{"_id":"6975075652f1998f0009ec4c","slug":"farmers-protest-over-pending-demands-narnol-news-c-196-1-nnl1004-135290-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: लंबित मांगों को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: लंबित मांगों को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन
विज्ञापन
फोटो नंबर- 25लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते किसान।स्रोत-संगठन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारनौल। लघु सचिवालय में शनिवार को सैकड़ों किसानों ने लंबित मांगों को विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही किसानों ने एसडीएम अनिरुद्ध यादव के समक्ष शिकायत रखी।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब ने बताया कि 765 केवी सीकर नरेला व खेतड़ी नरेला एचटी लाइन से पीड़ित किसानों के हक में सरकार ने जून 2025 को क़ानून पारित किया था। इसके अंतर्गत किसान अपनी जमीन का वास्तविक मूल्य लेने के हकदार रहेगा लेकिन जिला प्रशासन द्वारा कोई एमआरसी गठित नहीं की गई।
इसके लिए पीड़ित किसान 8 अक्तूबर 2025 को उपायुक्त से मिले और एमआरसी गठित कर वास्तविक मूल्य पर मुआवजा देने की मांग की। जिसके बाद प्रशासन की तरफ़ से एक कमेटी बनाई गई, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पावरग्रिड अधिकारी द्वारा प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है। पावरग्रिड अधिकारी का कहना है कि खेतड़ी नरेला लाइन अप्रैल 2025 में तैयार कर दी गई थी। जबकि खेतडी नरेला लाइन दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में चालू की गई है। जिससे किसानों में भारी रोष है।
उन्होंने बताया की मांगों को लेकर बार-बार एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा चुके है। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई हैं। अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर मनोज कुमार,रामनिवास पटोदा,विनोद चौधरी,सत्यवीर और मुकेश यादव सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब ने बताया कि 765 केवी सीकर नरेला व खेतड़ी नरेला एचटी लाइन से पीड़ित किसानों के हक में सरकार ने जून 2025 को क़ानून पारित किया था। इसके अंतर्गत किसान अपनी जमीन का वास्तविक मूल्य लेने के हकदार रहेगा लेकिन जिला प्रशासन द्वारा कोई एमआरसी गठित नहीं की गई।
विज्ञापन
इसके लिए पीड़ित किसान 8 अक्तूबर 2025 को उपायुक्त से मिले और एमआरसी गठित कर वास्तविक मूल्य पर मुआवजा देने की मांग की। जिसके बाद प्रशासन की तरफ़ से एक कमेटी बनाई गई, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पावरग्रिड अधिकारी द्वारा प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है। पावरग्रिड अधिकारी का कहना है कि खेतड़ी नरेला लाइन अप्रैल 2025 में तैयार कर दी गई थी। जबकि खेतडी नरेला लाइन दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में चालू की गई है। जिससे किसानों में भारी रोष है।
उन्होंने बताया की मांगों को लेकर बार-बार एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा चुके है। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई हैं। अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर मनोज कुमार,रामनिवास पटोदा,विनोद चौधरी,सत्यवीर और मुकेश यादव सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।