन आलोक बंसल ने कहा कि सामाजिक विज्ञान एक ऐसा विषय है जिसमें परिस्थितियों के अनुरूप परिणामों में परिवर्तन देखने को मिलता है। उन्होंने अफगानिस्तान के बदले हालातों और उससे भारत व एशिया पर पड़ने वाले प्रभावों की ओर भी इशारा किया। तालिबानी के काबुल पर कब्जे के लिए निर्धारित 15 अगस्त की तिथि को भारत के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया और कहा कि अवश्य ही यह पूर्व निर्धारित योजना के तहत किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ। शुरूआत में स्वागत भाषण विभाग के सहआचार्य डॉ. शांतेष कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया। संगोष्ठी की रूपरेखा आयोजन सचिव डॉ. राजीव कुमार सिंह ने प्रस्तुत की। पहले दिन आयोजित उद्घाटन सत्र के अतिरिक्त अन्य सत्रों में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. संजय श्रीवास्तव और गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. मनीष व लेखिका सुश्री निधि बहुगुणा ने अफगानिस्तान में बदले हालातों और इसमें अमेरिका की भूमिका और इसके हितों की चर्चा की। वक्ताओं ने भारत की विदेश नीति में तथा एशियाई देशों पर पड़ने वाले प्रभावों पर प्रकाश डाला। डॉ. मनीष ने चीन के तालिबान के साथ बढ़ते संबंधों पर भी चर्चा की। इस मौके पर विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से आए शोधार्थियों के अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed