{"_id":"65414c798e933cfd86036284","slug":"hari-is-in-the-name-of-this-state-hence-it-was-chosen-first-for-religious-pilgrimage-shankaracharya-narnol-news-c-203-1-sroh1012-4704-2023-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस प्रदेश के नाम में ही हरि, इसलिए धार्मिक यात्रा के लिए सबसे पहले चुना : शंकराचार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस प्रदेश के नाम में ही हरि, इसलिए धार्मिक यात्रा के लिए सबसे पहले चुना : शंकराचार्य
Wed, 01 Nov 2023 12:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 01 Nov 2023 12:20 AM IST
विज्ञापन
ज्योतिषपीठ के जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रवाना होने से पूर्व उनका फूलों के
महेंद्रगढ़। ज्योतिषपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हरियाणा मंगल यात्रा के दौरान महेंद्रगढ़ शहर में दो दिन प्रवास किया। स्वामी दोपहर 12 बजे शहर से चरखी दादरी के लिए रवाना हुए। इससे पूर्व महेंद्रगढ़ शहर के शिवरत्तन मेहता के निवास पर धर्मप्रेमियों को कहा कि संसार में रहो, किंतु संसार तुम्हारे अंदर न आए। अपने आप को अंदर से ठोस बनाओ। अंदर खोखलापन नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जैसे बांस पानी तैरता है, उसी प्रकार संसार सागर में डूबो मत और धार्मिक आचरण करते रहो। वह जिस गद्दी पर विराजमान है, उसके क्षेत्र में 12 राज्य आते हैं। अपने क्षेत्राधिकार को देखने के लिए ही उन्होंने हरियाणा प्रदेश का दौरा किया। इतने राज्यों में सबसे पहले उन्होंने हरियाणा को इसलिए चुना, क्योंकि इस राज्य के नाम में हरि का नाम है और हरि के आने के बारे में बताया गया है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सबसे पुराना है। इसके शुरुआत की न कोई तिथि है और न ही इसके अंत की कोई तिथि है। हमारे धर्म का नाम सनातन इसलिए है, जो चीज सदा रहती है या सदा रहने का बोध करवाती है। मंगलवार सुबह 11 बजे शंकराचार्य ने 2500 वर्ष पुरानी चरण पादुका की पूजा करके कार्यक्रम की शुरूआत की। शंकराचार्य की ओर से 20 से 25 श्रद्धालुओं को दक्षिणा ग्रहण करवाई गई। उनके साथ आए हुए कोटिल्य पंडित के दादा जयकृष्ण शर्मा ने कहा कि हमें अपने बच्चों को सनातन धर्म के बारे में सिखाना चाहिए। जब हम सीखेंगे तभी बच्चों सीखेगा।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लिया भोजन का सैंपल
ज्योतिषपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जिस जगह पर ठहरे हुए थे। वहां शंकराचार्य का भोजन तैयार किया गया। उनकी स्वास्थ्य की जांच को खाद्य सुरक्षा विभाग के डॉ. दीपक चौधरी की टीम की ओर से भोजन का सैंपल लिया गया। सैंपल पास होने के बाद शंकराचार्य को भोजन परोसा गया। विभाग की टीम सोमवार को सुबह 12 बजे व शाम 8 बजे तथा मंगलवार को सुबह नौ से 11 बजे तक रही। शंकराचार्य का भोजन उनके साथ आए हुए आचार्य बनाते है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर संजय अग्रवाल पाली, रमा अग्रवाल, शिव रतन मेहता, अर्चना मेहता, सुरेंद्र बंटी, कमल गोयल, मुकेश मेहता, मनोज गोयल गुडियानिया, विनोद तंवर पाली, दिलीप गोस्वामी, राकेश अग्रवाल, अशोक बंसल, गोपेश मेहता, विवेक मेहता, पवन गुप्ता, एपी मेहता, जयकिशन शर्मा, कवर्धा से आनंद उपाध्याय, अलवर धर्मांसद प्रणय स्वामी, संदीप चौधरी, पार्षद प्रतिनिधि अश्वनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जैसे बांस पानी तैरता है, उसी प्रकार संसार सागर में डूबो मत और धार्मिक आचरण करते रहो। वह जिस गद्दी पर विराजमान है, उसके क्षेत्र में 12 राज्य आते हैं। अपने क्षेत्राधिकार को देखने के लिए ही उन्होंने हरियाणा प्रदेश का दौरा किया। इतने राज्यों में सबसे पहले उन्होंने हरियाणा को इसलिए चुना, क्योंकि इस राज्य के नाम में हरि का नाम है और हरि के आने के बारे में बताया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सबसे पुराना है। इसके शुरुआत की न कोई तिथि है और न ही इसके अंत की कोई तिथि है। हमारे धर्म का नाम सनातन इसलिए है, जो चीज सदा रहती है या सदा रहने का बोध करवाती है। मंगलवार सुबह 11 बजे शंकराचार्य ने 2500 वर्ष पुरानी चरण पादुका की पूजा करके कार्यक्रम की शुरूआत की। शंकराचार्य की ओर से 20 से 25 श्रद्धालुओं को दक्षिणा ग्रहण करवाई गई। उनके साथ आए हुए कोटिल्य पंडित के दादा जयकृष्ण शर्मा ने कहा कि हमें अपने बच्चों को सनातन धर्म के बारे में सिखाना चाहिए। जब हम सीखेंगे तभी बच्चों सीखेगा।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लिया भोजन का सैंपल
ज्योतिषपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जिस जगह पर ठहरे हुए थे। वहां शंकराचार्य का भोजन तैयार किया गया। उनकी स्वास्थ्य की जांच को खाद्य सुरक्षा विभाग के डॉ. दीपक चौधरी की टीम की ओर से भोजन का सैंपल लिया गया। सैंपल पास होने के बाद शंकराचार्य को भोजन परोसा गया। विभाग की टीम सोमवार को सुबह 12 बजे व शाम 8 बजे तथा मंगलवार को सुबह नौ से 11 बजे तक रही। शंकराचार्य का भोजन उनके साथ आए हुए आचार्य बनाते है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर संजय अग्रवाल पाली, रमा अग्रवाल, शिव रतन मेहता, अर्चना मेहता, सुरेंद्र बंटी, कमल गोयल, मुकेश मेहता, मनोज गोयल गुडियानिया, विनोद तंवर पाली, दिलीप गोस्वामी, राकेश अग्रवाल, अशोक बंसल, गोपेश मेहता, विवेक मेहता, पवन गुप्ता, एपी मेहता, जयकिशन शर्मा, कवर्धा से आनंद उपाध्याय, अलवर धर्मांसद प्रणय स्वामी, संदीप चौधरी, पार्षद प्रतिनिधि अश्वनी आदि मौजूद रहे।