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कृष्णावती नदी में अवैध खनन करती जेसीबी पकड़ी, माफिया भागा
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:34 AM IST
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कृष्णावती नदी में अवैध खनन करती जेसीबी पकड़ी, माफिया भागा
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। कृष्णावती नदी में अवैध खनन की शिकायत पर शुक्रवार को माइनिंग विभाग ने छापामारी की गई। इस दौरान नदी मेें खनन करती एक जेसीबी को पकड़ लिया गया। निरीक्षण के दौरान टीम को प्लांटों में बजरी का अवैध स्टॉक मिला।
कृष्णावती नदी से शहबाजपुर, दोस्तपुर, ढाणी जाजमा, नोलायजा समेत करीब दो दर्जन गांवों की सीमा लगी हुई है। इसमें विभाग ने 2006 में लाखों पौधे लगाए गए थे। उसी दौरान नांगल चौधरी, निजामपुर ब्लॉक को डार्कजोन घोषित किया गया था। इसमें अनावश्यक जल दोहन पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके ढाणी जाजमा, दोस्तपुर और नोलायजा की नदी में वाशिंग प्लांट स्थापित हो गए। शिकायत मिलने पर पिछले महीने सीएम फ्लाइंग ने तीन प्लांटों को तोड़ा था। इस दौरान आठ कारिंदे भी पकड़े गए थे। इसके बाद भी अवैध खनन बंद नहीं हुआ। माफिया रात में जेसीबी और डंपरों से प्लांटों में बजरी का स्टाक कर रहे हैं। इसकी सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह करीब सात बजे जिला खनन अधिकारी कृष्णावती नदी में पहुंचे। इस दौरान नोलायजा की नदी में एक जेसीबी डंपर भरती मिली। उसे कब्जे में लेेकर टीम ढाणी जाजमा की नदी में पहुंची। यहां प्लांट पर ताजा एकत्रित की गई बजरी मिली। इसके बाद अधिकारी नांगल चौधरी की ओर रवाना हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि माफिया ने विभिन्न दफ्तरों में मुखबिर बना लिए हैं। ये कार्रवाई की योजना को लीक कर देते हैं।
डार्कजोन में वाशिंग प्लांट अवैध, नियमित होगी चेकिंग
थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि पिछले दिनों ही अवैध वाशिंग प्लांट बंद कराने के सख्त निर्देश मिले हैं। सभी संचालकों को चेतावनी दी गई है। प्लांट चालू मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा। नियमित चेकिंग होगी।
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अरावली में खनन, हरियाली पर संकट
ग्रामीणों ने बताया कि प्लांट संचालक अरावली जोन में बजरी खनन कर रहे हैं। खनन की गहराई करीब 30-35 फीट तक पहुंच चुकी है। इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों को भेज दी गई, लेकिन कठोर कार्रवाई नहीं होने से हरियाली को खतरा उत्पन्न हो गया। इससे ग्रामीणों में सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ रोष है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। कृष्णावती नदी में अवैध खनन की शिकायत पर शुक्रवार को माइनिंग विभाग ने छापामारी की गई। इस दौरान नदी मेें खनन करती एक जेसीबी को पकड़ लिया गया। निरीक्षण के दौरान टीम को प्लांटों में बजरी का अवैध स्टॉक मिला।
कृष्णावती नदी से शहबाजपुर, दोस्तपुर, ढाणी जाजमा, नोलायजा समेत करीब दो दर्जन गांवों की सीमा लगी हुई है। इसमें विभाग ने 2006 में लाखों पौधे लगाए गए थे। उसी दौरान नांगल चौधरी, निजामपुर ब्लॉक को डार्कजोन घोषित किया गया था। इसमें अनावश्यक जल दोहन पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके ढाणी जाजमा, दोस्तपुर और नोलायजा की नदी में वाशिंग प्लांट स्थापित हो गए। शिकायत मिलने पर पिछले महीने सीएम फ्लाइंग ने तीन प्लांटों को तोड़ा था। इस दौरान आठ कारिंदे भी पकड़े गए थे। इसके बाद भी अवैध खनन बंद नहीं हुआ। माफिया रात में जेसीबी और डंपरों से प्लांटों में बजरी का स्टाक कर रहे हैं। इसकी सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह करीब सात बजे जिला खनन अधिकारी कृष्णावती नदी में पहुंचे। इस दौरान नोलायजा की नदी में एक जेसीबी डंपर भरती मिली। उसे कब्जे में लेेकर टीम ढाणी जाजमा की नदी में पहुंची। यहां प्लांट पर ताजा एकत्रित की गई बजरी मिली। इसके बाद अधिकारी नांगल चौधरी की ओर रवाना हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि माफिया ने विभिन्न दफ्तरों में मुखबिर बना लिए हैं। ये कार्रवाई की योजना को लीक कर देते हैं।
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डार्कजोन में वाशिंग प्लांट अवैध, नियमित होगी चेकिंग
थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि पिछले दिनों ही अवैध वाशिंग प्लांट बंद कराने के सख्त निर्देश मिले हैं। सभी संचालकों को चेतावनी दी गई है। प्लांट चालू मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा। नियमित चेकिंग होगी।
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अरावली में खनन, हरियाली पर संकट
ग्रामीणों ने बताया कि प्लांट संचालक अरावली जोन में बजरी खनन कर रहे हैं। खनन की गहराई करीब 30-35 फीट तक पहुंच चुकी है। इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों को भेज दी गई, लेकिन कठोर कार्रवाई नहीं होने से हरियाली को खतरा उत्पन्न हो गया। इससे ग्रामीणों में सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ रोष है।