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Mahendragarh-Narnaul News: पिता के सपने ने दी शूटिंग की नजर, अब पदकों पर निशाने लगा रही हिमांशी
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महेंद्रगढ़। पिता के सपने को साकार करने के लिए 12 वर्षीय हिमांशी शूटिंग में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली हिमांशी ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में जिलास्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के बाद उसका चयन राज्यस्तरीय खेल महाकुंभ के लिए हुआ है।
हिमांशी ने को खेलने की प्रेरणा अपने पिता डॉ. हिमांशु भारद्वाज से मिली थी। उनका सपना था उनके बच्चे बड़े होकर खेल क्षेत्र में उनके साथ देश का नाम रोशन करें। उनके पिता डॉ. हिमांशु का कोरोनाकाल में निधन हो गया था। उनकी माता ललिता भारद्वाज भिवानी स्थित सीबीएलयू में सहायक प्रोफेसर हैं।
अब पिता का सपना पूरा करने के लिए हिमांशी लगातार अभ्यास कर रही है, वहीं उसकी मां भी उसे आगे बढ़ने के लिए पूरा सहयोग दे रही हैं। हिमांशी करीब एक साल से शूटिंग का अभ्यास कर रही है। वह चरखी दादरी में कोच हरीश और यश के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं। शुरुआत में हिमांशी ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया था।
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इसके बाद उसने अपनी मेहनत जारी रखी और अब सीनियर आयुवर्ग की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन कर पदक हासिल किया है। हिमांशी का भाई योगित भी शूटिंग की तैयारी कर रहा है। अब दोनों भाई-बहन मिलकर अपने पिता का सपना पूरा करेंगे।
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हिमांशी ने को खेलने की प्रेरणा अपने पिता डॉ. हिमांशु भारद्वाज से मिली थी। उनका सपना था उनके बच्चे बड़े होकर खेल क्षेत्र में उनके साथ देश का नाम रोशन करें। उनके पिता डॉ. हिमांशु का कोरोनाकाल में निधन हो गया था। उनकी माता ललिता भारद्वाज भिवानी स्थित सीबीएलयू में सहायक प्रोफेसर हैं।
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अब पिता का सपना पूरा करने के लिए हिमांशी लगातार अभ्यास कर रही है, वहीं उसकी मां भी उसे आगे बढ़ने के लिए पूरा सहयोग दे रही हैं। हिमांशी करीब एक साल से शूटिंग का अभ्यास कर रही है। वह चरखी दादरी में कोच हरीश और यश के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं। शुरुआत में हिमांशी ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया था।
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इसके बाद उसने अपनी मेहनत जारी रखी और अब सीनियर आयुवर्ग की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन कर पदक हासिल किया है। हिमांशी का भाई योगित भी शूटिंग की तैयारी कर रहा है। अब दोनों भाई-बहन मिलकर अपने पिता का सपना पूरा करेंगे।