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माइंस के गड्ढे में भरे पानी में डूबने से श्रमिक की मौत
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निजामपुर। माइंस नंबर एक के गड्ढे में भरे पानी में डूबने से नेपाल निवासी वीरेंद्र थापा की मौत हो गई। गड्ढे में भरे पानी में वीरेंद्र चार मई को नहाने गया था और पैर फिसलने से अंदर गिर गया। बीती रात 11 बजे गोताखोरों ने उसे निकाला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। इससे पहले भी दो व्यक्तियों की पानी में डूबने से मौत हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार मदान एसोसिएशन माइंस पर नेेपाल निवासी वीरेंद्र मशीन ऑपरेटर था। वह करीब तीन महीने से कार्य कर रहा था। मृतक के भाई राजेश ने बताया कि पांच मई को उसे सूचना मिली थी कि वीरेंद्र माइंस के करीब 30-35 फिट गहरे गड्ढे में नहाने के दौरान डूब गया है। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। जिस पर बीती रात 11:30 बजे बाहर से आए गोताखोरों ने करीब 36 घंटे बाद शव को बाहर निकाला। पीड़ित के अनुसार चार मई को माइंस नंबर एक के गड्ढे में भरे पानी में नहाने गया था। जहां पर पैर फिसलने से गिर गया और मौत हुई। जब घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश शुरू की।
बता दें कि सरकार की ओर से लीज होल्डर को ग्राउंड वाटर लेवल तक की करने का अनुमति दी जाती है। क्षेत्र का ग्राउंड वाटर लेवल 80 फीट से लेकर 135 फीट तक का है। लेकिन, कई खनन कंपनियां मानकों की अनदेखी करती है। हाइड्रोलॉजिस्ट बीएस लांबा ने बताया कि इसे खनन के आसपास का वाटर ग्राउंड लेवल 80 फीट से लेकर 135 फीट तक का है, इससे ज्यादा खनन नहीं कर सकते।
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पुलिस के अनुसार मदान एसोसिएशन माइंस पर नेेपाल निवासी वीरेंद्र मशीन ऑपरेटर था। वह करीब तीन महीने से कार्य कर रहा था। मृतक के भाई राजेश ने बताया कि पांच मई को उसे सूचना मिली थी कि वीरेंद्र माइंस के करीब 30-35 फिट गहरे गड्ढे में नहाने के दौरान डूब गया है। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। जिस पर बीती रात 11:30 बजे बाहर से आए गोताखोरों ने करीब 36 घंटे बाद शव को बाहर निकाला। पीड़ित के अनुसार चार मई को माइंस नंबर एक के गड्ढे में भरे पानी में नहाने गया था। जहां पर पैर फिसलने से गिर गया और मौत हुई। जब घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश शुरू की।
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बता दें कि सरकार की ओर से लीज होल्डर को ग्राउंड वाटर लेवल तक की करने का अनुमति दी जाती है। क्षेत्र का ग्राउंड वाटर लेवल 80 फीट से लेकर 135 फीट तक का है। लेकिन, कई खनन कंपनियां मानकों की अनदेखी करती है। हाइड्रोलॉजिस्ट बीएस लांबा ने बताया कि इसे खनन के आसपास का वाटर ग्राउंड लेवल 80 फीट से लेकर 135 फीट तक का है, इससे ज्यादा खनन नहीं कर सकते।
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