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नारनौल डिपो के पूर्व जीएम समेत नौ पर तत्कालीन कर्मचारियों पर एफआईआर
Updated Mon, 17 Sep 2018 01:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की जांच रिपोर्ट पर सिटी थाना ने पुलिस हरियाणा रोडवेज के पूर्व जीएम समेत कुल नौ तत्कालीन कर्मचारियों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर किया है। आरोप है कि डीआई व सीआई चालक-परिचालक से पैसे लेकर जीएम को देते थे। इसे लेकर पुलिस महानिरीक्षक गुप्तचर विभाग पंचकुला को कुछ ऑडियो, वीडियो व फोटो मिले थे जिसकी जांच के बाद केस दर्ज हुआ है।
जानकारी पुलिस महानिरीक्षक गुप्तचर विभाग पंचकूला को 15 फरवरी को एक शिकायत मिली थी जिसमें कथित रूप से सीआई और डीआई द्वारा चालकों से पैसे लेकर जीएम को देने की बात की गई थी। इसी प्रकार के अन्य ऑडियो व वीडियो भी मिले थे। इसमें कुल नौ प्रकार की शिकायतें दी जिसकी जांच गुप्तचर इकाई नारनौल को सौंपी गई थी जिसमें आरोप था कि नारनौल डिपो के चहेते सीआई और डीआई चालक-परिचालक से पैसे इक्कठा करके जीएम को देते हैं जिसमें एक परिचालक सीआई को प्रतिमाह 500 रुपये देता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रेवाड़ी ने पूर्व जीएम सुरेंद्र कुमार, तत्कालीन डीआई दिलावर सिंह, तत्कालीन बस अड्डा काउंटर फीस लिपिक अशोक कुमार, तत्कालीन ड्यूटी सेक्शन लिपिक ओमप्रकाश, तत्कालीन परिचालक रोहताश, तत्कालीन लिपिक कंवर सिंह चालक, राजीव उर्फ राजू परिचालक, भूनेश, सज्जन कुमार (तत्कालीन महेंद्रगढ़ चालक परीक्षण केंद्र इंचार्ज) के खिलाफ शनिवार शाम को केस दर्ज कराया है। सिटी थाना प्रभारी ने बताया कि सीएम दस्ते की जांच रिपोर्ट पर केस दर्ज कर लिया है। रोडवेज में भ्रष्टाचार से संबंधित मामला है। मामले की जांच की जा रही है।
यह हैं आरोप
एक ऑडियो में नारनौल डिपो के चहेते सीआई और डीआई चालक और परिचालक से पैसे इकट्ठा करके जीएम को देने की बात। दूसरे में रोडवेज नारनौल के चालक व परिचालक जयपुर बस स्टैंड पर एक दूसरे को पैसे देने की बात कह रहे है जिसमें 500 रुपये टीआरसी, 1500 रुपये ड्यूटी लिपिक व 1000 रुपये ड्यूटी लिपिक के अलावा अन्य पैसे लेने की बात है। चालक से सड़क दुर्घटना केस में 45000 रुपये सीआई द्वारा लेना व उसे 15000 रुपये की सरकारी पर्ची देने का आरोप, 4 बस अड्डा फीस में गड़बड़ी करने, दिल्ली में रुकने वाली बस को अवैध रसीद के साथ रात्रि को झुंझुनू राजस्थान में भेजेने, एक विडियो में सफारी सूट पहने हुए सरकारी कर्मचारी हाथ में रसीद लेकरा प्राइवेट बस से पैसे लेकर बस अड्डे कर बाहर सवारी बैठवाने, दुर्घटना केस को फाइल करने के लिए जीएम नारनौल का चहेता कर्मचारी चालक रुपये मांगने व हरियाणा रोडवेज नारनौल लाइसेंस ट्रेनिंग स्कूल महेंद्रगढ़ में पैसे अधिक लेने का आरोप। ट्रेनिंग पर पूरे महीने नहीं आता है तो 7000 रुपये रिश्वत लेने का आरोप।
