फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   city is garbage damp

शहर में लगे कचरे के ढेर खोल रहे स्वच्छता की पोल

Sat, 11 Jan 2020 11:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jan 2020 11:21 PM IST
विज्ञापन
city is garbage damp
मोहल्ला सैनीपुरा में लगा गंदगी का ढेर। - फोटो : Narnol
देश भर में स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है। जिसमें 4 से 31 जनवरी के बीच किसी भी समय केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई टीम शहर का सर्वेक्षण करेगी। स्वच्छता अभियान को लेकर नगर पालिका ने स्वच्छता के होर्डिंग्स लगाकर ही अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली है। शहर में जगह जगह लगे कचरे के ढेर इन होर्डिंग्स पर लिखे स्वच्छता स्लोगन की की पोल खोल रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की रेस की शुरुआती दौर में ही रेस से बाहर हो सकते हैं।
विज्ञापन

नगर पालिका की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर कोई तैयारी नजर नहीं आ रही। जमीनी स्तर पर नपा की तैयारियां कहीं नजर नहीं आ रही है। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैैं। शौचालयों की सफाई नहीं हो रही, दूषित पानी सड़कों पर बह रहा है। ऐसे में नगर सर्वे के मापदंडों पर खरा उतरना तो दूर मार्किंग की रैंकिंग में शामिल हो जाए तो बड़ी बात होगी। स्वच्छता सर्वेक्षण के मापदंडों के हिसाब से शहर की स्थिति बेहद चिंताजनक है। इसके तहत कचरा संग्रहण एवं परिवहन, प्रसंस्करण एवं निष्पादन, खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ), आईईसी एवं व्यवहार परिर्वतन, क्षमता वृद्धि सहित कई बिंदुओं पर दिल्ली की टीम जांच करेगी। इसके बाद मिले अंकों के आधार पर प्रदेश में शहर की रैंक तय हो पाएगी। शहर इस परीक्षा में पास हो पाएगी। इसकी उम्मींदे कम ही नजर आ रहीं हैं।
विज्ञापन

जगह-जगह फैला कचरा
कानौड़ नगर बेहद स्वच्छ नहीं है । जगह-जगह कूड़ा पसरा है। नपा ने बाजार में कहीं भी कूड़ेदान नहीं लगवा रखे हैं। दुकानदार सड़कों पर कूड़ा डाल जाते हैं। शहर में कहीं भी कूड़ा निस्तारण संयंत्र नहीं लगा हुआ। नगरपालिका सफाई कर्मचारी दिन में जितना भी कूड़ा उठाते हैं उसे जेल के सामने खाली जगह पर डाल देते हैं। इसके अलावा मोदाश्रम से देवास को जाने वाले रोड के साथ खुले जंगल में डाल देते हैं। कूड़े का रिसाइकिल नहीं किया जाता है। महेंद्रगढ़ से प्रतिदिन करीब 10 टन कूड़ा निकलता है। वहीं नगर पालिका एवं जिला प्रशासन ने तो शहर को लावारिस पशु मुक्त कर दिया है। हकीकत यह है कि शहर में आज भी 500 से अधिक लावारिस पशु सड़कों पर घूम रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

खुले में शौच मुक्त नहीं हुआ शहर
कागजों में शहर खुले में शौच मुक्त हो चुका परंतु असल में यह शौचमुक्त नहीं हुआ है। झुग्गी झोपड़ी निवासियों के लिए पर्याप्त शौचालय नहीं है। जहां शौचालय रखे गए हैं, वहां अधिकांश में पानी की व्यवस्था नहीं है। शौचालयों की सफाई भी नहीं होती। लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
सभी घरों से नहीं उठाया जा रही कूड़ा
महेंद्रगढ़ शहर में दो वर्ष पहले घर-घर से कूड़ा उठाने का काम शुरू किया था। उस समय पालिका ने कूड़ा कलेक्शन के लिए पांच टैंपों खरीदते थे। पांच टेपो शहर के सभी 15 वार्डों में नहीं घूम सकते हैं। इसके अलावा बाजार, गली, मोहल्लों में कूड़दान भी नहीं लगे हुए। इसलिए कई लोगों ने कूड़ेदान के अभाव में कूड़े डालने का प्वाइंट बनाय हुआ है। जहां पर लोग कचरा डाल देते हैं।
स्वच्छता एप से लोगों को जोड़ने के लिए नहीं चलाया कोई अभियान
जब परीक्षा सिर पर आ गई तब भी नगर पालिका को स्वच्छता एप याद नहीं आया। स्वच्छता एप के बारे में नपा ने अभी लोगों को जोड़ने का काम भी शुरू नहीं किया। लोगों एप के बारे में किसी को जानकारी नहीं दी जा रही। वहीं होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे आदि की सफाई भी चेक नहीं की जा रही।

स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर 20 फ्लैक्स बोर्ड लगाए गए हैं। जहां शिकायत मिलेगी वहां सफाई कराई जाएगी। सोमवार को पार्षदों की मीटिंग है। मीटिंग के बाद शहर की सफाई पर ध्यान दिया जाएगा।
- रीना गर्ग, नगर पालिका चेयरपर्सन, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed