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किसानों पर लाठीचार्ज करने के विरोध में किया प्रदर्शन
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किसानों पर लाठीचार्ज करने के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते किसान संगठन के लोग।
- फोटो : Narnol
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नारनौल। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने करनाल में किसानों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने के विरोध में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
संगठन के सचिव बलबीर सिंह ने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज ब्रिटिश काल की याद दिलाता है। जब देश में विदेशी हुकूमत थी। परंतु दुर्भाग्य से आज की सरकारें भी उसी तरह तानाशाही व क्रूर रवैया अपनाए हुए हैं और किसानों के जायज, अहिंसक व शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है। जिसको देश के किसान व आम जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार जितना अत्याचार करेगी, आंदोलन उतना ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। सरकारी दबाव के आगे किसान झुकेगा नहीं, तीनों कृषि कानून वापस लेने पर ही आंदोलन खत्म होगा।
एडवोकेट मंजीत सिंह ने कहा कि करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के आदेश देने वाले एसडीएम आयुष सिन्हा और किसानों का सिर फोड़ने वाले पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई कर बर्खास्त किया जाए। एआईटीयूसी के जिला सचिव छाजूराम ने आंदोलनों के प्रति सरकार के तानाशाही पूर्ण रवैया तथा केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों रेलवे, बंदरगाह, एयरपोर्ट आदि को बेचने की कड़ी आलोचना की। इस मौके पर अजय एडवोकेट, अमर सिंह, अभय सिंह, भरपूर सिंह, रामोतार, विजेंद्र सिंह, सीताराम प्रधान, यादराम, मोहर सिंह, संजय व भीमसेन आदि उपस्थित रहे।
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संगठन के सचिव बलबीर सिंह ने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज ब्रिटिश काल की याद दिलाता है। जब देश में विदेशी हुकूमत थी। परंतु दुर्भाग्य से आज की सरकारें भी उसी तरह तानाशाही व क्रूर रवैया अपनाए हुए हैं और किसानों के जायज, अहिंसक व शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है। जिसको देश के किसान व आम जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार जितना अत्याचार करेगी, आंदोलन उतना ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। सरकारी दबाव के आगे किसान झुकेगा नहीं, तीनों कृषि कानून वापस लेने पर ही आंदोलन खत्म होगा।
एडवोकेट मंजीत सिंह ने कहा कि करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के आदेश देने वाले एसडीएम आयुष सिन्हा और किसानों का सिर फोड़ने वाले पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई कर बर्खास्त किया जाए। एआईटीयूसी के जिला सचिव छाजूराम ने आंदोलनों के प्रति सरकार के तानाशाही पूर्ण रवैया तथा केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों रेलवे, बंदरगाह, एयरपोर्ट आदि को बेचने की कड़ी आलोचना की। इस मौके पर अजय एडवोकेट, अमर सिंह, अभय सिंह, भरपूर सिंह, रामोतार, विजेंद्र सिंह, सीताराम प्रधान, यादराम, मोहर सिंह, संजय व भीमसेन आदि उपस्थित रहे।
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