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जिले में 25 के बजाय 18 स्कूलों में साइंस की पढ़ाई होगी बंद

Sat, 10 Aug 2019 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2019 12:57 AM IST
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जिले के 18 सरकारी स्कूूलों में साइंस की कक्षाएं जल्द बंद होने जा रही हैं। इन स्कूलों के बच्चों को पास के कांप्लेक्स स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने कांप्लेक्स स्कूलों की सूची जारी कर दी है। हालांकि पहले जिले में 25 स्कूलों में साइंस की कक्षाएं बंद करने की तैयारी थी। इससे बच्चों को पांच से बीस किलोमीटर दूर तक पढ़ने के लिए जाना होगा।
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बता दें कि शिक्षा विभाग ने जिले के 25 स्कूलों में विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद करने का एलान किया था। इस कार्रवाई के पीछे विज्ञान संकाय के प्रति छात्रों का कम रुझान बताया गया है। जिन 25 स्कूलों में विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किया गया है, उनमें छात्रों की संख्या कम हैं। इन स्कूलों के स्टाफ और बच्चों को निकटवर्ती स्कूलों (कांप्लेक्स) में एडजस्ट करने की तैयारी है। ऐसे में बच्चों व अभिभावकों की परेशानी भी बढ़ जाएगी। इसे लेकर शिक्षक संगठन हसला ने विरोध जताया है। उसका कहना है कि सरकार सरकारी स्कूलों में सुविधाएं कम हैं। इस वजह से बच्चे निजी स्कूलों का रुख कर रहे हैं। इसी बीच वीरवार को विभाग ने दूसरी सूची जारी की, इसमें 18 स्कूलों को शामिल किया गया है। इन 18 स्कूलों के छात्रों को 9 कांप्लेक्स स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।
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इन स्कूलों में सभी विषयों के टीचर नहीं थे
हसला के जिला प्रधान प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि कई स्कूलों में साइंस के टीचर न होने से संकाय पूरी तरह से कार्यरत नहीं थी। ऐसे में इन स्कूलों पर पठन-पाठन प्रभावित हुआ व छात्रों की संख्या कम हुई। उन्होंने कहा कि कहीं भौतिक विज्ञान तो कहीं रसायन विज्ञान का टीचर ही अन्य विषयों को पढ़ता था। प्रधान ने कहा कि यदि स्कूलों में सभी विषय के टीचर होते तो बच्चों की संख्या कम नहीं होती। उन्होंने बताया कि राजवास स्कूल में लंबे समय से रसायन विज्ञान का टीचर नहीं है। खातोदरा स्कूल में भौतिक, मुसनौत में मैथ व सहबाजपुर में बॉयो के टीचर लंबे समय से नहीं हैं। इसी प्रकार अन्य स्कूलों में भी टीचरों की कमी है। सरकार ने टीचरों को उपलब्ध नहीं कराया और साइंस संकाय बंद करने का फैसला ले लिया। उन्होंने बताया कि 16 नए स्कूलों में एक साल पहले साइंस की कक्षाएं शुरू हुई थीं। इसमें भी पूरे टीचर नहीं है। ऐसा लगता है कि सरकार सरकारी स्कूलों को जान-बूझकर बंद करने में जुटी है। उन्होंने बताया कि इससे करीब 300 छात्रों को परेशानी उठानी पड़ेगी। प्रधान ने कहा कि पांच से बीस किलोमीटर दूर बच्चों को पढ़ने जाना होगा। उन्होंने बताया कि चंदपुरा स्कूल से अटेली स्कूल बीस किलोमीटर दूर पड़ेगा। ऐसे में इन स्कूल के बच्चों को परेशानी होगी। उन्होंने बताया कि एक कक्षा में बीस बच्चे होने चाहिए।
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20 से अधिक छात्रों वाले स्कूल लिस्ट से हुए बाहर :
विभाग ने पहले 25 स्कूलों की सूची जारी थी, जिसमें से साइंस की कक्षाएं बंद होनी थी। अब 18 स्कूलों की लिस्ट जारी की है। इसमें बीस से अधिक छात्रों वाले स्कूलों में साइंस की कक्षाएं चलेंगी। ऐसे में सात स्कूलों को इससे बाहर कर दिया गया है। इन सात स्कूलों में पहले की तरह साइंस की पढ़ाई होगी।

विभाग ने 18 स्कूूूलों की सूची जारी की है। इन स्कूलों में साइंस वर्ग में छात्रों को संख्या काफी कम है। ऐसे में इन स्कूलों के बच्चों को कांप्लेक्स स्कूलों में जल्द ही शिफ्ट कर दिया जाएगा।
- अजीत सिंह, डीईओ नारनौल।
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