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Mahendragarh-Narnaul News: बाबूगीरी छोड़ बस चलाएंगे चालक, नहीं तो गिरेगी गाज
Sat, 08 Jun 2024 01:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 08 Jun 2024 01:52 AM IST
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नारनौल। अब नारनौल डिपो में कार्यरत चालक व परिचालक अन्य कार्य नहीं कर सकेंगे। इसके लिए मुख्यालय की तरफ से बीते दिनों सभी महाप्रबंधकों को पत्र भी जारी किया गया है। इसमें वर्ष 2023 में जारी आदेशों को निरस्त कर दिया है। अब ऐसे चालक-परिचालक जो औसत किलोमीटर से कम मार्ग तय कर रहे हैं, उनका भी विवरण स्पष्ट रूप से कारण सहित मुख्यालय की यातायात शाखा में भेजना होगा।
मुख्यालय की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि चालक-परिचालकों से रूट पर काम लेना महाप्रबंधक की जिम्मेदारी है। चालक-परिचालकों की रूट पर ही ड्यूटी लगाई जाए। जिस डिपो में चालक-परिचालकों की कमी है, वहां चालक-परिचालकों को अन्य ड्यूटी पर नहीं लगाया जा सकेगा।
अगर कोई चालक-परिचालक शारीरिक तौर पर पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं है तो कार्यालय में कार्य कर सकेगा। जिनको एक साल से अधिक अन्य ड्यूटी पर हो गया है, उन्हें तुरंत प्रभाव मार्ग ड्यूटियों पर लगाया जाए। यदि किसी कर्मचारी की रूट पर ड्यूटी लगाने से डिपो की कार्य क्षमता प्रभावित होने की आशंका है तो ऐसे मामले में स्पष्ट केस बनाकर मुख्यालय से अनुमति लेना सुनिश्चित करेंगें।
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छह माह से अधिक स्टैंड ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारियों को मार्ग ड्यूटी पर तुरंत लगाया जाए। इन कर्मचारियों को तब तक काम पर वापस नहीं लगाया जाएगा जब तक महाप्रबंधक कोई कारण न बताएं। इसके साथ मुख्यालय की तरफ से पिछले 3 साल में जिस चालक ने 500 किलोमीटर प्रति वर्ष से भी कम रूट की है उसकी सूचना मुख्यालय को सात दिन के अंदर भेजने की बात कही गई है।
चंडीगढ़ मुख्यालय ने आदेश जारी किए हैं कि लंबे समय से कुंडली मार कर बैठे चालक-परिचालकों से मूल कार्य करवाया जाए व जिन डिपो में चालक-परिचालको की कमी है, वहां किसी भी स्थिति में चालक-परिचालकों को अन्य ड्यूटी पर न लगाया जाए। नारनौल डिपो में स्टाफ की कमी के कारण लगभग 10 से 15 गाड़ियां हमेशा खड़ी रहती हैं। महाप्रबंधक द्वारा इन आदेशों को लागू करने के बाद वर्कशॉप में खड़ी 10 से 15 गाड़ियां ऑन रूट होंगी। इससे बाधित 10 से 15 रूट चालू होने के साथ-साथ विभाग को आर्थिक लाभ भी होगा।
-अनिल भीलवाड़ा, प्रधान डिपो नारनौल।
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मुख्यालय की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि चालक-परिचालकों से रूट पर काम लेना महाप्रबंधक की जिम्मेदारी है। चालक-परिचालकों की रूट पर ही ड्यूटी लगाई जाए। जिस डिपो में चालक-परिचालकों की कमी है, वहां चालक-परिचालकों को अन्य ड्यूटी पर नहीं लगाया जा सकेगा।
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अगर कोई चालक-परिचालक शारीरिक तौर पर पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं है तो कार्यालय में कार्य कर सकेगा। जिनको एक साल से अधिक अन्य ड्यूटी पर हो गया है, उन्हें तुरंत प्रभाव मार्ग ड्यूटियों पर लगाया जाए। यदि किसी कर्मचारी की रूट पर ड्यूटी लगाने से डिपो की कार्य क्षमता प्रभावित होने की आशंका है तो ऐसे मामले में स्पष्ट केस बनाकर मुख्यालय से अनुमति लेना सुनिश्चित करेंगें।
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छह माह से अधिक स्टैंड ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारियों को मार्ग ड्यूटी पर तुरंत लगाया जाए। इन कर्मचारियों को तब तक काम पर वापस नहीं लगाया जाएगा जब तक महाप्रबंधक कोई कारण न बताएं। इसके साथ मुख्यालय की तरफ से पिछले 3 साल में जिस चालक ने 500 किलोमीटर प्रति वर्ष से भी कम रूट की है उसकी सूचना मुख्यालय को सात दिन के अंदर भेजने की बात कही गई है।
चंडीगढ़ मुख्यालय ने आदेश जारी किए हैं कि लंबे समय से कुंडली मार कर बैठे चालक-परिचालकों से मूल कार्य करवाया जाए व जिन डिपो में चालक-परिचालको की कमी है, वहां किसी भी स्थिति में चालक-परिचालकों को अन्य ड्यूटी पर न लगाया जाए। नारनौल डिपो में स्टाफ की कमी के कारण लगभग 10 से 15 गाड़ियां हमेशा खड़ी रहती हैं। महाप्रबंधक द्वारा इन आदेशों को लागू करने के बाद वर्कशॉप में खड़ी 10 से 15 गाड़ियां ऑन रूट होंगी। इससे बाधित 10 से 15 रूट चालू होने के साथ-साथ विभाग को आर्थिक लाभ भी होगा।
-अनिल भीलवाड़ा, प्रधान डिपो नारनौल।