नारनौल: निजामपुर सर्कल का पटवारी 60 हजार रिश्वत लेता गिरफ्तार, पूछताछ में तहसीलदार का नाम आया सामने
दोनों के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। एक लाख दस हजार रुपये की मांग थी। 13 एकड़ जमीन की पैमाइश कराई जानी थी। गुरुग्राम की टीम आरोपी तहसीलदार को गिरफ्तार करने के लिए जुटी हुई है।
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हरियाणा में राज्य चौकी ब्यूरो गुरुग्राम की टीम ने सोमवार को गांव पवेरा के खेतों से निजामपुर सर्कल के पटवारी नवीन शर्मा को 60 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। वहीं नामतोल करने वाले कर्मचारी मौके से फरार हो गए। मामले में नांगल चौधरी के तहसीलदार अजय कुमार का नाम शामिल है। इन पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। गुरुग्राम की टीम आरोपी तहसीलदार को गिरफ्तार करने के लिए जुटी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार पवेरा निवासी अजीत सिंह चौधरी को भाइयों की साझा 13 एकड़ जमीन का बंटवारा करना है। उसकी पैमाइश करवाकर सबके अलग-अलग नाम पर रिकॉर्ड में दर्ज कराना है। 10-15 दिन पहले अजीत पटवारी नवीन शर्मा से मिला था। पटवारी ने उससे एक लाख 10 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता पटवारी को बार-बार अपने कार्य के लिए निवेदन करता रहा।
जब उसका कार्य नहीं हुआ तो उसने राज्य चौकसी ब्यूरो ग्रुरुग्राम को इसकी शिकायत दी। शिकायत के बाद टीम का गठन किया गया। जिसमें राज्य चौकसी ब्यूरो गुरुग्राम इंचार्ज निरीक्षक रणबीर सिंह, उप निरीक्षक नरेश, उप निरीक्षक रणधीर सिंह, सहायक उप निरीक्षक सत्यप्रकाश शामिल किए गए। नांगल चौधरी बिजली निगम के एसडीओ हितेश गोयल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया।
योजना बद्ध तरीके से अजीत ने सोमवार को पटवारी नवीन शर्मा को निजामपुर- नांगल चौधरी रोड पर स्थित खेत में पैमाइश के लिए बुला लिया। इस दौरान पटवारी आधी जमीन की पैमाइश करा दी थी। आरोप है कि उसके बाद पटवारी ने अजीत से पैसों की डिमांड की। शिकायतकर्ता अजीत ने उसे 60 हजार रुपये दे दिए।
जैसे ही वह अपनी गाड़ी में बैठक जाने लगा तो राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उसे नारनौल कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी पटवारी एक लाख दस हजार रुपये की मांग की थी।
इसमें 60 हजार रुपये तहसीलदार के तथा 25-25 हजार रुपये पटवारी तथा डीजीपीएस मशीन वालों के मांगे थे। डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) मशीन से ही आजकल जमीनों की पैमाइश की जाती है। यह मशीन सरकार के पास नहीं है। प्राइवेट एजेंसी से हायर करनी होती है।
पूछताछ में तहसीलदार का नाम किया उजागर
आरोपी पटवारी नवीन शर्मा ने पूछताछ में तहसीलदार अजय कुमार का नाम उजागर किया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने पटवारी के फोन से ही तहसीलदार अजय कुमार को फोन कराया। पटवारी ने तहसीलदार को फोन पर बताया कि आपके पैसे (60 हजार रुपये) मेरे पास आ गए हैं। तहसीलदार ने उसको रख लेने की बात कही। कुछ समय बाद तहसीलदार की पटवारी के पास कॉल आई। तब तहसीलदार ने कहा कि अभी वह व्यस्त है, इसलिए वह नहीं आ सकता। पैसे अपने पास ही रख ले। इस कॉल के बाद टीम को यकीन हो गया। इसके बाद उसने छापेमारी भी की, लेकिन तहसीलदार भाग गया।
कार्यालय में अनुपस्थित रहने पर दिया जाएगा कारण बताओ नोटिस
तहसीलदार अजय कुमार को नांगल चौधरी नगर पालिका चुनाव का नोडल अधिकारी बनाया हुआ है। उनका नाम भ्रष्टाचार में आने के बाद वह फरार चल रहा है। मंगलवार को अपने कार्यालय में नहीं आया। न ही किसी अधिकारी को छुट्टी दी। इस संबंध में नगराधीश मंगलसेन ने बताया कि तहसीलदार बिना बताए छुट्टी पर गए हैं तो उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। फरार चल रहा है।
सोमवार को पवेरा के खेतों में पटवारी नवीन शर्मा को 60 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उसने तहसीलदार अजय कुमार का नाम भी उजागर किया है। दोनों के खिलाफ गुरुग्राम विजिलेंस में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी नवीन को न्यायालय पेश कर दिया है। जिसको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं तहसीलदार को गिरफ्तार करने के लिए टीम संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। -निरीक्षक रणबीर सिंह, राज्य चौकसी ब्यूरो, गुरुग्राम