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सरसों का कमीशन न मिलने से आढ़ती नाराज
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सरसों की खरीद का कमीशन न मिलने से आढ़तियों में नाराजगी है। उनका कहना है की छह माह बाद भी सरसों की खरीद के पैसे डीएफएससी से नहीं मिले है। एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद शुरू हो जाएगी। आढ़तियों का कहना है कि प्रशासन इसे लेकर जल्द निर्णय लें। बाजरे की खरीद नारनौल नई अनाज मंडी में होगी।
द खाद्यान्न एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव ने बताया की सरसों की खरीद में व्यापारी हैंडलिंग एजेंट बने थे। उन्होंने डीएफएससी से लेबर चार्ज व कमीशन नहीं मिला है। इससे व्यापारियों में बाजरा परचेज की प्रति नाराजगी है। उन्होंने कहा व्यापारियों का लाखों रुपये विभाग के फंसे हुए हैं। प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अशोक ने कहा कि ऐसे हालात में बाजारे की खरीद डीएफएसी के साथ कैसे हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि खरीद कार्य दूसरी एजेंसी को दिया जाए। वहीं करोबारी रमेश ने भी कहा की डीएफएसी को जल्द पैसे देने चाहिए। डीएफएससी कप्तान सिंह ने बताया की पैसे हैफेड से नहीं मिले हैं। इस कारण से आगे पैसे नहीं दिए जा सके। उन्होंने कहा की इस बारे हैफेड के जीएम से बात की जाएगी।
मौसम को देखते हुए नई अनाज मंडी होगी खरीद
जिले में एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद कार्य शुरू होने जा रहा है। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नांगल चौधरी रोड पर नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद कराने का फैसला लिया है।
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शहर से बाहर होने से किसानों को भी राहत मिलती है, क्योंकि यहां पर जाम की समस्या नहीं आती। पिछले साल बाजरे की खरीद कुछ दिन तक नई अनाज मंडी से हुई थी। लेकिन, कई आढ़ती नई मंडी में नहीं गए और प्रशासन को पुरानी मंडी में खरीद करानी पड़ी थी। सरसों की खरीद भी पहले कुछ दिन पुरानी मंडी में हुई थी। किसानों के विरोध के कारण खरीद के बीच में जिला प्रशासन ने नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद करनी पड़ी। मार्केट कमेटी के सचिव अशोक यादव ने बताया की नारनौल मार्केट कमेटी में करीब 11000 व नांगल चौधरी के तहत 7000 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। हैफेड के जिला प्रबंधक रामकुवार ने बताया कि सरकार के प्रधान सचिव ने एक अक्टूबर से बाजरे की खरीद शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। फसल बेचने आए किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए गोदाम तथा उठान के टेंडर के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। खरीद के शुरूआती हफ्ते में बाजरे की खरीद फूड सप्लाई विभाग करेगा व बाद में हैफेड व वेयर हाउस खरीद करेंगे।
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द खाद्यान्न एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव ने बताया की सरसों की खरीद में व्यापारी हैंडलिंग एजेंट बने थे। उन्होंने डीएफएससी से लेबर चार्ज व कमीशन नहीं मिला है। इससे व्यापारियों में बाजरा परचेज की प्रति नाराजगी है। उन्होंने कहा व्यापारियों का लाखों रुपये विभाग के फंसे हुए हैं। प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अशोक ने कहा कि ऐसे हालात में बाजारे की खरीद डीएफएसी के साथ कैसे हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि खरीद कार्य दूसरी एजेंसी को दिया जाए। वहीं करोबारी रमेश ने भी कहा की डीएफएसी को जल्द पैसे देने चाहिए। डीएफएससी कप्तान सिंह ने बताया की पैसे हैफेड से नहीं मिले हैं। इस कारण से आगे पैसे नहीं दिए जा सके। उन्होंने कहा की इस बारे हैफेड के जीएम से बात की जाएगी।
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मौसम को देखते हुए नई अनाज मंडी होगी खरीद
जिले में एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद कार्य शुरू होने जा रहा है। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नांगल चौधरी रोड पर नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद कराने का फैसला लिया है।
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शहर से बाहर होने से किसानों को भी राहत मिलती है, क्योंकि यहां पर जाम की समस्या नहीं आती। पिछले साल बाजरे की खरीद कुछ दिन तक नई अनाज मंडी से हुई थी। लेकिन, कई आढ़ती नई मंडी में नहीं गए और प्रशासन को पुरानी मंडी में खरीद करानी पड़ी थी। सरसों की खरीद भी पहले कुछ दिन पुरानी मंडी में हुई थी। किसानों के विरोध के कारण खरीद के बीच में जिला प्रशासन ने नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद करनी पड़ी। मार्केट कमेटी के सचिव अशोक यादव ने बताया की नारनौल मार्केट कमेटी में करीब 11000 व नांगल चौधरी के तहत 7000 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। हैफेड के जिला प्रबंधक रामकुवार ने बताया कि सरकार के प्रधान सचिव ने एक अक्टूबर से बाजरे की खरीद शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। फसल बेचने आए किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए गोदाम तथा उठान के टेंडर के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। खरीद के शुरूआती हफ्ते में बाजरे की खरीद फूड सप्लाई विभाग करेगा व बाद में हैफेड व वेयर हाउस खरीद करेंगे।