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अस्पताल की गंदगी देख सीएमओ बोले- पूरे महकमे को सस्पेंड कराओगे क्या
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अस्पताल परिसर में पड़े कूड़े का ढेर एसएमओ को दिखाते सीएमओ संतलाल वर्मा।
- फोटो : Narnol
गृहमंत्री अनिल विज के महेंद्रगढ़ आने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग दिन भर अस्पताल को चमकाता रहा। सीएमओ संतलाल वर्मा वीरवार दोपहर करीब 12 बजे नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों को बुरी तरह से फटकारते हुए अस्पताल की गंदगी पर सवाल खड़े किए। अपने सामने ही अस्पताल परिसर में सफाई अभियान चलवाया। अस्पताल की गंदी हालत देखकर सीएमओ बोले- आप लोग पूरे महकमे को सस्पेंड कराओगे क्या ?
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का वीरवार को पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की भतीजी की शादी में आने का कार्यक्रम था। दोपहर करीब दो बजे उनके महेंद्रगढ़ में आने की सूचना के चलते सीएमओ संतलाल वर्मा, डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार अन्य अधिकारियों सहित के साथ नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां की हालत देखकर सीएमओ तथा डिप्टी सीएमओ नाराज हो गए।
सीएमओ ने नागरिक अस्पताल के अधिकारियों को फटकारते हुए पूछा कि तीन महीने पहले मैने अस्पताल का गेट लगवाने का आदेश दिया था। नागरिक अस्पताल का गेट ही नहीं है। किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं। मैंने मंत्री के प्रोग्राम के बारे में 29 को ही सूचना दी थी। उसके बाद भी अस्पताल में इतना गंदा हाल ? यहां लावारिस अस्पताल में घुस रहे हैं। आप पूरे महकमे को सस्पेंड कराना चाहते हो क्या ? अस्पताल में 21 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मंजूर हैं।
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कहां हैं कर्मचारी दिखाओ ? स्टाफ नर्स ने कहा कि छुट्टी के कारण कर्मचारी नहीं आए। डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार बोले बहाने मत बनाओ जब कहा गया था कि मंत्री का दौरा है उसके बाद भी छुट्टी दे दी। स्टाफ का भी कोई आदमी नजर नहीं आ रहा। मंत्री आने की सूचना के बाद भी कर्मचारियों को छुट्टी किसने दी।
निजी एंबुलेंस परिसर में देखकर हुए खफा
डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार ने अस्पताल परिसर में दो निजी एंबुलेंस देखी तो नाराज हो गए। उन्होंने एंबुलेंस के चालकों को बुलाकर कहा अभी एंबुलेंस को बाहर निकालो। आपको पहले भी नोटिस दिया गया था। इस बार कोई एंबुलेंस परिसर के अंदर दिखी तो आपका लाइसेंस रद्द कराएंगे, साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराएंगे।
सरकारी अस्पताल में निजी एम्बुलेंस-अस्पताल के विज्ञापन
अस्पताल की कैंटीन के बाहर बड़े -बड़े आकार में निजी एंबुलेंस के नंबर लिखे देखकर सीएमओ संतलाल वर्मा ने कहा यहां निजी एंबुुलेंस के नंबर कैसे लिखे। इसे तुरंत मिटाओ। सामने की दीवार पर निजी अस्पताल का विज्ञापन भी हटाओ। अस्पताल कर्मियों ने मौके पर ही पेंट मंगवाकर दस मिनट में दोनों को मिटाया।
पोंछा आखिरी बार कब लगाया था ?
आपातकालीन वार्ड की ओर निरीक्षण करते समय डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार ने पूछा आखिरी बार पोंछा कब लगाया था। इतनी मिट्टी यहां फर्श पर दिख रही है। आपको बताया था कि हेल्थ मिनिस्टर आने का टूर प्रोग्राम है। उसके बाद भी यह हाल, अगर न कहा होता तो कितनी गंदगी होती।
ये है स्ट्रेचर लगाने का तरीका
अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के गेट के सामने दो स्ट्रेचर लगाए गए थे। इन स्ट्रेचर को गेट पर ही लगा देने से रास्ता बंद हो गया। अधिकारियों ने कहा यह स्मार्टनैस किसने दिखाई। कम से कम इतना तो पता होना चाहिए कि गेट आने के लिए है। अंदर जाने का रास्ता तो छोड़ देते। स्ट्रेचर गेट पर रखो लेकिन साइड में होने चाहिएं।
21 कर्मचारी होने के बाद भी कचरे के ढेर
परिसर का मुआयना करते हुए अधिकारियों को कई जगह कचरे के ढ़ेर दिखे। सीएमओ ने कहा मैडम यह कचरा तो उठवा दिया होता। 21 सफाई कर्मचारी होने के बाद भी कहीं पर सफाई नहीं दिख रही। अभी मेरे सामने सारी जगह दोबारा से सफाई कराओ। दस मिनट में सब साफ होना चाहिए।
एमओ के कमरे का फोन भी खराब मिला
मेडिकल ऑफिसर के कमरे रखा फोन भी खराब था। फोन को देखकर अधिकारियों ने पूछा कि फोन कब से खराब है। इसको ठीक कराने के लिए आपने कोई शिकायत की। सीएमओ बोले आप लोग किसी मामले में गंभीर नहीं। उपचार कैसा करते होगे भगवान ही जाने। आपातकालीन वार्ड के चिकित्सक देरी से बाहर आए तो अधिकारियों ने उनसे भी सवाल- जवाब किए।
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गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का वीरवार को पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की भतीजी की शादी में आने का कार्यक्रम था। दोपहर करीब दो बजे उनके महेंद्रगढ़ में आने की सूचना के चलते सीएमओ संतलाल वर्मा, डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार अन्य अधिकारियों सहित के साथ नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां की हालत देखकर सीएमओ तथा डिप्टी सीएमओ नाराज हो गए।
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सीएमओ ने नागरिक अस्पताल के अधिकारियों को फटकारते हुए पूछा कि तीन महीने पहले मैने अस्पताल का गेट लगवाने का आदेश दिया था। नागरिक अस्पताल का गेट ही नहीं है। किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं। मैंने मंत्री के प्रोग्राम के बारे में 29 को ही सूचना दी थी। उसके बाद भी अस्पताल में इतना गंदा हाल ? यहां लावारिस अस्पताल में घुस रहे हैं। आप पूरे महकमे को सस्पेंड कराना चाहते हो क्या ? अस्पताल में 21 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मंजूर हैं।
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कहां हैं कर्मचारी दिखाओ ? स्टाफ नर्स ने कहा कि छुट्टी के कारण कर्मचारी नहीं आए। डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार बोले बहाने मत बनाओ जब कहा गया था कि मंत्री का दौरा है उसके बाद भी छुट्टी दे दी। स्टाफ का भी कोई आदमी नजर नहीं आ रहा। मंत्री आने की सूचना के बाद भी कर्मचारियों को छुट्टी किसने दी।
निजी एंबुलेंस परिसर में देखकर हुए खफा
डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार ने अस्पताल परिसर में दो निजी एंबुलेंस देखी तो नाराज हो गए। उन्होंने एंबुलेंस के चालकों को बुलाकर कहा अभी एंबुलेंस को बाहर निकालो। आपको पहले भी नोटिस दिया गया था। इस बार कोई एंबुलेंस परिसर के अंदर दिखी तो आपका लाइसेंस रद्द कराएंगे, साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराएंगे।
सरकारी अस्पताल में निजी एम्बुलेंस-अस्पताल के विज्ञापन
अस्पताल की कैंटीन के बाहर बड़े -बड़े आकार में निजी एंबुलेंस के नंबर लिखे देखकर सीएमओ संतलाल वर्मा ने कहा यहां निजी एंबुुलेंस के नंबर कैसे लिखे। इसे तुरंत मिटाओ। सामने की दीवार पर निजी अस्पताल का विज्ञापन भी हटाओ। अस्पताल कर्मियों ने मौके पर ही पेंट मंगवाकर दस मिनट में दोनों को मिटाया।
पोंछा आखिरी बार कब लगाया था ?
आपातकालीन वार्ड की ओर निरीक्षण करते समय डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार ने पूछा आखिरी बार पोंछा कब लगाया था। इतनी मिट्टी यहां फर्श पर दिख रही है। आपको बताया था कि हेल्थ मिनिस्टर आने का टूर प्रोग्राम है। उसके बाद भी यह हाल, अगर न कहा होता तो कितनी गंदगी होती।
ये है स्ट्रेचर लगाने का तरीका
अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के गेट के सामने दो स्ट्रेचर लगाए गए थे। इन स्ट्रेचर को गेट पर ही लगा देने से रास्ता बंद हो गया। अधिकारियों ने कहा यह स्मार्टनैस किसने दिखाई। कम से कम इतना तो पता होना चाहिए कि गेट आने के लिए है। अंदर जाने का रास्ता तो छोड़ देते। स्ट्रेचर गेट पर रखो लेकिन साइड में होने चाहिएं।
21 कर्मचारी होने के बाद भी कचरे के ढेर
परिसर का मुआयना करते हुए अधिकारियों को कई जगह कचरे के ढ़ेर दिखे। सीएमओ ने कहा मैडम यह कचरा तो उठवा दिया होता। 21 सफाई कर्मचारी होने के बाद भी कहीं पर सफाई नहीं दिख रही। अभी मेरे सामने सारी जगह दोबारा से सफाई कराओ। दस मिनट में सब साफ होना चाहिए।
एमओ के कमरे का फोन भी खराब मिला
मेडिकल ऑफिसर के कमरे रखा फोन भी खराब था। फोन को देखकर अधिकारियों ने पूछा कि फोन कब से खराब है। इसको ठीक कराने के लिए आपने कोई शिकायत की। सीएमओ बोले आप लोग किसी मामले में गंभीर नहीं। उपचार कैसा करते होगे भगवान ही जाने। आपातकालीन वार्ड के चिकित्सक देरी से बाहर आए तो अधिकारियों ने उनसे भी सवाल- जवाब किए।

आपातकालीन सेवा के मुख्य गेट पर लगे स्ट्रेचर हटाते सीमएओ संतलाल वर्मा।- फोटो : Narnol