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फसल गिरदावरी की पड़ताल के लिए खेतों में पहुंचे उपायुक्त
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महेंद्रगढ़। राजस्व विभाग द्वारा की गई फसल गिरदावरी की पड़ताल के लिए मंगलवार को उपायुक्त गांव रिवासा व इसके आसपास के खेतों में पहुंचे। उपायुक्त ने खेतों के बीच में जाकर हाथ में सजरा लेकर फसल का रिकॉर्ड के साथ मिलान किया।
अपने साप्ताहिक कैंप कार्यालय के बाद उपायुक्त सीधे रिवासा व इसके आसपास के क्षेत्र के खेतों में पहुंचे। विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई गिरदावरी रिकार्ड का खेतों में खड़ी फसलों के साथ मिलान किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
- अधिकारियों को निर्देश- आंकड़े हों शत प्रतिशत सही
उपायुक्त ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से कहा कि गिरदावरी बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसे में यह कार्य सौ फीसदी ठीक होना चाहिए। सरकार गिरदावरी के माध्यम से लिए गए आंकड़ों के आधार पर ही किसान के संबंध में नीति बनती है। डीसी ने कहा कि राजस्व विभाग प्रत्येक फसल चक्र की गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को रिपोर्ट भेजता है। ऐसे में गिरदावरी रिपोर्ट में सही आंकड़े आएं इसके लिए ई-गिरदावरी प्रणाली अपनाई गई है।
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- उपग्रह से लिया जाता है फसल का फोटो
ई-गिरदावरी का मुख्य मकसद यही है कि यह कार्य पूरी तरह से पारदर्शी रहे। यह मौके पर जाकर ऑनलाइन होती है। इसके लिए बाकायदा राजस्व विभाग के कर्मचारियों को ई-गिरदावरी के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। पटवारी सजरे से किला नंबर देखकर टैब में फसली ब्यौरा एकत्रित करते हैं। इसके बाद इसकी जांच पड़ताल, गिरदावर, तहसीलदार व अन्य उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है ताकि इस कार्य की सही रिपोर्ट सरकार को भेजी जा सके। इसके अलावा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं पर हरसेक हिसार की ओर से मैप के माध्यम से इस रिपोर्ट का मिलान किया जाएगा। हरसेक द्वारा हर साल उपग्रह के जरिए फसल का फोटो लिया जाता है। इस मौके पर उनके साथ एसडीएम महेंद्रगढ़ दिनेश कुमार तथा राजस्व विभाग से सदर कानूनगो राजपाल के अलावा राज्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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अपने साप्ताहिक कैंप कार्यालय के बाद उपायुक्त सीधे रिवासा व इसके आसपास के क्षेत्र के खेतों में पहुंचे। विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई गिरदावरी रिकार्ड का खेतों में खड़ी फसलों के साथ मिलान किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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- अधिकारियों को निर्देश- आंकड़े हों शत प्रतिशत सही
उपायुक्त ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से कहा कि गिरदावरी बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसे में यह कार्य सौ फीसदी ठीक होना चाहिए। सरकार गिरदावरी के माध्यम से लिए गए आंकड़ों के आधार पर ही किसान के संबंध में नीति बनती है। डीसी ने कहा कि राजस्व विभाग प्रत्येक फसल चक्र की गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को रिपोर्ट भेजता है। ऐसे में गिरदावरी रिपोर्ट में सही आंकड़े आएं इसके लिए ई-गिरदावरी प्रणाली अपनाई गई है।
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- उपग्रह से लिया जाता है फसल का फोटो
ई-गिरदावरी का मुख्य मकसद यही है कि यह कार्य पूरी तरह से पारदर्शी रहे। यह मौके पर जाकर ऑनलाइन होती है। इसके लिए बाकायदा राजस्व विभाग के कर्मचारियों को ई-गिरदावरी के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। पटवारी सजरे से किला नंबर देखकर टैब में फसली ब्यौरा एकत्रित करते हैं। इसके बाद इसकी जांच पड़ताल, गिरदावर, तहसीलदार व अन्य उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है ताकि इस कार्य की सही रिपोर्ट सरकार को भेजी जा सके। इसके अलावा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं पर हरसेक हिसार की ओर से मैप के माध्यम से इस रिपोर्ट का मिलान किया जाएगा। हरसेक द्वारा हर साल उपग्रह के जरिए फसल का फोटो लिया जाता है। इस मौके पर उनके साथ एसडीएम महेंद्रगढ़ दिनेश कुमार तथा राजस्व विभाग से सदर कानूनगो राजपाल के अलावा राज्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।