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ठंड ने बढ़ा दिया रजाई का कारोबार, हजार से 1500 तक की रजाई उपलब्ध

Tue, 08 Nov 2022 11:27 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 08 Nov 2022 11:27 PM IST
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Cold has increased the business of quilts, quilts from thousand to 1500 available
ठंड का मौसम शुरू होते ही क्षेत्र में रजाई व रूई के गद्दों की मांग बढ़ गई है। मुख्य बाजारों में करीब 20 से अधिक स्थानों पर विशेष स्टॉल लगाई गई हैं। प्रत्येक दुकानदार प्रतिदिन औसतन 10 रजाई की बिक्री कर रहा है तथा पूरे बाजार में प्रतिदिन 200 से अधिक रजाई की बिक्री हो रही है। हालांकि आधुनिक ब्लेंकेटों ने पिछले पांच सालों के दौरान रजाई के कारोबार को भी खूब प्रभावित किया है।
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मुख्य बाजारों में पहले चार से पांच स्थानों पर रूई पिनाई से लेकर रजाई की भराई तक होती थी तथा जो कारीगर थे वह भी पीढ़ी दर पीढ़ी इसी काम से जुड़े रहते थे लेकिन पिछले पांच सालों के दौरान प्रवासी लोग भी ठंड के मौसम शुरू होते ही सड़क किनारे अपने स्टॉल लगाकर रजाई की बिक्री करते हैं।
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रूई की कीमतों में उछाल से बढ़ गई रजाई की कीमत
पिछले पांच सालों के दौरान रूई की कीमत भी तीन गुणा तक पहुंच चुकी है। इस बार रजाई में रूई भरने, पिनाई की कीमतों सहित रूई व कपड़े व सिलाई के दाम 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लोहारू, सतनाली व आसपास के क्षेत्र में भी सर्दी की दस्तक के साथ ही बाजारों व रूई पिनाई की दुकानों में रजाई भरवाने वालों व बनवाने वालों की भीड़ बढ़ रही है। कस्बे में रजाई बनाने का काम करने वाले गुलजार ने बताया कि नवंबर माह की शुरुआत में ही मीठी-मीठी ठंड की दस्तक के साथ ही लोगों ने घरों में रखी पुरानी रजाईयों को निकालकर उनकी रूई की पिनाई व भराई करवानी शुरू कर दी है। ऐसे में रजाई भरने के कारीगरों को भी दिनरात जुटना पड़ता है।
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काफी वैरायटी है उपलब्ध
इस बार बाजार में रूई की कीमत 180 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति किलो तक है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की रूई उपलब्ध है जिनमें फाइबर, देशी, रॉक्लोन, फ्लैट तथा कैशमिलोन मुख्य हैं जबकि सबसे ज्यादा बिक्री फाइबर देसी रूई के प्रयोग से बनाई गई रजाई व गद्दों की हे। कारीगर बिल्लू ने बताया कि सामान्यत एक रजाई में 4 से लेकर 5 किलोग्राम तक रूई भरी जाती है जिसमें 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से रूई पिनाई की कीमत हैं। इसके अलावा 80 से 100 रुपये कीमत रजाई की भराई के लिए तय की गई है। इसमें कवर व कपड़ा ग्राहक की पसंद के अनुसार उपलब्ध होता है। सभी प्रकार के खर्च सहित एक हजार रुपये से 1500 रुपये कीमत की रजाई उपलब्ध हैं। एक कारीगर द्वारा एक दिन में दस रजाई तक बनाई जा रही हैं।
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