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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निदेशालय ने जारी किया दाखिले का शेड्यूल
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मौलिक शिक्षा निदेशालय ने बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम(आरटीई) 2009 के तहत शैक्षणिक सत्र 2022-23 में मान्यता प्राप्त विद्यालयों में दाखिले का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस अधिनियम के तहत केवल पहली या इससे पूर्व की कक्षाओं में ही मान्यता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। इसमें भी उक्त बच्चे के निवास स्थान से 0-1 किलोमीटर की दूरी में ही उक्त स्कूल होने की शर्त रखी गई है जिसमें वह दाखिला लेना चाहता है।
इस प्रकार पहली कक्षा से ऊपर की कक्षाओं में निजी स्कूलों में पढ़ने का सपना देख रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निराशा हाथ लगी है क्योंकि निदेशालय की ओर से जारी किए गए आदेश में स्पष्ट रूप से पहली या इससे पूर्व की कक्षाओं जैसे प्री-नर्सरी व केजी में ही दाखिला की बात कही गई है।
शिक्षा का अधिकारी अधिनियम 2009 के तहत प्रदेश में पहली व इससे पूर्व की कक्षाओं में अनुसूचित जाति-जनजाति व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का मान्यता प्राप्त स्कूलों में निशुल्क दाखिला व पढ़ाई करवाई जाने का प्रावधान किया है। इनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम निर्धारित की गई है। वहीं अधिनियम के तहत ऐसे बच्चों के लिए मान्यता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया है मगर केवल पहली या इससे पूर्व की कक्षाओं में ही यह व्यवस्था लागू की गई है।
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आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 25 अप्रैल
निदेशालय द्वारा जारी पत्र अनुसार बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पात्र बच्चे 16 अप्रैल से मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 25 अप्रैल निर्धारित की गई है। 29 अप्रैल को ड्रा निकाला जाएगा। जिसमें शामिल विद्यार्थी पांच मई तक संबंधित स्कूल में दाखिला ले सकेंगे। वहीं दाखिला न लेने की स्थिति में रिक्त बची आरक्षित सीटों पर 10 मई से 14 मई तक प्रतीक्षा सूची के बच्चों को दाखिला जाएगा।
अलग-अलग वर्ग के लिए निर्धारित की गई आयु सीमा
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र बच्चों के लिए अलग-अलग आयु वर्ग निर्धारित किया गया है जिसमें प्री-नर्सरी के लिए 3-5 वर्ष, प्री-प्राइमरी के लिए 4-6 वर्ष तथा प्रथम कक्षा के लिए 5-7 वर्ष निर्धारित की गई है। इसी प्रकार नि:शक्त वर्ग में प्री-नर्सरी के लिए 3-9 वर्ष, प्री-प्राइमरी के लिए 4-9 वर्ष तथा प्रथम कक्षा के लिए 5-9 वर्ग निर्धारित की गई है।
दाखिले सुनिश्चित करवाने के लिए बनाई जाएगी कमेटी
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त स्कूलों में ऐसे बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें निर्धारित की गई है। संबंधित स्कूलों में पात्र बच्चों का दाखिला करवाया जा सके इसके लिए विभाग की तरफ खंड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी जोकि बच्चों के आवेदन संबंधित शिकायतों व प्रश्नों का निवारण करेंगी।
प्रवेश के नाम पैसे लेने वालों पर होगी कार्रवाई
शिक्षा निदेशालय की ओर जारी किए गए पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि अगर कोई स्कूल प्रवेश के दौरान बच्चों या अभिभावकों से किसी भी प्रकार की राशि की मांग करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर कोई स्कूल राशि लेता है तो उससे शुल्क से 10 गुना जुर्माना लगाया जा सकता है।
बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से दाखिला के शेड्यूल जारी किया है। शेड्यूल अनुसार पात्र विद्यार्थी नियमानुसार अपने निवास से एक किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों में दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है।
-विजेंद्र सिंह श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, नारनौल।
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इस प्रकार पहली कक्षा से ऊपर की कक्षाओं में निजी स्कूलों में पढ़ने का सपना देख रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निराशा हाथ लगी है क्योंकि निदेशालय की ओर से जारी किए गए आदेश में स्पष्ट रूप से पहली या इससे पूर्व की कक्षाओं जैसे प्री-नर्सरी व केजी में ही दाखिला की बात कही गई है।
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शिक्षा का अधिकारी अधिनियम 2009 के तहत प्रदेश में पहली व इससे पूर्व की कक्षाओं में अनुसूचित जाति-जनजाति व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का मान्यता प्राप्त स्कूलों में निशुल्क दाखिला व पढ़ाई करवाई जाने का प्रावधान किया है। इनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम निर्धारित की गई है। वहीं अधिनियम के तहत ऐसे बच्चों के लिए मान्यता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया है मगर केवल पहली या इससे पूर्व की कक्षाओं में ही यह व्यवस्था लागू की गई है।
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आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 25 अप्रैल
निदेशालय द्वारा जारी पत्र अनुसार बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पात्र बच्चे 16 अप्रैल से मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 25 अप्रैल निर्धारित की गई है। 29 अप्रैल को ड्रा निकाला जाएगा। जिसमें शामिल विद्यार्थी पांच मई तक संबंधित स्कूल में दाखिला ले सकेंगे। वहीं दाखिला न लेने की स्थिति में रिक्त बची आरक्षित सीटों पर 10 मई से 14 मई तक प्रतीक्षा सूची के बच्चों को दाखिला जाएगा।
अलग-अलग वर्ग के लिए निर्धारित की गई आयु सीमा
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र बच्चों के लिए अलग-अलग आयु वर्ग निर्धारित किया गया है जिसमें प्री-नर्सरी के लिए 3-5 वर्ष, प्री-प्राइमरी के लिए 4-6 वर्ष तथा प्रथम कक्षा के लिए 5-7 वर्ष निर्धारित की गई है। इसी प्रकार नि:शक्त वर्ग में प्री-नर्सरी के लिए 3-9 वर्ष, प्री-प्राइमरी के लिए 4-9 वर्ष तथा प्रथम कक्षा के लिए 5-9 वर्ग निर्धारित की गई है।
दाखिले सुनिश्चित करवाने के लिए बनाई जाएगी कमेटी
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त स्कूलों में ऐसे बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें निर्धारित की गई है। संबंधित स्कूलों में पात्र बच्चों का दाखिला करवाया जा सके इसके लिए विभाग की तरफ खंड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी जोकि बच्चों के आवेदन संबंधित शिकायतों व प्रश्नों का निवारण करेंगी।
प्रवेश के नाम पैसे लेने वालों पर होगी कार्रवाई
शिक्षा निदेशालय की ओर जारी किए गए पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि अगर कोई स्कूल प्रवेश के दौरान बच्चों या अभिभावकों से किसी भी प्रकार की राशि की मांग करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर कोई स्कूल राशि लेता है तो उससे शुल्क से 10 गुना जुर्माना लगाया जा सकता है।
बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से दाखिला के शेड्यूल जारी किया है। शेड्यूल अनुसार पात्र विद्यार्थी नियमानुसार अपने निवास से एक किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों में दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है।
-विजेंद्र सिंह श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, नारनौल।