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किसानों ने जमीन का मुआवजा बढ़वाने के लिए शुरू किया धरना
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फोटो संख्या:39- गांव बाघोत में अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान
- फोटो : Narnol
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गांव बाघोत में सोमवार को किसान संघर्ष समिति महेंद्रगढ़ के बैनर तले जमीनी मुआवजे को लेकर किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना कर दिया है। धरने की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष हनुमान सिंह ने की। इस मौके पर उन्होंने ग्रीन कॉरिडोर में आ रही किसानों की जमीन का मुआवजा अन्य जिलों की तरह बढ़ाकर दिए जाने की मांग की। वहीं, सोमवार को एडीसी कार्यालय से अध्यक्ष हनुमान सिंह के पास फोन आया और बैठकर बातचीत करने के लिए कहा गया, लेकिन संघर्ष समिति ने आपसी विचार-विमर्श करने के बाद एडीसी से मिलने का निर्णय लिया है।
अध्यक्ष हनुमान सिंह ने कहा कि हमें इसमें कोई राजनीति नहीं करनी केवल हमें अपना मुअवाजा बढ़ाकर दिया जाए। उन्होंने कहा कि वो बातचीत के लिए तैयार हैं इसके लिए वो किसानों से बातचीत कर एडीसी से मिलेंगे।
किसानों ने बताया कि नारनौल से इस्लाईमाबाद (कुरुक्षेत्र) ग्रीन कॉरिडोर आठ जिलों से गुजरेगा। महेंद्रगढ़ को छोड़कर अन्य सात जिलों की अवार्ड राशि केंद्र सरकार ने बढ़ा दी। वहां के किसानों की अवार्ड राशि कम से कम 20 लाख रुपये बढ़ाई है। परंतु महेंद्रगढ़ के किसानों के साथ इस मामले में भेदभाव हुआ है। जब सात जिलों के किसानों की अवार्ड राशि रिवाइज हो सकती है तो महेंद्रगढ़ के किसानों की क्यों नहीं हो सकती।
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उन्होंने कहा कि सरकार जब तक इन किसानों को बाकी सात जिलों की तर्ज पर मुआवजा राशि नहीं देती है, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि धरने का राजनीतिकरण नहीं होने दिया जाएगा। किसान अपने दम पर और शांति प्रिय तरीके से धरने पर बैठकर अपनी मांग उठाएंगे। धरने में केवल उन्हीं किसानों को शामिल किया जाएगा जिनकी जमीन ग्रीन कॉरिडोर के बीच अधिग्रहीत की जा रही है।
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अध्यक्ष हनुमान सिंह ने कहा कि हमें इसमें कोई राजनीति नहीं करनी केवल हमें अपना मुअवाजा बढ़ाकर दिया जाए। उन्होंने कहा कि वो बातचीत के लिए तैयार हैं इसके लिए वो किसानों से बातचीत कर एडीसी से मिलेंगे।
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किसानों ने बताया कि नारनौल से इस्लाईमाबाद (कुरुक्षेत्र) ग्रीन कॉरिडोर आठ जिलों से गुजरेगा। महेंद्रगढ़ को छोड़कर अन्य सात जिलों की अवार्ड राशि केंद्र सरकार ने बढ़ा दी। वहां के किसानों की अवार्ड राशि कम से कम 20 लाख रुपये बढ़ाई है। परंतु महेंद्रगढ़ के किसानों के साथ इस मामले में भेदभाव हुआ है। जब सात जिलों के किसानों की अवार्ड राशि रिवाइज हो सकती है तो महेंद्रगढ़ के किसानों की क्यों नहीं हो सकती।
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उन्होंने कहा कि सरकार जब तक इन किसानों को बाकी सात जिलों की तर्ज पर मुआवजा राशि नहीं देती है, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि धरने का राजनीतिकरण नहीं होने दिया जाएगा। किसान अपने दम पर और शांति प्रिय तरीके से धरने पर बैठकर अपनी मांग उठाएंगे। धरने में केवल उन्हीं किसानों को शामिल किया जाएगा जिनकी जमीन ग्रीन कॉरिडोर के बीच अधिग्रहीत की जा रही है।