फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   cows, trafficking, police

लावारिस ट्रक से पुलिस ने गौवंश मुक्त कराया

Sat, 19 Mar 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Sat, 19 Mar 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
cows, trafficking, police
police action - फोटो : narnaul
पुलिस ने शनिवार को गांव नीरपुर के बस स्टैंड के पास खड़े लावारिस ट्रक को कब्जे में लेकर गौवंश को मुक्त कराया। ट्रक में गायों और बछड़ों को बेरहमी से मुंह और पैर बांधकर ठूंसा गया था। ठीक से सांस नहीं ले पाने के कारण ट्रक में एक गाय भी मरी पड़ी थी। पशुओं को छिपाने के लिए ट्रक को तिरपाल से ढका गया था। दिन में पकड़े जाने के भय से चालक ट्रक छोड़कर फरार हो चुका था। पुलिस ने स्थानीय लोगाें के सहयोग से गौवंश को मुक्त कर गोपाल गौशाला पहुंचाया। चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  
विज्ञापन


शनिवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को नीरपुर चौक से कुछ दूरी पर पशुओं से भरे एक लावारिस ट्रक के खड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद एएसआई यशवंत सिंह, मुख्य सिपाही सुनील कुमार और रामस्वरूप सिंह मौके पर पहुंचे। मौके पर पुलिस ने तिरपाल हटाकर देखा तो ट्रक में 10 गाय और नौ बछड़ों को बेरहमी से मुंह और पैर बांधकर ठूंसा गया था। इस कारण पशु आसानी से सांस भी नहीं ले पा रहे थे। पशुओं के बीच एक गाय मरी हुई थी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से पशुओं को बंधन मुक्त कर उनको गोपाल गौशाला पहुंचाया। ट्रक को कब्जे में लेकर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि सभी पशुओं को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन दिन का समय होने और पकड़े जाने के डर से ट्रक चालक अपने वाहन को नीरपुर चौक से कुछ दूरी पर खड़ा कर फरार हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी निजामपुर में मिल चुके हैं ऐसे ट्रक
कुछ इस तरह ही पशुओं से भरे ट्रक सर्दियों के मौसम में निजामपुर से भी मिल चुके हैं। इनमें भी गायों को बेरहमी से ठूसा हुआ था। इनमें ट्रक चालक गायों को छोड़कर फरार हो गया था। एक बार करीब 20 और एक बार 10-12 गायों के अलावा बछड़ों को मुक्त कराया गया था।

प्रदेश में पकड़े जाने का होता है भय
हरियाणा में गायों की रक्षा के लिए बनाए कठोर कानूनों के कारण पशु तस्कर प्रदेश की सीमा के अंदर गायों की तस्करी करने से डरते हैं। इस कारण पकड़े जाने के भय से तस्कर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही गायों से भरा ट्रक छोड़कर फरार हो जाते हैं। एक साल में ऐसा तीन बार हो चुका है। तस्कर पकड़े जाने के भय से इसी तरह गौवंश से भरा ट्रक छोड़कर भाग जाते हैं।


राजस्थान से लाते हैं गायों को
प्रदेश में तस्कर गायों को राजस्थान की तरफ से लाते हैं। ये राजस्थान के खेतड़ी, सिंघाना, झुंझुनू, सीकर, नीमकाथाना क्षेत्रों से गायों को मेवात और अन्य स्थानों पर बेचने के लिए लाते हैं। इस कारण नारनौल की तरफ से होकर जाने वाला रास्ता सबसे सुगम पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed