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Mahendragarh-Narnaul News: 255 में से 145 ग्राम पंचायतों का सुधरा भूजल स्तर
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नारनौल। गिरते भूजल स्तर की गंभीर समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी अटल भूजल योजना महेंद्रगढ़ जिले में संजीवनी साबित हो रही है। उपायुक्त डॉक्टर विवेक भारती ने बताया कि अप्रैल 2024 की तुलना में अप्रैल 2025 में जिले के कुल 255 ग्राम पंचायतों में से 145 ग्राम पंचायतों में भूजल स्तर में वृद्धि हुई है।
85 ग्राम पंचायतों में भूजल स्तर स्थिर है, जिससे ग्रामीणों और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। साथ ही विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों के प्रति जागरूक कर रही हैं। 2014 से अब तक भूजल स्तर की परिस्थिति में उल्लेखनीय फर्क पाया जा रहा है।
अटल भूजल योजना हरियाणा में भूजल के गिरते स्तर को सुधारने और इसके सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में भूजल संरक्षण को बढ़ावा देना, जल उपयोग की दक्षता में सुधार लाना, सामुदायिक भागीदारी से जल प्रबंधन को मजबूत करना और ग्राम स्तर पर जल बजट और जल सुरक्षा योजनाएं तैयार करना शामिल है।
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योजना के तहत किसानों को सूक्ष्म सिंचाई अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही वर्षा जल संचयन, पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण और जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से दीर्घकालिक जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों के प्रति जागरूक कर रही हैं। यह पहल क्षेत्रीय जल आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और सतत जल प्रबंधन को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के माध्यम से जिले में भूजल स्तर में सुधार देखा गया है। अटल भूजल योजना के तहत जिला कार्यान्वयन भागीदार टीम द्वारा हर महीने ग्राम पंचायत लेवल पर लगे 150 पीजोमीटर और चिन्हित बोरवेल में भूजल की पैमाइश की जाती है। जिसके आंकड़ों के अनुसार पांचों खंडों की कई ग्राम पंचायतों में जल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।
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85 ग्राम पंचायतों में भूजल स्तर स्थिर है, जिससे ग्रामीणों और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। साथ ही विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों के प्रति जागरूक कर रही हैं। 2014 से अब तक भूजल स्तर की परिस्थिति में उल्लेखनीय फर्क पाया जा रहा है।
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अटल भूजल योजना हरियाणा में भूजल के गिरते स्तर को सुधारने और इसके सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में भूजल संरक्षण को बढ़ावा देना, जल उपयोग की दक्षता में सुधार लाना, सामुदायिक भागीदारी से जल प्रबंधन को मजबूत करना और ग्राम स्तर पर जल बजट और जल सुरक्षा योजनाएं तैयार करना शामिल है।
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योजना के तहत किसानों को सूक्ष्म सिंचाई अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही वर्षा जल संचयन, पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण और जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से दीर्घकालिक जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों के प्रति जागरूक कर रही हैं। यह पहल क्षेत्रीय जल आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और सतत जल प्रबंधन को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के माध्यम से जिले में भूजल स्तर में सुधार देखा गया है। अटल भूजल योजना के तहत जिला कार्यान्वयन भागीदार टीम द्वारा हर महीने ग्राम पंचायत लेवल पर लगे 150 पीजोमीटर और चिन्हित बोरवेल में भूजल की पैमाइश की जाती है। जिसके आंकड़ों के अनुसार पांचों खंडों की कई ग्राम पंचायतों में जल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।