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उमस और गर्मी की मार, बिजली कटों ने भी किया बेहाल
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नारनौल। प्रदेश सरकार भले ही प्रधानमंत्री जगमग योजना के तहत गांवों को 20-22 घंटे और शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं हो रहा है। उमस भरी गर्मी के बीच पिछले एक सप्ताह से शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के अघोषित कट लग रहे हैं। विशेषकर रात के समय लगने वाले कटों से लोगों को परेशानी हो रही है। वर्तमान में क्षेत्र का अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री के आसपास चल रहा है। ऐसे में बिना पंखे, कूलर व एसी के रह पाना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद निगम द्वारा अघोषित कट लगाए जा रहे है।
फाल्ट बन रहे बिजली कट के कारण
निगम अधिकारियों की माने तो शहर में बिजली उपलब्धता की कोई कमी नहीं है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों को भी मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति हो रही है। लाइन ब्रेक डाउन होना, फाल्ट या फिर फ्यूज का उड़ जाना बिजली कट के कारण बन रहे हैं। फाल्ट व फ्यूज का समय पर ठीक न करना बिजली बाधित होने का मुख्य कारण है।
बार-बार लग रहे कटों ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लग रहे बार-बार बिजली के कट लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। दिनभर में चार से पांच कट लग रहे हैं। जोकि कभी आधा घंटा तो कभी एक घंटे के लंबे कट होते है। इस प्रकार नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने से लोगों के घरों में रखे इन्वर्टर भी चार्ज नहीं हो पाते है। वहीं बाजारों में बिजली आधारित कार्य करने वाले दुकानदारों के कार्य भी नहीं हो पाते है।
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रात को फ्यूज या फाल्ट ठीक करने में लग जाते हैं कई घंटे
कई बार अत्यधिक दबाव के चलते लाइन फाल्ट होने के अलावा फ्यूज भी उड़ जाते हैं। इनको ठीक करने में कई घंटों का समय लग जाता है। अगर रात के समय लाइन फाल्ट या फ्यूज उड़ जाए तो ये शिकायत के बाद भी ठीक नहीं हो पाते है। बार-बार शिकायत केंद्र पर शिकायत करने पर वहां बैठे कर्मचारी फोन को उठा करके रख देते है ताकि किसी का फोन न आए। जबकि फ्यूज को ठीक करने में मात्र 5 से 10 मिनट लगते हैं, लेकिन कर्मचारी उसे भी कई घंटों तक ठीक नहीं करते है।
वर्जन
शहर में बिजली की ऐसी कोई समस्या नहीं है। बाईपास की तरफ जरूर थोड़ी बहुत समस्या है। लाइन में फाल्ट, फ्यूज उड़ जाने या फिर मरम्मत कार्य किए जाने पर ही बिजली कट लगता है। अन्यथा शहर में बिजली की कोई दिक्कत नहीं है। फिर भी कोई दिक्कत है तो उसे दूर किया जाएगा।
- विशाल राजपूत, एसडीओ बिजली निगम नारनौल
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फाल्ट बन रहे बिजली कट के कारण
निगम अधिकारियों की माने तो शहर में बिजली उपलब्धता की कोई कमी नहीं है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों को भी मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति हो रही है। लाइन ब्रेक डाउन होना, फाल्ट या फिर फ्यूज का उड़ जाना बिजली कट के कारण बन रहे हैं। फाल्ट व फ्यूज का समय पर ठीक न करना बिजली बाधित होने का मुख्य कारण है।
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बार-बार लग रहे कटों ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लग रहे बार-बार बिजली के कट लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। दिनभर में चार से पांच कट लग रहे हैं। जोकि कभी आधा घंटा तो कभी एक घंटे के लंबे कट होते है। इस प्रकार नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने से लोगों के घरों में रखे इन्वर्टर भी चार्ज नहीं हो पाते है। वहीं बाजारों में बिजली आधारित कार्य करने वाले दुकानदारों के कार्य भी नहीं हो पाते है।
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रात को फ्यूज या फाल्ट ठीक करने में लग जाते हैं कई घंटे
कई बार अत्यधिक दबाव के चलते लाइन फाल्ट होने के अलावा फ्यूज भी उड़ जाते हैं। इनको ठीक करने में कई घंटों का समय लग जाता है। अगर रात के समय लाइन फाल्ट या फ्यूज उड़ जाए तो ये शिकायत के बाद भी ठीक नहीं हो पाते है। बार-बार शिकायत केंद्र पर शिकायत करने पर वहां बैठे कर्मचारी फोन को उठा करके रख देते है ताकि किसी का फोन न आए। जबकि फ्यूज को ठीक करने में मात्र 5 से 10 मिनट लगते हैं, लेकिन कर्मचारी उसे भी कई घंटों तक ठीक नहीं करते है।
वर्जन
शहर में बिजली की ऐसी कोई समस्या नहीं है। बाईपास की तरफ जरूर थोड़ी बहुत समस्या है। लाइन में फाल्ट, फ्यूज उड़ जाने या फिर मरम्मत कार्य किए जाने पर ही बिजली कट लगता है। अन्यथा शहर में बिजली की कोई दिक्कत नहीं है। फिर भी कोई दिक्कत है तो उसे दूर किया जाएगा।
- विशाल राजपूत, एसडीओ बिजली निगम नारनौल