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नारनौल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की जांच रिपोर्ट पर सिटी थाना ने पुलिस हरियाणा रोडवेज के पूर्व जीएम समेत कुल नौ तत्कालीन कर्मचारियों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर किया है। आरोप है कि डीआई व सीआई चालक-परिचालक से पैसे लेकर जीएम को देते थे। इसे लेकर पुलिस महानिरीक्षक गुप्तचर विभाग पंचकुला को कुछ ऑडियो, वीडियो व फोटो मिले थे जिसकी जांच के बाद केस दर्ज हुआ है।
जानकारी पुलिस महानिरीक्षक गुप्तचर विभाग पंचकूला को 15 फरवरी को एक शिकायत मिली थी जिसमें कथित रूप से सीआई और डीआई द्वारा चालकों से पैसे लेकर जीएम को देने की बात की गई थी। इसी प्रकार के अन्य ऑडियो व वीडियो भी मिले थे। इसमें कुल नौ प्रकार की शिकायतें दी जिसकी जांच गुप्तचर इकाई नारनौल को सौंपी गई थी जिसमें आरोप था कि नारनौल डिपो के चहेते सीआई और डीआई चालक-परिचालक से पैसे इक्कठा करके जीएम को देते हैं जिसमें एक परिचालक सीआई को प्रतिमाह 500 रुपये देता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रेवाड़ी ने पूर्व जीएम सुरेंद्र कुमार, तत्कालीन डीआई दिलावर सिंह, तत्कालीन बस अड्डा काउंटर फीस लिपिक अशोक कुमार, तत्कालीन ड्यूटी सेक्शन लिपिक ओमप्रकाश, तत्कालीन परिचालक रोहताश, तत्कालीन लिपिक कंवर सिंह चालक, राजीव उर्फ राजू परिचालक, भूनेश, सज्जन कुमार (तत्कालीन महेंद्रगढ़ चालक परीक्षण केंद्र इंचार्ज) के खिलाफ शनिवार शाम को केस दर्ज कराया है। सिटी थाना प्रभारी ने बताया कि सीएम दस्ते की जांच रिपोर्ट पर केस दर्ज कर लिया है। रोडवेज में भ्रष्टाचार से संबंधित मामला है। मामले की जांच की जा रही है।
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यह हैं आरोप
एक ऑडियो में नारनौल डिपो के चहेते सीआई और डीआई चालक और परिचालक से पैसे इकट्ठा करके जीएम को देने की बात। दूसरे में रोडवेज नारनौल के चालक व परिचालक जयपुर बस स्टैंड पर एक दूसरे को पैसे देने की बात कह रहे है जिसमें 500 रुपये टीआरसी, 1500 रुपये ड्यूटी लिपिक व 1000 रुपये ड्यूटी लिपिक के अलावा अन्य पैसे लेने की बात है। चालक से सड़क दुर्घटना केस में 45000 रुपये सीआई द्वारा लेना व उसे 15000 रुपये की सरकारी पर्ची देने का आरोप, 4 बस अड्डा फीस में गड़बड़ी करने, दिल्ली में रुकने वाली बस को अवैध रसीद के साथ रात्रि को झुंझुनू राजस्थान में भेजेने, एक विडियो में सफारी सूट पहने हुए सरकारी कर्मचारी हाथ में रसीद लेकरा प्राइवेट बस से पैसे लेकर बस अड्डे कर बाहर सवारी बैठवाने, दुर्घटना केस को फाइल करने के लिए जीएम नारनौल का चहेता कर्मचारी चालक रुपये मांगने व हरियाणा रोडवेज नारनौल लाइसेंस ट्रेनिंग स्कूल महेंद्रगढ़ में पैसे अधिक लेने का आरोप। ट्रेनिंग पर पूरे महीने नहीं आता है तो 7000 रुपये रिश्वत लेने का आरोप।
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