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Mahendragarh-Narnaul News: एक पखवाड़े तक किसान कर सकते हैं सरसों की बिजाई
Tue, 21 Oct 2025 11:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 21 Oct 2025 11:20 PM IST
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फोटो संख्या:-67 गांव अगिहार में खेतों की तैयारी में जुटा किसान---संवाद
महेंद्रगढ़। क्षेत्र के किसान अभी एक पखवाड़े तक सरसों की बिजाई कर सकते हैं। वहीं मंगलवार को दिनभर हुई हल्की बादलवाही के बाद मौसम भी अगेती बिजाई की गई सरसों की जमवार के लिए अनुकूल हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार किसान अगर नवंबर के प्रथम सप्ताह में सरसों की बिजाई करता है तो पछेती किस्मों का ही प्रयोग करें जिससे उत्पादन प्रभावित न हो। बता दें कि रबी सीजन में महेंद्रगढ़ जिले में प्रमुखता से सरसों की बिजाई की जाती है। यहां की सरसों गुणवत्ता व तेल की मात्रा की अधिकता के लिए प्रदेशभर में अव्वल है।
हर साल औसतन ढाई से तीन लाख एकड़ में इसकी बिजाई की जाती है। सरसों की अच्छी जमवार के लिए अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री व न्यूनतम 20 से 25 डिग्री उपयुक्त माना जाता है। क्षेत्र के किसानों ने अगेती सरसों की करीब 40 प्रतिशत बिजाई भी पूरी कर ली है। इस बार अच्छी बारिश होने से खेतों में नमी की मात्रा भी अच्छी रही ही जिसके कारण सतनाली व नांगल चौधरी, नारनौल खंड के अनेक क्षेत्र में बारानी में ही सरसों की बिजाई की गई है।
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कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ के वरिष्ठ संयोजक डॉ. जयलाल यादव ने बताया कि अभी सरसों बिजाई के लिए करीब एक पखवाड़े का समय है। वहीं अगर नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में किसान पछेती बिजाई करता है तो आरएच-30 जैसी पछेती सरसों की किस्मों का प्रयोग करें जिससे उत्पादन भी प्रभावित नहीं होगा।
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विशेषज्ञों के अनुसार किसान अगर नवंबर के प्रथम सप्ताह में सरसों की बिजाई करता है तो पछेती किस्मों का ही प्रयोग करें जिससे उत्पादन प्रभावित न हो। बता दें कि रबी सीजन में महेंद्रगढ़ जिले में प्रमुखता से सरसों की बिजाई की जाती है। यहां की सरसों गुणवत्ता व तेल की मात्रा की अधिकता के लिए प्रदेशभर में अव्वल है।
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हर साल औसतन ढाई से तीन लाख एकड़ में इसकी बिजाई की जाती है। सरसों की अच्छी जमवार के लिए अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री व न्यूनतम 20 से 25 डिग्री उपयुक्त माना जाता है। क्षेत्र के किसानों ने अगेती सरसों की करीब 40 प्रतिशत बिजाई भी पूरी कर ली है। इस बार अच्छी बारिश होने से खेतों में नमी की मात्रा भी अच्छी रही ही जिसके कारण सतनाली व नांगल चौधरी, नारनौल खंड के अनेक क्षेत्र में बारानी में ही सरसों की बिजाई की गई है।
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कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ के वरिष्ठ संयोजक डॉ. जयलाल यादव ने बताया कि अभी सरसों बिजाई के लिए करीब एक पखवाड़े का समय है। वहीं अगर नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में किसान पछेती बिजाई करता है तो आरएच-30 जैसी पछेती सरसों की किस्मों का प्रयोग करें जिससे उत्पादन भी प्रभावित नहीं होगा।