{"_id":"6acaa6246ee7bbe658095d1f","slug":"grandfather-dreamt-it-granddaughter-turned-it-into-reality-narnol-news-c-203-1-mgh1004-130879-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: दादा ने देखा सपना, पोती ने किया हकीकत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: दादा ने देखा सपना, पोती ने किया हकीकत
विज्ञापन
फोटो संख्या:68- शीतल यादव
कनीना। खूब पढ़-लिखकर बड़ी अधिकारी बनना...दादा दयाराम के ये शब्द शीतल यादव के कानों में हमेशा गूंजते रहे। आज उन्होंने इन्हीं शब्दों को हकीकत में बदल दिया। गांव कोटिया की बेटी शीतल यादव ने हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा में 26वां रैंक हासिल किया है।
शीतल, दादी चांदकौर, स्वर्गीय दादा दयाराम, माता सुमरत देवी और पिता हरिपाल की बेटी हैं। उनके माता-पिता दोनों सरकारी शिक्षक हैं। शीतल ने प्राथमिक शिक्षा गांव गाहड़ा के सरकारी विद्यालय से ली। इसके बाद पंचकूला और चंडीगढ़ से उच्च शिक्षा हासिल की। वह शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और स्नातक में विश्वविद्यालय में दूसरा स्थान पाया था।
परिवार के अनुसार दादा दयाराम हमेशा बच्चों की शिक्षा पर जोर देते थे। शीतल इससे पहले संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में भी साक्षात्कार स्तर तक पहुंची थीं। लगातार मेहनत के बाद अब उन्हें यह सफलता मिली है।
विज्ञापन
सफलता पर चाचा महिपाल, चाची पिंकी, हरिओम मास्टर, पूर्व सरपंच रामकिशन यादव, विजयपाल यादव, हरि सिंह, लंबरदार हीरालाल, पूर्व हेडमास्टर जगराम और डॉ. इंद्र सिंह ने बधाई दी।
विज्ञापन
शीतल, दादी चांदकौर, स्वर्गीय दादा दयाराम, माता सुमरत देवी और पिता हरिपाल की बेटी हैं। उनके माता-पिता दोनों सरकारी शिक्षक हैं। शीतल ने प्राथमिक शिक्षा गांव गाहड़ा के सरकारी विद्यालय से ली। इसके बाद पंचकूला और चंडीगढ़ से उच्च शिक्षा हासिल की। वह शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और स्नातक में विश्वविद्यालय में दूसरा स्थान पाया था।
विज्ञापन
परिवार के अनुसार दादा दयाराम हमेशा बच्चों की शिक्षा पर जोर देते थे। शीतल इससे पहले संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में भी साक्षात्कार स्तर तक पहुंची थीं। लगातार मेहनत के बाद अब उन्हें यह सफलता मिली है।
विज्ञापन
सफलता पर चाचा महिपाल, चाची पिंकी, हरिओम मास्टर, पूर्व सरपंच रामकिशन यादव, विजयपाल यादव, हरि सिंह, लंबरदार हीरालाल, पूर्व हेडमास्टर जगराम और डॉ. इंद्र सिंह ने बधाई दी।