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दिनभर छाये रहे बादल, शाम को हुई बूंदाबांदी

Sun, 26 Dec 2021 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 26 Dec 2021 11:42 PM IST
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Clouds remained throughout the day, drizzle in the evening
मौसम के बदले मिजाज के चलते रविवार सुबह से ही बादल छाये रहने के बाद शाम को हुई बूंदाबांदी से ठंड में इजाफा हो गया। बूंदाबांदी होने से किसानों के चेहरे खिले नजर आए। किसानों के अनुसार यह बारिश रबी की फसलों के लिए सोने पर सुहागा होगी। वहीं मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा बारिश व कोहरा छाने की संभावना है।
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मौसम विभाग ने रविवार से मौसम परिवर्तन होने की संभावना जताते हुए बारिश की आशंका जताई थी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाये रहने से सूर्य के दर्शन नहीं होने से लोग दिनभर ठिठुरते रहे। शाम करीब चार बजे बूंदाबांदी होने से ठंड बढ़ गई। दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह बाद ठंड में कहर बरसाना शुरू कर दिया था। पाला गिरने से क्षेत्र का न्यूनतम तापमान भी 1.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, लेकिन एक सप्ताह से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने से लोगों ने ठंड से थोड़ी राहत मिली। रविवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के चलते रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाने व शाम को बारिश होने से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी।
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बारिश से रबी की फसलों को फायदा
किसानों की माने तो रबी की फसल के लिए कड़ाके की ठंड व कोहरा जरूरी होता है। इस बारिश के बाद से कोहरा भी नजर आएगा। जिससे रबी की फसल को फायदा होगा। बारिश के कोहरे और ठंड से सीजन की फसल बेहतर होने की उम्मीद जागी है, क्योंकि यह बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। यह बारिश सरसों, जौ व गेहूं की फसल को फायदा करेगी।
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किसान बाबूबाल, सूबे सिंह, मान सिंह, हरी प्रसाद, राजेंद्र आदि की माने तो इस समय बारिश से फसलों को फायदा होता है। बारिश की बूंदे सीधे तना व पत्तों के बीच चली जाती है। जिससे फसल अच्छी होती है। क्योंकि यह समय गेहूं और जौ की सिंचाई का बेहतर समय होता है। फसल को इस समय पानी और नमी की भरपूर आवश्यकता होती है। जिससे गेहूं, चना, सरसों की अच्छी फसल के लिए पौधों पर टपकी बारिश की यह बूंदे लाभदायक है। क्योंकि यह सिंचाई और नमी की कमी दूर कर पौधों में बढ़ोतरी करेगी।
29 तक रहेगा मौसम परिवर्तनशील, बारिश की संभावना
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय इलाकों से लगातार एक के बाद एक सक्रिय मौसम प्रणाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव जारी है। जिसकी वजह से पंजाब और राजस्थान व उत्तर पश्चिमी हरियाणा पर चक्रवातीय सर्कुलेशन बन गया है और पवनों की दिशा में बदलाव हो गया है। दक्षिणी पूर्वी नमी वाली पवनों और पछुआ पवनों (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के मिलन से मैदानी राज्यों में 26 से 29 दिसंबर तक विशेषकर हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब में हल्की से सामान्य बारिश, ओलावृष्टि होने की संभावना बन रही है। दिसंबर और जनवरी में हल्की बारिश फसलों के लिए वरदान साबित होती है। 30 दिसंबर से आसमान साफ होगा।

हलकी बारिश से फसलों को फायदा पहुंचेगा। ओलावृष्टि से नुकसान की संभावना बन जाती है। लेकिन दिसंबर व जनवरी के दौरान हलकी बारिश सरसों, जौ व गेेहूं की फसल के लिए फायदेमंद होती है। -डॉ. वजीर सिंह, कृषि उप निदेशक, कृषि एवं पशुपालन विभाग नारनौल।

  खेत में लहलाती सरसों की फसल। संवाद

खेत में लहलाती सरसों की फसल। संवाद- फोटो : Narnol

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