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आम बजट में अलवर-चरखी दादरी नई रेलवे लाइन को शामिल करने की मांग
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रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन।
- फोटो : Narnol
आम बजट में अलवर चरखी दादरी नई रेलवे लाइन को पास करने की मांग उठने लगी। इसके लिए दैनिक रेलयात्री संघ के प्रधान सुंदरलाल जोरासिया ने कहा कि क्षेत्र की यह काफी पुरानी मांग है। आठ वर्ष पहले यूपीए 2 सरकार ने इसका सर्वे करवाने की घोषणा की थी उसके बाद इस लाइन पर काम नहीं हुआ है। एक फरवरी को केंद्र सरकार आम बजट पेश करेगी। उस बजट में इन नई रेलवे लाइन को पास करवाने की मांग की है। साथ सांसद धर्मबीर से भी बजट में इसके मांग किए जाने की अपील की है।
बता दें कि केंद्र की यूपीए-2 सरकार की तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने 2011के रेलवे बजट में अलवर से चरखी दादरी रेलवे लाइन की सर्वे की घोषणा की थी उसके बाद एनडीए की सरकार ने 2014 में अपने पहले आधे बजट में महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी रेलवे लाइन को डबल ट्रैक करने की घोषणा की। दोनों ही घोषणाएं क्षेत्रवासियों के लिए घोषणा बनकर रह गई। अलवर से वाया बहरोड़, नारनौल, महेंद्रगढ़ चरखी दादरी तक के रेल यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। इससे जिला के लोगों को दादरी, रोहतक, भिवानी, और हिसार आने-जाने में परेशानी होती है। जिले के नागरिकों तथा दैनिक यात्रियों की बार-बार मांग उठाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कई बार किया धरना प्रदर्शन
दैनिक रेलयात्री संघ ने अनेकों बार धरना प्रदर्शन करके इस लाइन का सर्वे करवाने और दिल्ली-सादलपुर लाइन पर नई रेल गाड़ियां, चलाने की मांग करते हैं। परंतु न तो अभी तक इस रेल लाइन का सर्वे किया गया और न ही सराय रोहिल्ला दिल्ली सादलपुर रेलमार्ग पर नई गाड़ियां चलाई गई है। जिसके चलते व्यापारियों, विद्यार्थियों सैनिकों एवं कर्मचारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है।
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महेंद्रगढ़ राजधानी चंडीगढ़ से जुड़ जाएगा
अगर केंद्र सरकार अलवर-चरखी दादरी रेलवे लाइन पर मोहर लगा दे देती है तो इससे अलवर, बहरोड़, नारनौल, महेंद्रगढ़ तथा चरखी दादरी के लोगों को काफी फायदा होगा। इससे दक्षिण हरियाणा के इस पिछड़े इलाके की तरक्की के रास्ते खुल जाएंगे। साथ ही यहां के लोगों को प्रदेश के अन्य शहरों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ने का सपना भी पूरा हो जाएगा। दूसरा महेंद्रगढ़ जिला राजधानी चंडीगढ़ से जुड़ जाएगा। इस लाइन से दोनों ही जिले के लोग राजस्थान की राजधानी जयपुर, मथुरा, आगरा, चंडीगढ़ और पंजाब से जुड़ जाएंगे। लोगों को इस रेल लाइन के सर्वे की भाजपा सरकार से आस थी लेकिन अब तक वह पूरी नहीं हो पाई है। लाइन बिछने से प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ राजस्थान के लोगों को भी इसका फायदा होगा।
डबल ट्रैक बनने से महेंद्रगढ़ तक बढ़ेंगी गाड़ियां
एनडीए सरकार नेे 2014 में अपने पहले आधे बजट में रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ रेलवे लाइन को डबल करने की घोषणा की थी। इस ट्रैक पर 24 घंटें में कई माल गाड़ियां निकलती हैं जिससे सवारी गाड़ी देर से पहुंचती हैं। रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ तक रेलवे लाइन का डबल ट्रैक कर दिया जाए तो इससे महेंद्रगढ़ की जनता को फायदा होगा। साथ ही रेवाड़ी को रात्रि के समय ठहराव होने वाली गाड़ियों का बोझा भी कम हो जाएगा। जो ट्रेनें रात में रेवाड़ी जंक्शन पर खड़ी होती है अगर वो महेंद्रगढ़ आकर खड़ी होंगी तो इससे महेंद्रगढ़ की जनता गाड़ी मिल जाएगी, दूसरा रेवाड़ी स्टेशन पर गाड़ियों का दबाव कम हो जाएगा।
अलवर-चरखी दादरी रेलवे लाइन हमारी वर्षों पुरानी मांग है। इस लाइन के तैयार होने से क्षेत्र के लोग पंजाब, चंडीगढ़, जयपुर, यूपी से सीधे जुड़ जाएंगे। हम चाहते हैं कि सांसद महोदय बजट के लिए अपने मांग पत्र में शामिल करें और इस मांग को बजट में पास भी करवाए।
- सुंदरलाल जोरासिया, जोन स्पोट निरीक्षक, जयपुर जोन
