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Mahendragarh-Narnaul News: खेत में जुताई के दौरान ट्रैक्टर पलटने से दादा-पोते की मौत
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फोटो नंबर-21नांगल चौधरी क्षेत्र के एक खेत में पलटा ट्रैक्टर। संवाद
नांगल चौधरी। नांगल चौधरी। शहर में बस स्टैड के पीछे खेतों में सोमवार शाम जुताई करते हुए ट्रैक्टर बेकाबू होकर पलट गया। ट्रैक्टर चला रहे हनुमान प्रसाद (62) और उनसे साथ बैठे उनके पोते तरुण (16) व तनिश ट्रैक्टर के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद हनुमान की पत्नी ने लोगों को बुलाया लेकिन समय पर बाहर न निकालने के कारण हनुमान और तरुण की मौत हो गई। दूसरा पोता सुरक्षित बच गया।
रोते हुए हनुमान की पत्नी ने बताया कि ट्रैक्टर के आगे नीलगाय जैसा कोई जानवर आ गया था वो अच्छे से देख नहीं पाईं। उसे बचाने के लिए हनुमान ने ट्रैक्टर को बाईं ओर मोड़ दिया। इससे जानवर तो बच गया लेकिन ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया।
हनुमान उनकी पत्नी और दो पोतों के साथ खेत की जुताई करने गए थे। आधे खेत की जुताई होने के बाद अचानक एक वन्य जीव ट्रैक्टर के आगे आ गया। उसे बचाने के लिए हनुमान ने ट्रैक्टर को बाईं ओर मोड़ दिया। इससे ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया।
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हादसे में ट्रैक्टर चला रहे हनुमान और मडगार्ड पर बैठा उनके दोनों पोते ट्रैक्टर के नीचे दब गए। महिला ने शोर मचाने पर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। करीब आधे की मशक्कत के बाद 30 से 40 ग्रामीणों ने ट्रैक्टर को सीधा कर दोनों को बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
ग्रामीण दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल नारनौल भेज दिया।
पहले दो बेटों की हो चुकी है मौत
ग्रामीणों और भाजपा नेता दयाराम यादव व रमेश तंवर ने बताया कि हनुमान प्रसाद के तीन बेटे थे। इनमें से दो की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि तीसरा बेटा मानसिक रूप से बीमार है। ऐसे में परिवार की उम्मीदें पोते तरुण और तनिश पर टिकी थीं। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
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रोते हुए हनुमान की पत्नी ने बताया कि ट्रैक्टर के आगे नीलगाय जैसा कोई जानवर आ गया था वो अच्छे से देख नहीं पाईं। उसे बचाने के लिए हनुमान ने ट्रैक्टर को बाईं ओर मोड़ दिया। इससे जानवर तो बच गया लेकिन ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया।
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हनुमान उनकी पत्नी और दो पोतों के साथ खेत की जुताई करने गए थे। आधे खेत की जुताई होने के बाद अचानक एक वन्य जीव ट्रैक्टर के आगे आ गया। उसे बचाने के लिए हनुमान ने ट्रैक्टर को बाईं ओर मोड़ दिया। इससे ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया।
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हादसे में ट्रैक्टर चला रहे हनुमान और मडगार्ड पर बैठा उनके दोनों पोते ट्रैक्टर के नीचे दब गए। महिला ने शोर मचाने पर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। करीब आधे की मशक्कत के बाद 30 से 40 ग्रामीणों ने ट्रैक्टर को सीधा कर दोनों को बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
ग्रामीण दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल नारनौल भेज दिया।
पहले दो बेटों की हो चुकी है मौत
ग्रामीणों और भाजपा नेता दयाराम यादव व रमेश तंवर ने बताया कि हनुमान प्रसाद के तीन बेटे थे। इनमें से दो की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि तीसरा बेटा मानसिक रूप से बीमार है। ऐसे में परिवार की उम्मीदें पोते तरुण और तनिश पर टिकी थीं। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।