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हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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नारनौल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ व स्कूल टीचर्ज फेडरेशन आफ इंडिया के प्रधान हवा सिंह यादव की अध्यक्षता में वीरवार को मांगों को लेकर लघु सचिवालय में धरना-प्रदर्शन कर नगराधीश को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान रिटायर्ड कर्मचारी संघ के उपमहासचिव धर्मपाल शर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षा का निजीकरण करने की तैयारी में है। सरकारी स्कूलों में समय पर किताबें और अध्यापक नियुक्त न करके बच्चों के अभिभावकों को प्राइवेट में दाखिले के लिए मजबूर किया जा रहा है। अध्यापक संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य दिनेश यादव ने कहा है कि अब सरकारी स्कूलों में दाखिला फीस व मासिक फीस लागू कर गरीब को इन स्कूलों से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों में बच्चों के दाखिले पर 700-1100 रुपये फीस सरकार द्वारा भरने का लालच दिया जा रहा है। जिला सचिव अमीलाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या कम कर दी जाती है, फिर कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद करने के लिए दूसरे स्कूल में मर्ज कर दिया जाता है। आज शिक्षा गरीब, मजदूर, किसान व मध्यम वर्ग की पहुंच से भी बाहर हो चुकी हैं।
अध्यापक संघ ने चिराग योजना वापस लेने, मॉडल संस्कृति विद्यालयों में शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा के अनुरूप सार्वभौमिक अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा को जारी रखने, सभी शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक सहायक स्टाफ के रिक्त पदों को शीघ्र भर्ती करने, छात्रों को अविलंब पुस्तकें देने आदि की मांग की है। इस अवसर पर राज्य सचिव महेंद्र बोयत, जिला प्रधान कौशल यादव, जिला सचिव महेश यादव, दिनेश यादव, हवासिंह यादव, अमीलाल गुर्जर, लेखराज व रविशंकर उपस्थित रहे।
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इस दौरान रिटायर्ड कर्मचारी संघ के उपमहासचिव धर्मपाल शर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षा का निजीकरण करने की तैयारी में है। सरकारी स्कूलों में समय पर किताबें और अध्यापक नियुक्त न करके बच्चों के अभिभावकों को प्राइवेट में दाखिले के लिए मजबूर किया जा रहा है। अध्यापक संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य दिनेश यादव ने कहा है कि अब सरकारी स्कूलों में दाखिला फीस व मासिक फीस लागू कर गरीब को इन स्कूलों से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों में बच्चों के दाखिले पर 700-1100 रुपये फीस सरकार द्वारा भरने का लालच दिया जा रहा है। जिला सचिव अमीलाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या कम कर दी जाती है, फिर कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद करने के लिए दूसरे स्कूल में मर्ज कर दिया जाता है। आज शिक्षा गरीब, मजदूर, किसान व मध्यम वर्ग की पहुंच से भी बाहर हो चुकी हैं।
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अध्यापक संघ ने चिराग योजना वापस लेने, मॉडल संस्कृति विद्यालयों में शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा के अनुरूप सार्वभौमिक अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा को जारी रखने, सभी शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक सहायक स्टाफ के रिक्त पदों को शीघ्र भर्ती करने, छात्रों को अविलंब पुस्तकें देने आदि की मांग की है। इस अवसर पर राज्य सचिव महेंद्र बोयत, जिला प्रधान कौशल यादव, जिला सचिव महेश यादव, दिनेश यादव, हवासिंह यादव, अमीलाल गुर्जर, लेखराज व रविशंकर उपस्थित रहे।
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