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Mahendragarh-Narnaul News: सावन की बारिश में निखरा ढोसी धाम, झरनों और हरियाली ने खींचे पर्यटक
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फोटो नंबर-17ढोसी धाम पर झरने में नहाते लोगग। संवाद
नारनौल। सावन में बारिश की फुहारों ने ढोसी धाम को इन दिनों प्राकृतिक सौंदर्य से भर दिया है। बारिश के बाद ढोसी की पहाड़ियां हरियाली की चादर से ढक गई हैं जबकि चट्टानों के बीच से बहते झरने यहां की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं।
धार्मिक आस्था के साथ अब यह स्थल प्रकृति प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसी कारण शनिवार व रविवार को यहां लोगों की भारी भीड़ रही। महर्षि च्यवन की तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध ढोसी धाम में सावन के दौरान सुबह से ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाता है। बारिश के बाद पहाड़ियों से नीचे उतरता पानी छोटे-बड़े झरनों का रूप ले रहा है।
परिवार और दोस्तों के साथ पहुंच रहे लोग प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के साथ मोबाइल कैमरों में इन खूबसूरत नजारों को कैद कर रहे हैं। युवाओं में विशेष रूप से फोटोग्राफी और प्राकृतिक दृश्यों के साथ सेल्फी लेने का उत्साह दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में तीन-चार दिनों से हो हल्की व तेज बरसात में ढोसी पर झरनों, शिवकुंड व चंद्रकूप में स्नान कर लोग जमकर लुत्फ उठा रहे।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन में ढोसी धाम का प्राकृतिक स्वरूप जिले में ही पर्यटन की नई संभावनाएं दिखाता है। यदि यहां साफ-सफाई, सुरक्षा, रास्तों, पार्किंग, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का बेहतर विकास किया जाए तो ढोसी धाम को धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
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धार्मिक आस्था के साथ अब यह स्थल प्रकृति प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसी कारण शनिवार व रविवार को यहां लोगों की भारी भीड़ रही। महर्षि च्यवन की तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध ढोसी धाम में सावन के दौरान सुबह से ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाता है। बारिश के बाद पहाड़ियों से नीचे उतरता पानी छोटे-बड़े झरनों का रूप ले रहा है।
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परिवार और दोस्तों के साथ पहुंच रहे लोग प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के साथ मोबाइल कैमरों में इन खूबसूरत नजारों को कैद कर रहे हैं। युवाओं में विशेष रूप से फोटोग्राफी और प्राकृतिक दृश्यों के साथ सेल्फी लेने का उत्साह दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में तीन-चार दिनों से हो हल्की व तेज बरसात में ढोसी पर झरनों, शिवकुंड व चंद्रकूप में स्नान कर लोग जमकर लुत्फ उठा रहे।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन में ढोसी धाम का प्राकृतिक स्वरूप जिले में ही पर्यटन की नई संभावनाएं दिखाता है। यदि यहां साफ-सफाई, सुरक्षा, रास्तों, पार्किंग, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का बेहतर विकास किया जाए तो ढोसी धाम को धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।