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डीएपी के लिए सर्द मौसम में सड़क पर रात गुजारने के लिए मजबूर किसान
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सिटी थाने में खड़ी खाद से लदी गाड़ी। संवाद
- फोटो : Narnol
जिले में डीएपी खाद की किल्लत बरकरार है। हालत यह है कि दूसरे जिलों से खाद मंगवाकर वितरित की जा रही है। जिले में लगभग 75 हजार एकड़ रकबा में इस बार गेहूं की बिजाई होनी है, मगर अभी तक 50 प्रतिशत रकबे में ही बिजाई हो सकी है। पिछले साल 90 हजार एकड़ रकबे में गेेहूं बोया गया था।
इस बार किसान डीएपी के लिए रात में ही लाइनों में लग रहे हैं। क्योंकि गेहूं बिजाई का पीक सीजन है, पर डीएपी स्टॉक का 50 फीसदी कोटा पहुंचा है। अभी जिले में 35 से 40 हजार बैग की आवश्यकता है। सोमवार को जिले में भिवानी से 7500 बैग खाद आई है। किसान जगह-जगह भटकने के लिए मजबूर हैं। जबकि इससे पहले घंटों इंतजार के बावजूद उनको महज दो-दो बैग खाद मिल पाई है। कभी पुलिस से टोकन बंटवाए तो कहीं आपसी धक्कामुक्ककी का सामना किसानों को करना पड़ा। खाद के लिए किसानों ने सर्द रातें सड़कों पर गुजारीं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं करवा पाना सरकार व संबंधित विभाग की नाकामी को दर्शाता है।
विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि अब डीएपी खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। आने वाले तीन-चार दिनों में लगभग 30 हजार बैग खाद आने की संभावना है।
थाने में वितरित किए गए 500 कट्टे डीएपी:
डीएपी खाद की चल रही किल्लत के बीच सोमवार को सिटी थाने में 500 कट्टों का वितरण किया गया। खाद आने की सूचना मिलते ही पुलिस लाइन में किसानों की भीड़ जुटने शुरू हो गई। जिसके बाद पुलिस लाइन में पुलिस की मौजूदगी में किसानों को लाइन में लगाकर टोकन वितरित कर खाद बांटी गई। बता दें कि जिले में अक्तूबर से डीएपी खाद की किल्लत दूर नहीं हो पा रही है। खाद की किल्लत से न केवल किसान परेशान हैं। बल्कि अधिकारी भी परेशान है। अधिकारियों को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। सरकार प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं बता रही है। लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल रही है। किसानों ने बताया की प्रदेश सरकार किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने में नाकाम हो रही है। किसानों ने बताया कि गेहूं की बिजाई का समय चल रहा है। लेकिन किसानों को खाद की कमी दिन-रात सता रही है।
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खाद की मारामारी में बीता अक्तूबर
अक्तूबर में डीएपी खाद की मारामारी का सिलसिला शुरू हुआ था, जोकि नवंबर में भी जारी है। मगर अभी तक जिले में पर्याप्त मात्रा में किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पाई है। इस कारण किसान अटेली, नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़ व नारनौल में अनेक बार जाम लगा चुके हैं। इस प्रकार अक्तूबर डीएपी खाद की मारामारी में बीत गया।
जिले में खाद की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। अगले तीन-चार दिनों में लगभग 30 हजार डीएपी खाद के आने की संभावना है। खाद को लेकर किसानों को धैर्य बनाए रखना चाहिए। डीएपी का चरम लगभग पूरा हो गया हैं। - वजीर सिंह डीडीए।
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इस बार किसान डीएपी के लिए रात में ही लाइनों में लग रहे हैं। क्योंकि गेहूं बिजाई का पीक सीजन है, पर डीएपी स्टॉक का 50 फीसदी कोटा पहुंचा है। अभी जिले में 35 से 40 हजार बैग की आवश्यकता है। सोमवार को जिले में भिवानी से 7500 बैग खाद आई है। किसान जगह-जगह भटकने के लिए मजबूर हैं। जबकि इससे पहले घंटों इंतजार के बावजूद उनको महज दो-दो बैग खाद मिल पाई है। कभी पुलिस से टोकन बंटवाए तो कहीं आपसी धक्कामुक्ककी का सामना किसानों को करना पड़ा। खाद के लिए किसानों ने सर्द रातें सड़कों पर गुजारीं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं करवा पाना सरकार व संबंधित विभाग की नाकामी को दर्शाता है।
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विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि अब डीएपी खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। आने वाले तीन-चार दिनों में लगभग 30 हजार बैग खाद आने की संभावना है।
थाने में वितरित किए गए 500 कट्टे डीएपी:
डीएपी खाद की चल रही किल्लत के बीच सोमवार को सिटी थाने में 500 कट्टों का वितरण किया गया। खाद आने की सूचना मिलते ही पुलिस लाइन में किसानों की भीड़ जुटने शुरू हो गई। जिसके बाद पुलिस लाइन में पुलिस की मौजूदगी में किसानों को लाइन में लगाकर टोकन वितरित कर खाद बांटी गई। बता दें कि जिले में अक्तूबर से डीएपी खाद की किल्लत दूर नहीं हो पा रही है। खाद की किल्लत से न केवल किसान परेशान हैं। बल्कि अधिकारी भी परेशान है। अधिकारियों को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। सरकार प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं बता रही है। लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल रही है। किसानों ने बताया की प्रदेश सरकार किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने में नाकाम हो रही है। किसानों ने बताया कि गेहूं की बिजाई का समय चल रहा है। लेकिन किसानों को खाद की कमी दिन-रात सता रही है।
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खाद की मारामारी में बीता अक्तूबर
अक्तूबर में डीएपी खाद की मारामारी का सिलसिला शुरू हुआ था, जोकि नवंबर में भी जारी है। मगर अभी तक जिले में पर्याप्त मात्रा में किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पाई है। इस कारण किसान अटेली, नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़ व नारनौल में अनेक बार जाम लगा चुके हैं। इस प्रकार अक्तूबर डीएपी खाद की मारामारी में बीत गया।
जिले में खाद की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। अगले तीन-चार दिनों में लगभग 30 हजार डीएपी खाद के आने की संभावना है। खाद को लेकर किसानों को धैर्य बनाए रखना चाहिए। डीएपी का चरम लगभग पूरा हो गया हैं। - वजीर सिंह डीडीए।

खाद लेने के लिए पुलिस लाइन में लगी भीड़। संवाद- फोटो : Narnol