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पूर्व डीजीपी के घर हुई डकैती मामले में पिता,पुत्र,दामाद समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
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नारनौल। कांटी गांव में पिछले साल पूर्व डीजीपी दुर्ग पाल के घर पर हुुई डकैती मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने चोरी के गहने खरीदने वाले एक महिला समेत तीन दुकानदारों को भी गिरफ्तार किया लिया है। आरोपियों को पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया है। डकैती की वारदात को अंजाम देने वालों में पिता और उसके दो बेटे, दामाद व एक अन्य शामिल था।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पिछले साल 10 अप्रैल को कांटी गांव में हुई डकैती पुलिस के लिए पहेली बनी हुई थी। 26 अप्रैल को आरोपी हरिराम और इसके बेटे अनु व बुध सिंह के साथ हरिराम के दामाद तेजपाल उर्फ तेजा व विनोद कुमार उर्फ गूंगा किसी वारदात को अंजाम देने के लिए फैजाबाद चौकी के पास गाड़ी में थे। पुलिस ने उन्हें देशी कट्टा और लोहे की रॉड के साथ पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने कांटी गांव में हुई डकैती की वारदात को कबूल किया था। इस पर पुलिस ने आठ मई को पांचों को कोर्ट में पांच दिन की प्रोडक्शन वारंट लिया था। रिमांड के दौरान आरोपी राजेंद्र व डकैती का माल खरीदने वाले मोतीराम सोनी और रेशमा का नाम भी सामने आया था। इस पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से काफी जेवरात, चांदी के सिक्के, कट्टा, दो ब्रीफ केश, लोहे की तिजोरी आदि बरामद हुई है। डकैती का मास्टर माइंड आरोपी हरिराम सिंह था। आरोपी पहले गांव काटी में एक दिन रेकी करके रिटायर्ड डीजीपी की हवेली का जायजा लिया था। उसके बाद आरोपी हरिराम ने अपने दोनों बेटे व दामाद तेजपाल व विनोद को साथ लिया और पिछले साल 10 अप्रैल की रात हवेली की पीछे से दीवार फांद कर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के खिलाफ मेवात व राजस्थान हरियाणा में लूट व डकैती के करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं। प्रवक्ता ने बताया कि अभी और भी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने डकैती के मामले के आरोपियों पर खुद नजर बनाए हुए थे।
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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पिछले साल 10 अप्रैल को कांटी गांव में हुई डकैती पुलिस के लिए पहेली बनी हुई थी। 26 अप्रैल को आरोपी हरिराम और इसके बेटे अनु व बुध सिंह के साथ हरिराम के दामाद तेजपाल उर्फ तेजा व विनोद कुमार उर्फ गूंगा किसी वारदात को अंजाम देने के लिए फैजाबाद चौकी के पास गाड़ी में थे। पुलिस ने उन्हें देशी कट्टा और लोहे की रॉड के साथ पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने कांटी गांव में हुई डकैती की वारदात को कबूल किया था। इस पर पुलिस ने आठ मई को पांचों को कोर्ट में पांच दिन की प्रोडक्शन वारंट लिया था। रिमांड के दौरान आरोपी राजेंद्र व डकैती का माल खरीदने वाले मोतीराम सोनी और रेशमा का नाम भी सामने आया था। इस पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से काफी जेवरात, चांदी के सिक्के, कट्टा, दो ब्रीफ केश, लोहे की तिजोरी आदि बरामद हुई है। डकैती का मास्टर माइंड आरोपी हरिराम सिंह था। आरोपी पहले गांव काटी में एक दिन रेकी करके रिटायर्ड डीजीपी की हवेली का जायजा लिया था। उसके बाद आरोपी हरिराम ने अपने दोनों बेटे व दामाद तेजपाल व विनोद को साथ लिया और पिछले साल 10 अप्रैल की रात हवेली की पीछे से दीवार फांद कर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के खिलाफ मेवात व राजस्थान हरियाणा में लूट व डकैती के करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं। प्रवक्ता ने बताया कि अभी और भी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने डकैती के मामले के आरोपियों पर खुद नजर बनाए हुए थे।
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