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भ्रूण जांच मामले में डाक्टर की जमानत पर फैसला आज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Feb 2017 12:19 AM IST
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भ्रूण जांच मामले में फंसी डॉ. अलका बिश्नोई द्वारा लगाई गई जमानत याचिका पर शुक्रवार को कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया जाएगा। इस बारे में 14 फरवरी को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी थी। जिसके बाद जमानत याचिका पर 17 फरवरी को फैसला सुनाने का निर्णय लिया था।
ज्ञात हो कि गत वर्ष 23 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी व नारनौल के अलावा सीआईए रेवाड़ी की टीम संयुक्त रूप से महेंद्रगढ़ रोड स्थित बिश्नोई अस्पताल में छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान टीम ने अस्पताल संचालिका को एक गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। उस समय मामले ने काफी जोर पकड़ा था। वहीं इस मामले में पुलिस ने मौके से एक दलाल को भी पकड़ा था जिसे बाद में जेल भेज दिया था लेकिन अस्पताल संचालिका बीमारी के नाम से बहरोड़ के कैलाश अस्पताल में दाखिल हो गई थी। इस दौरान पुलिस के दो कारिंदे उनकी निगरानी कर रहे थे लेकिन दो दिन बाद उन्हें वापस बुला लिया गया था। चिकित्सक के डिस्चार्ज होने के बाद भी पुलिस ने डाक्टर को गिरफ्तार नहीं किया। जब यह केस रेवाड़ी एसआईटी पहुंचा तो आरोपी महिला चिकित्सक ने अपने बचाव में अदालत में जमानत याचिका लगा दी। जिस पर बहस पूरी हो गई है तथा 17 फरवरी को अदालत इस पर अपना फैसला सुनाएगी।
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ज्ञात हो कि गत वर्ष 23 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी व नारनौल के अलावा सीआईए रेवाड़ी की टीम संयुक्त रूप से महेंद्रगढ़ रोड स्थित बिश्नोई अस्पताल में छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान टीम ने अस्पताल संचालिका को एक गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। उस समय मामले ने काफी जोर पकड़ा था। वहीं इस मामले में पुलिस ने मौके से एक दलाल को भी पकड़ा था जिसे बाद में जेल भेज दिया था लेकिन अस्पताल संचालिका बीमारी के नाम से बहरोड़ के कैलाश अस्पताल में दाखिल हो गई थी। इस दौरान पुलिस के दो कारिंदे उनकी निगरानी कर रहे थे लेकिन दो दिन बाद उन्हें वापस बुला लिया गया था। चिकित्सक के डिस्चार्ज होने के बाद भी पुलिस ने डाक्टर को गिरफ्तार नहीं किया। जब यह केस रेवाड़ी एसआईटी पहुंचा तो आरोपी महिला चिकित्सक ने अपने बचाव में अदालत में जमानत याचिका लगा दी। जिस पर बहस पूरी हो गई है तथा 17 फरवरी को अदालत इस पर अपना फैसला सुनाएगी।
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