{"_id":"69efa7a6b0e20f9cb80b33ac","slug":"cjm-reviews-facilities-for-women-victims-of-violence-narnol-news-c-196-1-nnl1004-139161-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: सीजेएम ने हिंसा पीड़ित महिलाओं की सुविधाओं का लिया जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: सीजेएम ने हिंसा पीड़ित महिलाओं की सुविधाओं का लिया जायजा
विज्ञापन
फोटो 7रिकॉर्ड की जांच करती सीजेएम नीलम कुमारी।स्रोत:प्रशासन
नारनौल। सीजेएम नीलम कुमारी ने सोमवार को नारनौल स्थित वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में हिंसा पीड़ित महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
सीजेएम नीलम कुमारी ने केंद्र में रजिस्टर, केस फाइलों और परामर्श रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का समाधान पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ किया जाए।
उन्होंने बताया कि केंद्र एक ही छत के नीचे महिलाओं को पुलिस सहायता चिकित्सा कानूनी परामर्श और अल्पकालिक आश्रय जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान नीलम कुमारी ने वन स्टॉप सेंटर प्रशासक को निर्देश दिए कि वे पीड़ित महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला कानूनी सहायता या न्याय से वंचित न रहे।
विज्ञापन
सीजेएम नीलम कुमारी ने केंद्र में रजिस्टर, केस फाइलों और परामर्श रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का समाधान पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ किया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि केंद्र एक ही छत के नीचे महिलाओं को पुलिस सहायता चिकित्सा कानूनी परामर्श और अल्पकालिक आश्रय जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान नीलम कुमारी ने वन स्टॉप सेंटर प्रशासक को निर्देश दिए कि वे पीड़ित महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला कानूनी सहायता या न्याय से वंचित न रहे।