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Mahendragarh-Narnaul News: म्हारी सड़क योजना के तहत डिजिटल सर्वे शुरू, जर्जर सड़कों से मिलेगी राहत
Sun, 07 Dec 2025 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 07 Dec 2025 02:23 AM IST
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फोटो नंबर-11शहर में सड़कों का सर्वे करते टीम के सदस्य।
नारनौल। शहर की जर्जर सड़कों और लंबे समय से चली आ रही मरम्मत संबंधी समस्याओं से अब शहर वासियों को जल्द राहत मिलेगी है। म्हारी सड़क योजना के तहत शहर की सड़कों का व्यापक डिजिटल सर्वे शुरू कर दिया गया है जिससे सड़क व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
नगर परिषद की ओर से इस सर्वे कार्य के लिए 14 विशेष टीमों का गठन किया गया है जो शहर के विभिन्न वार्डों में सड़कों की वर्तमान स्थिति का बारीकी से आंकलन कर रही हैं।
सर्वे के दौरान प्रत्येक सड़क की लंबाई, चौड़ाई, निर्माण स्थिति और श्रेणी तय करते हुए उसे डिजिटल रूप दिया जा रहा है। अब तक टीमों द्वारा करीब 1200 सड़कों की पहचान कर उनका डिजिटलाइजेशन पूरा किया जा चुका है।
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सर्वे पूर्ण होने के बाद सभी सड़कों से संबंधित विस्तृत जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जो भविष्य में सड़क निर्माण, मरम्मत और विस्तार योजनाओं का आधार बनेगी। इससे न केवल योजनागत ढंग से विकास कार्य हो सकेंगे, बल्कि अनावश्यक देरी और लापरवाही पर भी रोक लगेगी।
इस योजना का सबसे खास पहलू यह है कि अब आमजन की भूमिका भी सड़क सुधार में अहम हो जाएगी। शहरवासी म्हारी सड़क मोबाइल एप के माध्यम से टूटी सड़कों, गड्ढों या क्षतिग्रस्त मार्गों की शिकायत सीधे दर्ज कर सकेंगे।
शिकायत के साथ सड़क की तस्वीर अपलोड करते ही मामला संबंधित विभाग तक पहुंचेगा, जिसे तय समय सीमा में समस्या का समाधान करना अनिवार्य होगा।
अब तक सड़क मरम्मत के लिए लोगों को विभिन्न विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे। बावजूद इसके समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता था लेकिन इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और लापरवाह कार्यशैली पर अंकुश लगेगा। साथ ही शहर की सड़कें भी सुधरेंगी।
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नगर परिषद की ओर से इस सर्वे कार्य के लिए 14 विशेष टीमों का गठन किया गया है जो शहर के विभिन्न वार्डों में सड़कों की वर्तमान स्थिति का बारीकी से आंकलन कर रही हैं।
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सर्वे के दौरान प्रत्येक सड़क की लंबाई, चौड़ाई, निर्माण स्थिति और श्रेणी तय करते हुए उसे डिजिटल रूप दिया जा रहा है। अब तक टीमों द्वारा करीब 1200 सड़कों की पहचान कर उनका डिजिटलाइजेशन पूरा किया जा चुका है।
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सर्वे पूर्ण होने के बाद सभी सड़कों से संबंधित विस्तृत जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जो भविष्य में सड़क निर्माण, मरम्मत और विस्तार योजनाओं का आधार बनेगी। इससे न केवल योजनागत ढंग से विकास कार्य हो सकेंगे, बल्कि अनावश्यक देरी और लापरवाही पर भी रोक लगेगी।
इस योजना का सबसे खास पहलू यह है कि अब आमजन की भूमिका भी सड़क सुधार में अहम हो जाएगी। शहरवासी म्हारी सड़क मोबाइल एप के माध्यम से टूटी सड़कों, गड्ढों या क्षतिग्रस्त मार्गों की शिकायत सीधे दर्ज कर सकेंगे।
शिकायत के साथ सड़क की तस्वीर अपलोड करते ही मामला संबंधित विभाग तक पहुंचेगा, जिसे तय समय सीमा में समस्या का समाधान करना अनिवार्य होगा।
अब तक सड़क मरम्मत के लिए लोगों को विभिन्न विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे। बावजूद इसके समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता था लेकिन इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और लापरवाह कार्यशैली पर अंकुश लगेगा। साथ ही शहर की सड़कें भी सुधरेंगी।