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Mahendragarh-Narnaul News: फसल बीमा का दायरा सिमटा, छह साल में सबसे कम कवरेज
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फोटो 5 निजामपुर क्षेत्र में खड़ी बाजरे की फसल।संवाद
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नारनौल। मेरी फसल मेरा बीमा योजना में किसानों की रुचि लगातार घटती जा रही है। खरीफ 2026 में अब तक जिले के महज 8,756 किसानों का 8,980 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित हुआ है जिसकी कुल बीमित राशि 61.29 करोड़ रुपये है। बीमा कराने वाले किसानों की यह संख्या वर्ष 2019 से 2022 के बीच योजना में शामिल होने वाले किसानों की तुलना में बेहद कम है।
आंकड़ों के अनुसार खरीफ 2019 में 52,215, रबी 2019-20 में 55,857, खरीफ 2020 में 48,345 और रबी 2020-21 में 52,657 किसान योजना से जुड़े थे। खरीफ 2021 में 48,763, रबी 2021-22 में 56,855, खरीफ 2022 में 52,519 और रबी 2022-23 में 55,292 किसानों ने फसल का बीमा कराया था। यानी शुरुआती वर्षों में प्रत्येक सीजन में करीब 50 हजार से अधिक किसान योजना में शामिल हो रहे थे।
2019 से अब तक 200.94 करोड़ का प्रीमियम
वर्ष 2019 से खरीफ 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक किसानों ने फसल बीमा के लिए कुल 200.94 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया। इसमें किसानों की हिस्सेदारी 49.20 करोड़, राज्य सरकार की 77.74 करोड़ और केंद्र सरकार की 74.01 करोड़ रुपये रही।
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किसानों को मिले करीब 90 करोड़ के दावे
इस अवधि में फसल नुकसान के एवज में करीब 90 करोड़ रुपये के बीमा दावे दर्ज किए गए हैं। इनमें खरीफ 2020 में 22.97 करोड़, खरीफ 2022 में 14.45 करोड़ और रबी 2022-23 में 13.22 करोड़ रुपये के दावे प्रमुख रहे।
2024 के बाद तेजी से घटा कवरेज
वर्ष 2024 के बाद योजना में किसानों की भागीदारी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। खरीफ 2024 में 13,894, रबी 2024-25 में 12,595, खरीफ 2025 में 12,695 और रबी 2025-26 में 12,841 किसान ही बीमा योजना में शामिल हुए।
पुराने आंकड़ों के मुकाबले 2026 में बड़ा अंतर
रबी 2025-26 के दावे अभी प्रक्रिया में हैं। आंकड़े बताते हैं कि जहां 2019 से 2022 तक हर सीजन में करीब 50-56 हजार किसान बीमा करा रहे थे, वहीं अब यह संख्या 10 हजार से भी नीचे पहुंच गई है। इससे योजना के प्रति किसानों की घटती रुचि साफ नजर आती है।
वर्जन:
जिले में मेरी फसल बीमा योजना को लेकर लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इस बार बीते वर्षों की तुलना में किसानों के बीमा के लिए कम आवेदन आए हैं। जिले में 8756 किसान बीमा करवा चुके हैं।-पंकज खोश्या, नोडल अधिकारी, कृषि विभाग नारनौल।
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आंकड़ों के अनुसार खरीफ 2019 में 52,215, रबी 2019-20 में 55,857, खरीफ 2020 में 48,345 और रबी 2020-21 में 52,657 किसान योजना से जुड़े थे। खरीफ 2021 में 48,763, रबी 2021-22 में 56,855, खरीफ 2022 में 52,519 और रबी 2022-23 में 55,292 किसानों ने फसल का बीमा कराया था। यानी शुरुआती वर्षों में प्रत्येक सीजन में करीब 50 हजार से अधिक किसान योजना में शामिल हो रहे थे।
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2019 से अब तक 200.94 करोड़ का प्रीमियम
वर्ष 2019 से खरीफ 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक किसानों ने फसल बीमा के लिए कुल 200.94 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया। इसमें किसानों की हिस्सेदारी 49.20 करोड़, राज्य सरकार की 77.74 करोड़ और केंद्र सरकार की 74.01 करोड़ रुपये रही।
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किसानों को मिले करीब 90 करोड़ के दावे
इस अवधि में फसल नुकसान के एवज में करीब 90 करोड़ रुपये के बीमा दावे दर्ज किए गए हैं। इनमें खरीफ 2020 में 22.97 करोड़, खरीफ 2022 में 14.45 करोड़ और रबी 2022-23 में 13.22 करोड़ रुपये के दावे प्रमुख रहे।
2024 के बाद तेजी से घटा कवरेज
वर्ष 2024 के बाद योजना में किसानों की भागीदारी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। खरीफ 2024 में 13,894, रबी 2024-25 में 12,595, खरीफ 2025 में 12,695 और रबी 2025-26 में 12,841 किसान ही बीमा योजना में शामिल हुए।
पुराने आंकड़ों के मुकाबले 2026 में बड़ा अंतर
रबी 2025-26 के दावे अभी प्रक्रिया में हैं। आंकड़े बताते हैं कि जहां 2019 से 2022 तक हर सीजन में करीब 50-56 हजार किसान बीमा करा रहे थे, वहीं अब यह संख्या 10 हजार से भी नीचे पहुंच गई है। इससे योजना के प्रति किसानों की घटती रुचि साफ नजर आती है।
वर्जन:
जिले में मेरी फसल बीमा योजना को लेकर लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इस बार बीते वर्षों की तुलना में किसानों के बीमा के लिए कम आवेदन आए हैं। जिले में 8756 किसान बीमा करवा चुके हैं।-पंकज खोश्या, नोडल अधिकारी, कृषि विभाग नारनौल।