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अस्पताल में दो घंटे भटके मरीज

Sat, 27 Feb 2016 10:19 PM IST
महेंद्रगढ़ / नारनौल
महेंद्रगढ़ / नारनौल Updated Sat, 27 Feb 2016 10:19 PM IST
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चिकित्सकों को सैलरी न मिलने का खामियाजा शनिवार को मरीजों को भुगतना पड़ा। नागरिक अस्पताल के 16 चिकित्सकों ने शनिवार को वेतन न मिलने के विरोध में करीब दो घंटे मरीजों को नहीं देखा। इससे अस्पताल में इलाज कराने आए सैकड़ों मरीज परेशान होते रहे। आलम यह रहा कि चिकित्सकों की खाली कुर्सियों के आसपास मरीज चिकित्सकों का इंतजार करते-करते वहीं पर सो गए। दो घंटे के बाद चिकित्सक आए तो मरीजों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। शनिवार को अस्पताल में 985 मरीज इलाज कराने आए थे।

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नागरिक अस्पताल में सितंबर 2015 तक चिकित्सकों की भारी कमी चल रही थी। सितंबर 2015 में यहां पर 16 चिकित्सकों ने ज्वाइनिंग की। जिसके बाद लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। इससे अस्पताल में ओपीडी की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है, मगर इन 16 चिकित्सकों को एक माह का वेतन मिलने के बाद दोबारा वेतन नहीं मिला। पांच माह तक वेतन न मिलने के कारण चिकित्सकों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। सुबह आठ बजे अस्पताल में आने के बाद सभी ने सुबह साढ़े नौ बजे एकत्र होकर बैठक की। बैठक में फैसला लिया गया कि वे इस बारे में चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात करेंगे। बैठक के बाद सभी चिकित्सा अधीक्षक से मिलने के लिए गए। जिसके बाद चिकित्सकों ने कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक केएम शर्मा से मुलाकात कर अपना दुखड़ा सुनाया।
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क्लर्कों के ढुलमुल रवैये के कारण नहीं मिल रही सैलरी
चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन देने आए चिकित्सक आपार गुप्ता, अमित सिंघानियां, विकास, डा. विजय ग्रोवर ने बताया कि अस्पताल में कार्यरत क्लर्कों के ढुलमुल रवैये के कारण सैलरी मिलने में देरी हो रही है। उनका कहना था कि पूरा दिन वे बड़ी मेहनत से मरीजों को देखते हैं, वहीं कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पांच माह से वेतन नहीं दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रदेश में सात हजार चिकित्सकों की आवश्यकता है, जबकि 2500 ही चिकित्सक हैं। उन्होंने बताया कि ढुलमुल रवैये के कारण कोई सरकारी चिकित्सक नहीं बनाना चाहता। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे वर्क सस्पेंड करेंगे।
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चिकित्सक नहीं होने से मरीज हुए परेशान
वहीं चिकित्सकों के दो घंटे तक ओपीडी नहीं देखने से मरीजों को भारी परेशानी हुई। नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार लोग अपना इलाज कराने आ रहे हैं। जिसके कारण ओपीडी खचाखच भरी हुई है। शनिवार को भी ओपीडी खचाखच भरी थी। वहीं दो घंटे तक चिकित्सक न आने से मरीज परेशान रहे।


कुर्सी के पास बैठकर सुस्ताने लगे, सो भी गए
सुबह साढ़े नौ बजे से करीब 12 बजे तक चिकित्सक न आने के कारण मरीज चिकित्सकों की कुर्सियों के पास बैठे सुस्ताने भी लगे। कई मरीज तो थक हारकर सो भी गए। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग मरीजों को हुई।
ये रही ओपीडी
25 फरवरी-960
26 फरवरी-1005
27 फरवरी-985

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