अलवर-चरखी दादरी रेलवे लाइन की मांग के लिए हम पहले भी धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन भी दे चुके हैं। सांसद महोदय के पास अब बजट में पास करवाने का अच्छा समय है। इस बजट में वो मांग को प्रमुखता से रखकर पास करवाए।
-रामनिवास पाटोदा, प्रधान दैनिक रेलयात्री महासंघ।
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बता दें कि केंद्र की यूपीए-2 सरकार की तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने 2011के रेलवे बजट में अलवर से चरखी दादरी रेलवे लाइन की सर्वे की घोषणा की थी उसके बाद एनडीए की सरकार ने 2014 में अपने पहले आधे बजट में महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी रेलवे लाइन को डबल ट्रैक करने की घोषणा की। दोनों ही घोषणाएं क्षेत्रवासियों के लिए घोषणा बनकर रह गई। अलवर से वाया बहरोड़, नारनौल, महेंद्रगढ़ चरखी दादरी तक के रेल यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। इससे जिला के लोगों को दादरी, रोहतक, भिवानी, और हिसार आने-जाने में परेशानी होती है। जिले के नागरिकों तथा दैनिक यात्रियों की बार-बार मांग उठाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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कई बार किया धरना प्रदर्शन
दैनिक रेलयात्री संघ ने अनेकों बार धरना प्रदर्शन करके इस लाइन का सर्वे करवाने और दिल्ली-सादलपुर लाइन पर नई रेल गाड़ियां, चलाने की मांग करते हैं। परंतु न तो अभी तक इस रेल लाइन का सर्वे किया गया और न ही सराय रोहिल्ला दिल्ली सादलपुर रेलमार्ग पर नई गाड़ियां चलाई गई है। जिसके चलते व्यापारियों, विद्यार्थियों सैनिकों एवं कर्मचारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है।
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महेंद्रगढ़ राजधानी चंडीगढ़ से जुड़ जाएगा
अगर केंद्र सरकार अलवर-चरखी दादरी रेलवे लाइन पर मोहर लगा दे देती है तो इससे अलवर, बहरोड़, नारनौल, महेंद्रगढ़ तथा चरखी दादरी के लोगों को काफी फायदा होगा। इससे दक्षिण हरियाणा के इस पिछड़े इलाके की तरक्की के रास्ते खुल जाएंगे। साथ ही यहां के लोगों को प्रदेश के अन्य शहरों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ने का सपना भी पूरा हो जाएगा। दूसरा महेंद्रगढ़ जिला राजधानी चंडीगढ़ से जुड़ जाएगा। इस लाइन से दोनों ही जिले के लोग राजस्थान की राजधानी जयपुर, मथुरा, आगरा, चंडीगढ़ और पंजाब से जुड़ जाएंगे। लोगों को इस रेल लाइन के सर्वे की भाजपा सरकार से आस थी लेकिन अब तक वह पूरी नहीं हो पाई है। लाइन बिछने से प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ राजस्थान के लोगों को भी इसका फायदा होगा।
डबल ट्रैक बनने से महेंद्रगढ़ तक बढ़ेंगी गाड़ियां
एनडीए सरकार नेे 2014 में अपने पहले आधे बजट में रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ रेलवे लाइन को डबल करने की घोषणा की थी। इस ट्रैक पर 24 घंटें में कई माल गाड़ियां निकलती हैं जिससे सवारी गाड़ी देर से पहुंचती हैं। रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ तक रेलवे लाइन का डबल ट्रैक कर दिया जाए तो इससे महेंद्रगढ़ की जनता को फायदा होगा। साथ ही रेवाड़ी को रात्रि के समय ठहराव होने वाली गाड़ियों का बोझा भी कम हो जाएगा। जो ट्रेनें रात में रेवाड़ी जंक्शन पर खड़ी होती है अगर वो महेंद्रगढ़ आकर खड़ी होंगी तो इससे महेंद्रगढ़ की जनता गाड़ी मिल जाएगी, दूसरा रेवाड़ी स्टेशन पर गाड़ियों का दबाव कम हो जाएगा।
अलवर-चरखी दादरी रेलवे लाइन हमारी वर्षों पुरानी मांग है। इस लाइन के तैयार होने से क्षेत्र के लोग पंजाब, चंडीगढ़, जयपुर, यूपी से सीधे जुड़ जाएंगे। हम चाहते हैं कि सांसद महोदय बजट के लिए अपने मांग पत्र में शामिल करें और इस मांग को बजट में पास भी करवाए।
- सुंदरलाल जोरासिया, जोन स्पोट निरीक्षक, जयपुर जोन
अलवर-चरखी दादरी रेलवे लाइन की मांग के लिए हम पहले भी धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन भी दे चुके हैं। सांसद महोदय के पास अब बजट में पास करवाने का अच्छा समय है। इस बजट में वो मांग को प्रमुखता से रखकर पास करवाए।
-रामनिवास पाटोदा, प्रधान दैनिक रेलयात्री महासंघ।