{"_id":"59650bee4f1c1b3d488b457e","slug":"171499794414-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान की टीम द्वारा पकड़े गए तीन दलालों को भेजा जेल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राजस्थान की टीम द्वारा पकड़े गए तीन दलालों को भेजा जेल
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने सोमवार को गर्ल्स आईटीआई के पास स्थित एक निजी अस्पताल पर छापा मारा था। अस्पताल संचालक ने उक्त टीम को नकली टीम करार देते हुए टीम पर उससे पैसे ऐंठने का आरोप लगाया था। अस्पताल संचालक के इस आरोप को नकारते हुए राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम के पुलिस निरीक्षक इंस्पेक्टर उमेश निठारवाल ने दावा किया है कि छापामार कार्रवाई का हर सबूत टीम के पास है। उन्होंने बताया कि छापामार कार्रवाई के दौरान डिकाय मरीज की सोनोग्राफी करते वक्त दलाल नरेंद्र अंदर ही था। वह पहले इसी प्राइवेट अस्पताल में कार्य कर चुका है। ऐसे में चिकित्सक व दलाल की पहले से ही जान-पहचान थी। ऐसे में जांच का विषय यह है कि डिकाय मरीज को लिंग की जानकारी दलाल ने दी या फिर चिकित्सक ने। वहीं उन्होंने बताया कि उनके हेडक्वार्टर से स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी मामले से अवगत करवाया दिया गया था। डिकाय मरीज को जो राशि टीम ने देकर भेजी थी, वह राशि दलाल के पास मिली। पुलिस निरीक्षक ने बताया कि इस मामले में अभी तक तीन दलालों को पकड़ा गया है। इनमें अलवर जिला के मउ थाना मुंडावर निवासी अमित कुमार व जयप्रकाश और जिला के बलाह कलां निवासी नरेंद्र सिंह शामिल हैं। उक्त तीनों को मंगलवार सीकर के एसीजेएम की अदालत में पेश किया गया। जहां अदालत के आदेश पर तीनों को 25 जुलाई तक के लिए सीकर उपजेल में भेज दिया गया।
विज्ञापन
नारनौल। राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने सोमवार को गर्ल्स आईटीआई के पास स्थित एक निजी अस्पताल पर छापा मारा था। अस्पताल संचालक ने उक्त टीम को नकली टीम करार देते हुए टीम पर उससे पैसे ऐंठने का आरोप लगाया था। अस्पताल संचालक के इस आरोप को नकारते हुए राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम के पुलिस निरीक्षक इंस्पेक्टर उमेश निठारवाल ने दावा किया है कि छापामार कार्रवाई का हर सबूत टीम के पास है। उन्होंने बताया कि छापामार कार्रवाई के दौरान डिकाय मरीज की सोनोग्राफी करते वक्त दलाल नरेंद्र अंदर ही था। वह पहले इसी प्राइवेट अस्पताल में कार्य कर चुका है। ऐसे में चिकित्सक व दलाल की पहले से ही जान-पहचान थी। ऐसे में जांच का विषय यह है कि डिकाय मरीज को लिंग की जानकारी दलाल ने दी या फिर चिकित्सक ने। वहीं उन्होंने बताया कि उनके हेडक्वार्टर से स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी मामले से अवगत करवाया दिया गया था। डिकाय मरीज को जो राशि टीम ने देकर भेजी थी, वह राशि दलाल के पास मिली। पुलिस निरीक्षक ने बताया कि इस मामले में अभी तक तीन दलालों को पकड़ा गया है। इनमें अलवर जिला के मउ थाना मुंडावर निवासी अमित कुमार व जयप्रकाश और जिला के बलाह कलां निवासी नरेंद्र सिंह शामिल हैं। उक्त तीनों को मंगलवार सीकर के एसीजेएम की अदालत में पेश किया गया। जहां अदालत के आदेश पर तीनों को 25 जुलाई तक के लिए सीकर उपजेल में भेज दिया गया।