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Mahendragarh-Narnaul News: गांव बेरी में 52 किसानों को समझाई उन्नत कृषि की बारीकियां
Sat, 02 Mar 2024 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 02 Mar 2024 11:30 PM IST
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महेंद्रगढ़। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के विस्तार विभाग कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से गांव बेरी में सरसों खेत दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर 52 किसानों ने हिस्सा लिया।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. जयलाल ने उपस्थित किसानों को सरसों की अच्छी पैदावार के लिए उन्नत कृषि क्रियाओं के बारे में बताया तथा सरसों की फसल में बीमारियों के पहचान एवं उनकी रोकथाम के उपाय बताए गये। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आशीष शिवरान ने उपस्थित किसानों व महिलाओं को सरसों फसल के लगाए हुए प्रदर्शन प्लाट की उन्नत कृषि क्रियाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले के किसान सरसों फसल की अच्छी पैदावार ले रहे हैं। इसके उपरांत भी किसान फसल उत्पादन की उन्नत कृषि क्रियाओं को अपनाने में पीछे हैं। इसलिए किसानों को उन्नत कृषि क्रियाओं को अपनाना चाहिए ताकि सरसों के उत्पादन को ओर अधिक बढ़ाया जा सके।
उन्होंने बताया की गांव बेरी में सरसों फसल के प्रदर्शन प्लांट लगाए गये थे, जिनमें उन्नत किस्म का बीज आरएच -725, जिवाणु खादों का प्रयोग, जिप्सम का प्रयोग, संतुलित मात्रा में खादों का प्रयोग, तना गलन व सफेद रतुआ बीमारी की रोकथाम, मरगोजा की रोकथाम की तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। इन तकनीकी के प्रभाव को दिखाने के लिए खेत दिवस के अवसर पर किसानों को सरसों का प्रदर्शन प्लांट दिखाया गया। डॉ. स्नेह ने उपस्थित किसानों को अपने विषय संबंधित जानकारी दी।
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केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. जयलाल ने उपस्थित किसानों को सरसों की अच्छी पैदावार के लिए उन्नत कृषि क्रियाओं के बारे में बताया तथा सरसों की फसल में बीमारियों के पहचान एवं उनकी रोकथाम के उपाय बताए गये। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आशीष शिवरान ने उपस्थित किसानों व महिलाओं को सरसों फसल के लगाए हुए प्रदर्शन प्लाट की उन्नत कृषि क्रियाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले के किसान सरसों फसल की अच्छी पैदावार ले रहे हैं। इसके उपरांत भी किसान फसल उत्पादन की उन्नत कृषि क्रियाओं को अपनाने में पीछे हैं। इसलिए किसानों को उन्नत कृषि क्रियाओं को अपनाना चाहिए ताकि सरसों के उत्पादन को ओर अधिक बढ़ाया जा सके।
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उन्होंने बताया की गांव बेरी में सरसों फसल के प्रदर्शन प्लांट लगाए गये थे, जिनमें उन्नत किस्म का बीज आरएच -725, जिवाणु खादों का प्रयोग, जिप्सम का प्रयोग, संतुलित मात्रा में खादों का प्रयोग, तना गलन व सफेद रतुआ बीमारी की रोकथाम, मरगोजा की रोकथाम की तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। इन तकनीकी के प्रभाव को दिखाने के लिए खेत दिवस के अवसर पर किसानों को सरसों का प्रदर्शन प्लांट दिखाया गया। डॉ. स्नेह ने उपस्थित किसानों को अपने विषय संबंधित जानकारी दी।
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