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Mahendragarh-Narnaul News: पहले प्यास बुझाता था...अब यादों की गहराइयों में ले जाएगा कुआं

Thu, 22 May 2025 12:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 22 May 2025 12:10 AM IST
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Earlier it used to quench thirst...now the well will take you to the depths of memories
मनोज राजपूत
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महेंद्रगढ़। गांव पाली में 8 दशक पूर्व बने पनघट के कुएं को भव्य रूप दिया जा रहा है। यहां की ग्राम धरोहर संरक्षण समिति कुएं का रंग-रोगन कर सेल्फी पॉइंट के रूप में विकसित करने जा रही है। इसका मकसद गांव की धरोहरों को बचाना है।
पाली गांव में साल 1937 में सेठ जैसीराम के पुत्र मीनाराम नौरंगलाल, शीलचंद ने इस कुएं का निर्माण कराया था। तब यह कुआं पूरे गांव की प्यास बुझाता था। लोग रस्सी के सहारे पानी खींचकर अपनी और पशुओं की जरूरत का पानी लेते थे। भरपूर पानी होने के कारण वर्षभर यहां ग्रामीणों की भीड़ रहती थी।
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महिलाओं के झुंड कुएं से पानी लेने आते थे। कुएं के चारों और चबूतरा बना हुआ था। प्राचीन कला के रूप में चारों ओर चार स्तंभों पर कला उकेरी गई थी। लेकिन, जब भूजलस्तर सुखा तो कुएं का पानी भी सूख गया। समय के साथ-साथ यह खंडहर होता गया।
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धरोहर संजोने के लिए बनाई समिति
ग्राम धरोहर संरक्षण समिति के संयोजक पाली कहते हैं धरोहरों को बचाने के लिए पहल की गई है। इसके लिए 5 लोगों की एक समिति बनाई गई है। समिति में कैलाश भारद्वाज को संयोजक, सरपंच देशराज फौजी को अध्यक्ष व संजय शर्मा, किरोड़ी वर्मा और बलबीर तंवर को शामिल किया गया है। 15 दिन में निर्माण शुरू कराया जाएगा।
वर्जन-
-प्रत्येक गांव में ऐतिहासिक धरोहर अवश्य मिलती हैं। इनमें पुरानी हवेली, पनघट बावड़ी सैकड़ों वर्ष पुराने वृक्ष, चबूतरे, धर्मशालाएं, तालाब होते हैं, जो किसी समय गांव की शोभा हुआ करते थे। इनका निर्माण गांव के ही लोगों ने करवाया था। लेकिन, वर्तमान में इस प्रकार की धरोहर खत्म होती जा रही है। इसे भव्य रूप देने के लिए इसकी मरम्मत, रंग-रोगन का काम किया जा रहा है।

-कैलाश पाली, ग्राम धरोहर संरक्षण समिति संयोजक, पाली।

.............
-गांव में ऐसी करीब 20 हवेलियां हैं, जो करीब 2 सदी से गांव की शान हुआ करती थीं। अब उनके मालिकों के सहयोग से उन्हें भी पुराने वैभव में लौटाने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रकार की प्राचीन धरोहर को सहेजने के लिए ग्राम पंचायत की ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा।
-देशराज फौजी, अध्यक्ष ग्राम धरोहर संरक्षण समिति एवं सरपंच गांव पाली
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