सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड: नितिन फौजी को भगाने में रामवीर ने की थी मदद, राजस्थान पुलिस ने किया गिरफ्तार
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। सुरेती पिलानिया गांव के रामवीर ने नितिन फौजी व रोहित राठौड़ की भागने में मदद की थी। राजस्थान पुलिस शनिवार सुबह सुरेती पिलानिया पहुंची थी। रामवीर को साथ ले गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के मामले में हरियाणा से पहली गिरफ्तारी हुई है। महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली के सुरेती पिलानिया गांव के एक युवक को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि सुरेती पिलानिया के रामवीर ने ही नितिन फौजी के लिए जयपुर में सारी व्यवस्था की थी। नितिन फौजी व रामवीर दोनों दोस्त हैं और वह पहले भी नितिन फौजी की मदद कर चुका है।
राजस्थान पुलिस उसे शनिवार सुबह सुरेती पिलानिया से गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। 5 दिसंबर को नितिन फौजी व रोहित राठौड़ पर गोगामेड़ी की हत्या की थी। आरोप है कि इस घटना को अंजाम देने के बाद भी दोनों आरोपियों को रामवीर ने ही अपनी बाइक पर बैठाकर बगरू टोल प्लाजा से आगे तक छोड़ा था। इसके बाद दोनों आरोपी नागौर डिपो की रोडवेज बस में बैठकर भागने में कामयाब हो गए थे।
नितिन फौजी व रामवीर दोनों महेंद्रगढ़ के निजी स्कूल में पढ़े थे साथ
रामवीर और नितिन फौजी महेंद्रगढ़ के एक निजी स्कूल में 12वीं तक साथ पढ़े थे। वहीं नितिन फौजी 12वीं पास करने के बाद वर्ष 2019-20 में सेना में भर्ती हो गया। रामवीर जयपुर में आगे की पढ़ाई करने चला गया। इसी वर्ष अप्रैल में एमएससी के पेपर जयपुर में देकर वह गांव आया था।
डालनवास के अमित से पुलिस ने की पूछताछ
सतनाली खंड के ही डालनवास गांव में अमित नाम के युवक से भी पुलिस ने नितिन फौजी के बारे में पूछताछ की है। हालांकि राजस्थान पुलिस अमित से पूछताछ कर साथ नहीं ले गई।
सैनिक परिवार से संबंध रखता है नितिन फौजी
दौंगड़ा जाट के नितिन फौजी का भाई विकास भी सेना में है। वहीं उसके पिता सेना से ही सेवानिवृत्त हैं। नितिन फौजी अभी बहरोड़ (अलवर) में करीब एक साल से 19 जाट बटालियन में तैनात था। वह 8 नवंबर को अपने गांव दौंगड़ा जाट दो दिन की छुट्टी लेकर आया था। इसके बाद 9 नवंबर को वह अपनी गाड़ी सर्विस करवाने की बात कहकर घर से गया था।
राजस्थान पुलिस की टीमें शनिवार को महेंद्रगढ़ जिले में आई थीं। जिला पुलिस की ओर से इस मामले में राजस्थान पुलिस का पूरा सहयोग किया गया है। राजस्थान पुलिस द्वारा महेंद्रगढ़ क्षेत्र के कुछ गांवों में पहुंचकर पूछताछ की गई है। वहीं जिला पुलिस की सीआईए नारनौल, सीआईएस महेंद्रगढ़ व कनीना स्पेशल स्टाफ की तीन टीमें मामले में तेजी से जांच कर रही हैं। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। इस मामले में महेंद्रगढ़ पुलिस की टीमें लगातार राजस्थान क्षेत्र में भी जांच कर रही हैं। - नितिश अग्रवाल, जिला पुलिस अधीक्षक महेंद्रगढ़।