नारनौल। जिला नागरिक अस्पताल में सात बेड के आईसीयू वार्ड बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए एक यूनिवर्सिटी ने दो वेंटिलेटर व चार बेड उपलब्ध करा दिया है। इसके साथ ही अस्पताल को पांच एसवेंट (स्माल वेंटिलेटर) मशीनें मिल गई है। इस मशीनों से कोविड-19 के गंभीर मरीजों को एक प्रकार से वेंटिलेटर जैसी सुविधा दी जा सकती है।
जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएम डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि डॉ. वैभव यादव के देखरेख में सात बेड का आईसीयू वार्ड बनाया जा रहा है। इसके लिए कमरे में फर्नीचर, आक्सीजन गैस व बिजली की वायरिंग समेत अन्य कार्य हो चुके हैं। वार्ड में सात बेड का इंतजाम कराया गया है। उन्होंने बताया कि सिंघानिया यूनिवर्सिटी ने दो वेंटिलेटर उपलब्ध करा दिया है। आक्सीजन गैस की सप्लाई होते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद जीएच में गंभीर बीमारी के मरीजों का उपचार संभव हो सकेगा। डॉ. राजेश ने बताया कि विभाग द्वारा पांच वेंटिलेटर मशीनें उपलब्ध कराई जानी हैं। इसमें तीन वेंटिलेटर मशीनें सामान्य के लिए जबकि दो बच्चों के लिए होगी। इसके लिए मॉनिटर व ईसीजी मशीन समेत अन्य उपकरण लिए जा रहे हैं। डॉ. वैभव यादव ने बताया कि पांच छोटे वेंटिलेटर मिले हैं। उनका बुधवार को निरीक्षण किया गया है। जल्द ही इन्हें भी आईसीयू में स्टाल कर दिया जाएगा। इससे मरीजों को नारनौल में आईसीयू की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डॉ. वैभव ने बताया कि एसवेंट एक प्रकार से वेंटिलेटर होता है लेकिन, सामान्य वेंटिलेटर में कई फीचर होते हैं। लेकिन, इमरजेंसी में छोटे वेंटिलेटर से भी काम हो जाता है। अभी तक जिले में वेंटिलेटर नहीं था। जल्द ही जिले के लोगों को यह सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।