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Mahendragarh-Narnaul News: निशान लेकर पदयात्रा पर निकले खाटू श्याम धाम के लिए श्रद्धालु
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फोटो संख्या:54 कनीना में खाटूश्याम के लिए रवाना होते श्रद्धालु। संवाद
कनीना। फाल्गुन एकादशी पर चार मार्च को लगने वाले खाटू श्याम मेले के लिए कनीना क्षेत्र से कई श्रद्धालु रवाना होने लगे हैं। श्रद्धालु निशान ध्वज लेकर पदयात्रा करते हुए बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाने जा रहे हैं।
इस समय जगह-जगह पदयात्रियों की सेवा के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं जहां भोजन, पानी व विश्राम की व्यवस्था की जा रही है। कनीना से खाटू धाम की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है जिसे श्रद्धालु करीब चार दिनों में पैदल तय करते हैं।
श्रद्धालु राज कुमार, देवेंद्र सिंह, मनोज कुमार व सुरेश कुमार ने बताया कि वे सात वर्षों से लगातार खाटू श्याम धाम जाकर ध्वज अर्पित कर रहे हैं। उनका कहना है कि दूरी भले ही लंबी हो लेकिन बाबा के प्रति आस्था के कारण यह यात्रा कष्टदायी नहीं लगती।
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महिला श्रद्धालु राजबाला व राजवंती ने बताया कि वे 15 वर्षों से खाटू श्याम के दर्शन करने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि रास्ते में थकान जरूर होती है। लेकिन लोगों की सेवा भावना व बाबा का स्मरण यात्रा को सरल बना देता है।
बलजीत भक्त ने बताया कि वे पिछले छह वर्षों से पदयात्रा कर रहे हैं व इस यात्रा से उन्हें मानसिक शांति व आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक के साथ चलना कठिन होता है लेकिन भक्ति भाव के कारण सफर सहज लगने लगता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा श्याम के दर्शन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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इस समय जगह-जगह पदयात्रियों की सेवा के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं जहां भोजन, पानी व विश्राम की व्यवस्था की जा रही है। कनीना से खाटू धाम की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है जिसे श्रद्धालु करीब चार दिनों में पैदल तय करते हैं।
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श्रद्धालु राज कुमार, देवेंद्र सिंह, मनोज कुमार व सुरेश कुमार ने बताया कि वे सात वर्षों से लगातार खाटू श्याम धाम जाकर ध्वज अर्पित कर रहे हैं। उनका कहना है कि दूरी भले ही लंबी हो लेकिन बाबा के प्रति आस्था के कारण यह यात्रा कष्टदायी नहीं लगती।
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महिला श्रद्धालु राजबाला व राजवंती ने बताया कि वे 15 वर्षों से खाटू श्याम के दर्शन करने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि रास्ते में थकान जरूर होती है। लेकिन लोगों की सेवा भावना व बाबा का स्मरण यात्रा को सरल बना देता है।
बलजीत भक्त ने बताया कि वे पिछले छह वर्षों से पदयात्रा कर रहे हैं व इस यात्रा से उन्हें मानसिक शांति व आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक के साथ चलना कठिन होता है लेकिन भक्ति भाव के कारण सफर सहज लगने लगता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा श्याम के दर्शन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।